Waqf Law Violence: बीजेपी नेता ने मुर्शिदाबाद में AFSPA लगाने की मांग की, जानें अब कैसे हैं हालात

Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 13 Apr 2025 2:52 PM

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Waqf Law Murshidabad Violence

Waqf Law Violence: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में वक्फ (संशोधन) अधिनियम के खिलाफ हुए हिंसक विरोध प्रदर्शन के बाद स्थिति नियंत्रण में है. शनिवार को पिता-पुत्र सहित 3 लोगों की मौत के सिलसिले में 12 और लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इसके साथ ही अब तक 150 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. इस बीच बीजेपी नेता ने मुर्शिदाबाद में सशस्त्र बल (विशेष शक्तियां) अधिनियम (AFSPA) लगाने की मांग की है.

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Waqf Law Violence: पुरुलिया से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद ज्योतिर्मय सिंह महतो ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर केंद्र सरकार से पश्चिम बंगाल के कुछ सीमावर्ती जिलों को सशस्त्र बल (विशेष शक्तियां) अधिनियम (AFSPA) के तहत अशांत क्षेत्र घोषित करने का आग्रह किया है. उन्होंने AFSPA लगाने की मांग की है. उन्होंने हिंदू समुदाय पर बार-बार हमले होने का आरोप लगाया है. महतो ने 13 अप्रैल को लिखे पत्र में आरोप लगाया कि मुर्शिदाबाद, मालदा, नदिया और दक्षिण 24 परगना जैसे जिलों में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा की घटनाएं हुई हैं लेकिन राज्य की तृणमूल कांग्रेस सरकार ने तुष्टिकरण की राजनीति के कारण आंखें मूंद ली हैं. उन्होंने दावा किया कि हाल ही में मुर्शिदाबाद जिले में 86 से अधिक हिंदुओं के मकानों और दुकानों को लूटा गया या नष्ट कर दिया गया और हरगोबिंदो दास नामक व्यक्ति और उसके बेटे समेत कुछ लोगों की हत्या कर दी गई. उन्होंने गृह मंत्री शाह को लिखे अपने पत्र में कहा- “मैं आपसे बहुत सम्मानपूर्वक आग्रह करता हूं कि पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती जिलों में अफस्पा लागू करें.”

बीजेपी सांसद का आरोप, हिंदुओं के मकानों और संपत्तियों पर निशाना साधा जा रहा

बीजेपी सांसद ने कहा कि झाउबोना गांव में पान के बागानों में आग लगा दी गई। सांसद ने कहा कि सीमावर्ती जिलों में भी इसी तरह की अशांति फैली है. वक्फ (संशोधन) अधिनियम को लेकर भड़की हिंसा का जिक्र करते हुए महतो ने आरोप लगाया कि भीड़ ने हिंदुओं के मकानों, सार्वजनिक संपत्ति और यहां तक ​​कि पुलिस बलों पर भी हमला किया. सांसद ने स्थिति की तुलना 1990 में कश्मीरी पंडितों के पलायन से करते हुए चेतावनी दी कि अगर तत्काल कदम नहीं उठाए गए तो बंगाल में भी ऐसे हालात पैदा हो जाएंगे.

बीजेपी सांसद का आरोप, हिंदुओं के मकानों और संपत्तियों पर निशाना साधा जा रहा

बीजेपी सांसद ने कहा कि झाउबोना गांव में पान के बागानों में आग लगा दी गई. सांसद ने कहा कि सीमावर्ती जिलों में भी इसी तरह की अशांति फैली है. वक्फ (संशोधन) अधिनियम को लेकर भड़की हिंसा का जिक्र करते हुए महतो ने आरोप लगाया कि भीड़ ने हिंदुओं के मकानों, सार्वजनिक संपत्ति और यहां तक ​​कि पुलिस बलों पर भी हमला किया. सांसद ने स्थिति की तुलना 1990 में कश्मीरी पंडितों के पलायन से करते हुए चेतावनी दी कि अगर तत्काल कदम नहीं उठाए गए तो बंगाल में भी ऐसे हालात पैदा हो जाएंगे.

अब कैसे हैं मुर्शिदाबाद के हालात?

मुर्शिदाबाद हिंसा पर पुलिस ने बताया कि मुस्लिम बहुल जिले में कहीं से भी हिंसा की कोई नयी घटना सामने नहीं आई और सुरक्षा बल कड़ी निगरानी कर रहे हैं. पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “जिले के सुती, धुलियान, शमशेरगंज और जंगीपुर इलाकों में स्थिति शांतिपूर्ण है. रात भर छापेमारी जारी रही और 12 और लोगों को गिरफ्तार किया गया। इसके साथ ही अब तक 150 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. हिंसा प्रभावित इलाकों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है और इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं. सुरक्षा बल मुख्य सड़कों पर वाहनों की जांच कर रहे हैं और संवेदनशील इलाकों में गश्त कर रहे हैं. हिंसा की घटनाओं की जांच जारी है, और गिरफ्तारियां होने की संभावना है.”

क्या हुआ था और क्यों भड़की हिंसा?

मुर्शिदाबाद में शुक्रवार को नए वक्फ (संशोधन) अधिनियम के विरोध में राज्य के विभिन्न हिस्सों, खासकर मुर्शिदाबाद में हिंसा भड़कने पर पुलिस वैन समेत कई वाहनों में आग लगा दी गई थी, सुरक्षा बलों पर पत्थर फेंके गए और सड़कें जाम कर दी गई थीं. शनिवार को भी कुछ जगहों पर हिंसा भड़कने की खबरें आईं. हिंसा के बीच शनिवार को शमशेरगंज के जाफराबाद में एक व्यक्ति और उसके बेटे के शव उनके घर से बरामद किए गए, जिन पर चाकू से कई वार किए गए थे. पुलिस के अनुसार, उनकी पहचान हरगोबिंदो दास और चंदन दास के रूप में हुई है. शुक्रवार को हुई हिंसा में कम से कम 18 पुलिसकर्मी घायल हो गए.

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ArbindKumar Mishra

लेखक के बारे में

By ArbindKumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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