Watch Video : लोकसभा में आग बबूला हुए असदुद्दीन ओवैसी, वक्फ विधेयक के मसौदे की प्रति फाड़ी

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एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी

Watch Video : एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने लोकसभा में वक्फ विधेयक के मसौदे की प्रति फाड़ दी. सदन में वे नाराज नजर आए. उन्होंने कहा कि मैंने कुछ सुधार करने को कहा है. स्पीकर की ओर इशारा करते हुए ओवैसी ने कहा कि मेरे आग्रह को स्वीकार किया जाए.

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Watch Video : एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने बुधवार रात को लोकसभा में वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 का विरोध करते हुए इसके मसौदे की प्रति फाड़ दी. सदन में विधेयक पर चर्चा में भाग लेते हुए ओवैसी ने कहा कि यह भारत के ईमान पर हमला है और मुसलमानों को अपमानित करने के लिए लाया गया है. उन्होंने कहा, ‘‘इस विधेयक को लाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के सबसे बड़े अल्पसंख्यक समूह के खिलाफ जंग छेड़ दी है.’’ देखें वीडियो

असदुद्दीन ओवैसी ने लोकसभा में वक्फ (संशोधन) विधेयक का कड़ा विरोध किया. उन्होंने इस विधेयक की प्रति को फाड़ते हुए इसे असंवैधानिक और मुस्लिम समुदाय के खिलाफ बताया. लोकसभा में वे गुस्से में नजर आए. ओवैसी ने आरोप लगाया कि यह विधेयक मुस्लिम समुदाय की धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला है. इसके जरिए मस्जिदों, दरगाहों और मदरसों को निशाना बनाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि यह विधेयक संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन करता है. यह अनुच्छेद समानता के अधिकार की गारंटी देता है.

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मंदिरों और मस्जिदों के नाम पर समाज में होगा विभाजन : ओवैसी

ओवैसी ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह मंदिरों और मस्जिदों के नाम पर समाज में विभाजन पैदा करना चाहती है. उन्होंने विधेयक की प्रति फाड़ते हुए इसे अस्वीकार कर दिया. एआईएमआईएम सांसद कहा कि यह मुस्लिम समुदाय के अधिकारों के खिलाफ है. इस विधेयक को लेकर संसद में तीखी बहस हुई, जिसमें विपक्षी दलों ने इसे मुस्लिम समुदाय के खिलाफ बताया, जबकि सरकार का कहना है कि यह वक्फ संपत्तियों के बेहतर प्रबंधन के लिए जरूरी है.

असंवैधानिक जैसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए : किरेन रिजिजू

लोकसभा में संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, “मैं सभी नेताओं को बिल के बारे में अपने विचार रखने के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं. कुछ नेता कह रहे हैं कि बिल असंवैधानिक है, और मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि वे कैसे कह सकते हैं कि बिल असंवैधानिक है. अगर यह असंवैधानिक था, तो अदालत ने इसे रद्द क्यों नहीं किया? असंवैधानिक जैसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए. बिल संविधान के खिलाफ नहीं है.”

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अमिताभ कुमार

लेखक के बारे में

By अमिताभ कुमार

अमिताभ कुमार प्रभात खबर डिजिटल में Sr. Content writer हैं. पिछले 15 साल से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं.

अमिताभ 1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है.

प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है. 📩 संपर्क : amitabh.kumar@prabhatkhabar.in

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