PM मोदी की विदेश नीति पर राहुल गांधी का तंज, बोले- 'नेताओं को गले लगाना विदेश नीति नहीं'

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कार्यक्रम के दौरान एक व्यक्ति को गले लगाते राहुल गांधी (फोटो : Congress)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ल्ड लीडर्स को मुलाकात के दौरान गले लगाने को लेकर राहुल गांधी ने तंज कसा. दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान नेता प्रतिपक्ष ने एक व्यक्ति को गले लगाकर मजाकिया अंदाज में बताया कि कैसे पीएम अन्य देश के नेताओं को गर्मजोशी के साथ गले लगा लिया करते हैं.

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Rahul Gandhi on Modi's foreign policy : लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मोदी सरकार की विदेश नीति को लेकर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि विदेश नीति का मतलब दूसरे देशों के नेताओं से दोस्ती या उन्हें गले लगाना नहीं है, बल्कि भारत के राष्ट्रीय हितों की रक्षा करना है. कांग्रेस के रचनात्मक राष्ट्रीय सम्मेलन में बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री जब विदेश जाते हैं तो उनकी भूमिका दोस्ती निभाने की नहीं, बल्कि देश के हितों को आगे रखने की होती है.

इंदिरा गांधी का किस्सा सुनाया

राहुल गांधी ने अपनी दादी और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से जुड़ा एक पुराना किस्सा भी सुनाया. उन्होंने बताया कि बचपन में वह अपनी मां सोनिया गांधी और बहन प्रियंका गांधी के साथ अमेरिका गए थे. उस दौरान इंदिरा गांधी एक आधिकारिक डिनर में शामिल हुई थीं. राहुल के मुताबिक, लौटने के बाद इंदिरा गांधी ने सोनिया गांधी से कहा था कि अमेरिकी लोग उन्हें मूर्ख समझ रहे हैं. राहुल ने बताया कि इंदिरा गांधी ने इसकी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति की पत्नी नैन्सी रीगन की साड़ी के रंग से मिलते-जुलते कपड़े पहनने को बताया था. राहुल ने इस किस्से के जरिए कहा कि अंतरराष्ट्रीय रिश्तों में दिखने वाली गर्मजोशी से ज्यादा महत्वपूर्ण देश का हित होता है.

RSS पर भी राहुल गांधी का हमला

राहुल गांधी ने अपने भाषण में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को लेकर भी टिप्पणी की. उन्होंने दावा किया कि RSS पहले छोटे कारोबारियों, सुनारों और ज्वेलर्स जैसे वर्गों से जुड़ा हुआ था, लेकिन अब बड़े पूंजीपतियों के प्रभाव में आ गया है. उन्होंने कहा कि उनके मुताबिक RSS का पुराना स्वरूप अब खत्म हो चुका है और वह बड़े पूंजी के एक साधन के रूप में काम कर रहा है.

‘भारत को आज समझना होगा’

कांग्रेस नेता ने कहा कि भारत को समझने के लिए सिर्फ उसके पुराने इतिहास को देखना पर्याप्त नहीं है, बल्कि आज के भारत और उसकी आवाज को समझना जरूरी है. उन्होंने RSS पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग भारत को उसके मौजूदा स्वरूप और लोगों की अभिव्यक्ति से जोड़कर नहीं देखते, वे भारत को सही मायने में नहीं समझ सकते.

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आलोक पाठक

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By आलोक पाठक

आलोक पाठक वर्ष 2019 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अपने पत्रकारिता सफर के दौरान वे खबर मंत्र, गांडीव और नक्षत्र न्यूज़ जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं। वर्तमान में वे प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। हिंदी भाषा और लेखन के प्रति उनका विशेष लगाव है। उन्हें भू-राजनीति (Geopolitics) और राष्ट्रीय राजनीति से जुड़े विषयों पर लिखना पसंद है। निजी जीवन में कहानियां और कविताएं लिखना तथा कालजयी साहित्य का अध्ययन उनकी प्रमुख रुचियों में शामिल है। उनका प्रयास तथ्यों पर आधारित, सरल और प्रभावी लेखन के माध्यम से पाठकों तक सार्थक जानकारी पहुंचाना है।

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