Waqf Bill: मोदी सरकार इसी सत्र में लेकर आएगी वक्फ बिल, 2 अप्रैल को लोकसभा में हो सकता है पेश
Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 31 Mar 2025 4:49 PM
Union Minister of Minority Affairs Kiren Rijiju
Waqf Bill: केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार मौजूदा संसद सत्र में ही वक्फ बिल पेश करने की तैयारी में है. ऐसी संभावना है कि 2 अप्रैल को लोकसभा में बिल को पेश किया जा सकता है.
Waqf Bill: वक्फ संशोधन विधेयक बिल केंद्र सरकार ने तैयार कर ली है. इसे 2 अप्रैल को लोकसभा में पेश किए जाने की संभावना जताई जा रही है. इस बीच केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, “मेरी सभी से अपील है कि जब हम संसद में वक्फ संशोधन विधेयक पेश करने की तैयारी कर रहे हैं, तो हमें सदन में बहस और चर्चा में अवश्य भाग लेना चाहिए. संसद के बाहर, रिकॉर्ड संख्या में परामर्श और विचार-विमर्श हुए हैं. जेपीसी ने लोकतांत्रिक भारत के इतिहास में अब तक की सबसे व्यापक परामर्श प्रक्रिया और सर्वोच्च प्रतिनिधित्व का रिकॉर्ड बनाया है. अब जबकि विधेयक तैयार है, मैं सभी राजनीतिक दलों से अनुरोध करना चाहूंगा कि वे इसमें भाग लें और संसद में अपने विचार रखें। कृपया गुमराह न करें.”
अवैध कैसे हो सकता है वक्फ बिल: किरेन रिजिजू
वक्फ संशोधन विधेयक पर केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, “कुछ लोग कह रहे हैं कि यह वक्फ संशोधन विधेयक असंवैधानिक है. वक्फ नियम आजादी से पहले से ही अस्तित्व में हैं… ये सभी प्रावधान पहले से ही अस्तित्व में हैं. अगर वक्फ अधिनियम आजादी से पहले से अस्तित्व में है, तो यह अवैध कैसे हो सकता है?”
भारत में अल्पसंख्यक सबसे सुरक्षित हैं : रिजिजू
किरेन रिजिजू ने कहा, “भोले-भाले मुसलमानों को यह कहकर गुमराह किया जा रहा है कि सरकार मुसलमानों की संपत्ति और अधिकार छीनने जा रही है. कुछ लोगों द्वारा फैलाई जा रही झूठी बातें हमारे समाज और राष्ट्र के लिए बहुत हानिकारक हैं. मैं सभी से अनुरोध करना चाहूंगा कि कृपया उन नेताओं की पहचान करें जो झूठ बोल रहे हैं. ये वे लोग हैं जिन्होंने सीएए के दौरान देश को गुमराह किया. मुझे यह कहते हुए बहुत गर्व हो रहा है कि भारत में अल्पसंख्यक सबसे सुरक्षित हैं और अल्पसंख्यकों को भारत में स्वतंत्रता के सबसे अच्छे अधिकार प्राप्त हैं.”
प्रमोद बोरो ने वक्फ बिल पर प्रतिक्रिया देने से किया इनकार
वक्फ संशोधन विधेयक पर बोडोलैंड प्रादेशिक परिषद के मुख्य कार्यकारी सदस्य प्रमोद बोरो ने कहा, “विभिन्न दलों की अलग-अलग राय है. मैं इस मुद्दे पर टिप्पणी नहीं करना चाहता क्योंकि यह एक संवेदनशील मुद्दा है. मैं अपना अध्ययन कर रहा हूं और बाद में टिप्पणी करूंगा.”
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अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.
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