Weather Forecast : अप्रैल में ही हीट वेव का कहर, देश के कई राज्य झुलसेंगे, जानिए अगले 5 दिन के मौसम का हाल

Edited by Rajneesh Anand
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Weather forecast अप्रैल का महीना काफी गर्म होने वाला है. मौसम विभाग ने बिहार, झारखंड और दिल्ली को लेकर जानकारी दी है.

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weather forecast : अप्रैल के महीने में मौसम का मिजाज काफी गरमाया रहेगा जिसकी वजह से देश के कई राज्यों में लोगों की भीषण गर्मी का सामना करना पड़ सकता है. मौसम विभाग द्वारा आज जारी बुलेटिन के अनुसार अगले पांच दिनों में बिहार, झारखंड, बंगाल, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के कई क्षेत्रों में भीषण गर्मी पड़ेगी और हीट वेव का सामना भी लोगों को करना पड़ सकता है.

चलेगा हीट वेव

मौसम विभाग के अनुसार पांच तारीख से झारखंड के कई इलाकों में हीट वेव चलने की संभावना है. इसके साथ ही ओडिशा और पश्चिम बंगाल के कई इलाकों में भी हीट वेव चलेगी. वहीं बिहार, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में भी तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है. संभावना है कि अगले दो दिनों में तापमान दो से तीन डिग्री बढ़ेगा.


नार्थ ईस्ट में होगी बारिश

मौसम विभाग के वैज्ञानिक ने बताया कि अगले पांच दिनों में देश के अधिकतर राज्यों में तापमान 36 से 39 डिग्री के बीच रहने की संभावना है. जबकि नार्थ ईस्ट के राज्यों में मौसम खुशनुमा रहेगा और बारिश के आसार हैं. बारिश सात अप्रैल से शुरू होगी जो अगले दो-तीन दिन तक जारी रहेगी.

Weather Forecast

दिल्ली-एनसीआर में बढ़ेगी गर्मी

दिल्ली एनसीआर में भी गर्मी रहेगी, लेकिन अभी यहां हीट वेब की भविष्याणी नहीं की गई है. मौसम शुष्क रहेगा और अधिकतम तापमान 30 से 34 डिग्री के बीच रहेगा. वहीं छत्तीसगढ़ और विदर्भ में न्यूनतम तापमान में भी बढ़ोतरी होगी जिसकी वजह से रातें गर्म होंगी.

बिहार में स्कूल 15 से बंद

बिहार में गर्मी का प्रकोप बढ़ रहा है इसलिए गर्मी की छुट्टी 15 अप्रैल से घोषित कर दी गई है. शिक्षा विभाग ने अभी स्कूलों का समय बदलने से मना किया और कहा है कि अगर स्कूल खुलने के बाद भी गर्मी रहेगी तो उस वक्त फैसला किया जाएगा.

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Rajneesh Anand

लेखक के बारे में

By Rajneesh Anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है.पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखती हैं. झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रजनीश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2000-01 में पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने पहली नौकरी झारखंड जागरण दैनिक अखबार में की. उसके बाद इन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस तथा दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य संस्करणों में काम करने के बाद वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रजनीश आनंद की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, गहन शोध और विश्लेषणात्मक लेखन के लिए है. उनकी रुचि राजनीति, सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों में रही है। उन्होंने हमेशा उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है जो समाज के हाशिये पर खड़े लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में अपेक्षाकृत कम स्थान पाते हैं. वे कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर कार्य किया. इसके अतिरिक्त सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की. आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है. हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं. उनका मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तभी सफल होगी जब उसमें प्रभावित समुदायों की भागीदारी और हितों को केंद्र में रखा जाए.पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है. जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पड़ताल और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर लिखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है. इसके अतिरिक्त रजनीश आनंद कहानियां और कविताएं लिखने का शौक भी रखती है.

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