Waqf Law Violence: बीजेपी नेता ने मुर्शिदाबाद में AFSPA लगाने की मांग की, जानें अब कैसे हैं हालात
Waqf Law Violence: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में वक्फ (संशोधन) अधिनियम के खिलाफ हुए हिंसक विरोध प्रदर्शन के बाद स्थिति नियंत्रण में है. शनिवार को पिता-पुत्र सहित 3 लोगों की मौत के सिलसिले में 12 और लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इसके साथ ही अब तक 150 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. इस बीच बीजेपी नेता ने मुर्शिदाबाद में सशस्त्र बल (विशेष शक्तियां) अधिनियम (AFSPA) लगाने की मांग की है.
Waqf Law Violence: पुरुलिया से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद ज्योतिर्मय सिंह महतो ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर केंद्र सरकार से पश्चिम बंगाल के कुछ सीमावर्ती जिलों को सशस्त्र बल (विशेष शक्तियां) अधिनियम (AFSPA) के तहत अशांत क्षेत्र घोषित करने का आग्रह किया है. उन्होंने AFSPA लगाने की मांग की है. उन्होंने हिंदू समुदाय पर बार-बार हमले होने का आरोप लगाया है. महतो ने 13 अप्रैल को लिखे पत्र में आरोप लगाया कि मुर्शिदाबाद, मालदा, नदिया और दक्षिण 24 परगना जैसे जिलों में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा की घटनाएं हुई हैं लेकिन राज्य की तृणमूल कांग्रेस सरकार ने तुष्टिकरण की राजनीति के कारण आंखें मूंद ली हैं. उन्होंने दावा किया कि हाल ही में मुर्शिदाबाद जिले में 86 से अधिक हिंदुओं के मकानों और दुकानों को लूटा गया या नष्ट कर दिया गया और हरगोबिंदो दास नामक व्यक्ति और उसके बेटे समेत कुछ लोगों की हत्या कर दी गई. उन्होंने गृह मंत्री शाह को लिखे अपने पत्र में कहा- “मैं आपसे बहुत सम्मानपूर्वक आग्रह करता हूं कि पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती जिलों में अफस्पा लागू करें.”
बीजेपी सांसद का आरोप, हिंदुओं के मकानों और संपत्तियों पर निशाना साधा जा रहा
बीजेपी सांसद ने कहा कि झाउबोना गांव में पान के बागानों में आग लगा दी गई। सांसद ने कहा कि सीमावर्ती जिलों में भी इसी तरह की अशांति फैली है. वक्फ (संशोधन) अधिनियम को लेकर भड़की हिंसा का जिक्र करते हुए महतो ने आरोप लगाया कि भीड़ ने हिंदुओं के मकानों, सार्वजनिक संपत्ति और यहां तक कि पुलिस बलों पर भी हमला किया. सांसद ने स्थिति की तुलना 1990 में कश्मीरी पंडितों के पलायन से करते हुए चेतावनी दी कि अगर तत्काल कदम नहीं उठाए गए तो बंगाल में भी ऐसे हालात पैदा हो जाएंगे.
बीजेपी सांसद का आरोप, हिंदुओं के मकानों और संपत्तियों पर निशाना साधा जा रहा
बीजेपी सांसद ने कहा कि झाउबोना गांव में पान के बागानों में आग लगा दी गई. सांसद ने कहा कि सीमावर्ती जिलों में भी इसी तरह की अशांति फैली है. वक्फ (संशोधन) अधिनियम को लेकर भड़की हिंसा का जिक्र करते हुए महतो ने आरोप लगाया कि भीड़ ने हिंदुओं के मकानों, सार्वजनिक संपत्ति और यहां तक कि पुलिस बलों पर भी हमला किया. सांसद ने स्थिति की तुलना 1990 में कश्मीरी पंडितों के पलायन से करते हुए चेतावनी दी कि अगर तत्काल कदम नहीं उठाए गए तो बंगाल में भी ऐसे हालात पैदा हो जाएंगे.
अब कैसे हैं मुर्शिदाबाद के हालात?
मुर्शिदाबाद हिंसा पर पुलिस ने बताया कि मुस्लिम बहुल जिले में कहीं से भी हिंसा की कोई नयी घटना सामने नहीं आई और सुरक्षा बल कड़ी निगरानी कर रहे हैं. पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “जिले के सुती, धुलियान, शमशेरगंज और जंगीपुर इलाकों में स्थिति शांतिपूर्ण है. रात भर छापेमारी जारी रही और 12 और लोगों को गिरफ्तार किया गया। इसके साथ ही अब तक 150 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. हिंसा प्रभावित इलाकों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है और इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं. सुरक्षा बल मुख्य सड़कों पर वाहनों की जांच कर रहे हैं और संवेदनशील इलाकों में गश्त कर रहे हैं. हिंसा की घटनाओं की जांच जारी है, और गिरफ्तारियां होने की संभावना है.”
क्या हुआ था और क्यों भड़की हिंसा?
मुर्शिदाबाद में शुक्रवार को नए वक्फ (संशोधन) अधिनियम के विरोध में राज्य के विभिन्न हिस्सों, खासकर मुर्शिदाबाद में हिंसा भड़कने पर पुलिस वैन समेत कई वाहनों में आग लगा दी गई थी, सुरक्षा बलों पर पत्थर फेंके गए और सड़कें जाम कर दी गई थीं. शनिवार को भी कुछ जगहों पर हिंसा भड़कने की खबरें आईं. हिंसा के बीच शनिवार को शमशेरगंज के जाफराबाद में एक व्यक्ति और उसके बेटे के शव उनके घर से बरामद किए गए, जिन पर चाकू से कई वार किए गए थे. पुलिस के अनुसार, उनकी पहचान हरगोबिंदो दास और चंदन दास के रूप में हुई है. शुक्रवार को हुई हिंसा में कम से कम 18 पुलिसकर्मी घायल हो गए.
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लेखक के बारे में
By अरबिंद कुमार मिश्रा
अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.
झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.
करियर का सफरनामा
अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.
प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग
खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:
34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.
पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.
पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.
शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)
UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.
बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.
एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.
लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.
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