Putin India Visit : भारत और रूस का सहयोग किसी के खिलाफ नहीं, पुतिन ने कहा

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पुतिन को गले लगाते पीएम मोदी (Photo: PTI)

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Putin India Visit : रूसी राष्ट्रपति से जब पूछा गया कि पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के कारण क्या भारत ने रूसी कच्चे तेल की खरीद कम की है, तो उन्होंने जवाब दिया कि इस साल के पहले नौ महीनों में दोनों देशों के कुल व्यापार में थोड़ी गिरावट दर्ज की गई है.

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देश के खिलाफ नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य केवल दोनों देशों के राष्ट्रीय हितों की रक्षा करना है. उन्होंने यह बात अमेरिका के भारत-रूस संबंधों पर कड़े रुख के संदर्भ में कही. पुतिन ने बताया कि रूस के साथ भारत की ऊर्जा साझेदारी को देखते हुए कुछ लोग अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भारत की बढ़ती भूमिका पसंद नहीं करते. ऐसे लोग राजनीतिक कारणों से भारत के प्रभाव को कम करने और भारत-रूस संबंधों में बाधा डालने के लिए कुछ रुकावट पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं.

रूसी राष्ट्रपति ने गुरुवार शाम को एक प्राइवेट न्यूज चैनल को दिए गए इंटरव्यू में रूस के खिलाफ पश्चिमी प्रतिबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि उनके देश का भारत के साथ ऊर्जा सहयोग काफी हद तक अप्रभावित है. पुतिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ शिखर वार्ता करने के लिए दो दिवसीय यात्रा पर 4 दिसंबर की शाम नयी दिल्ली पहुंचे.

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अमेरिकी मामले पर क्या बोले पुतिन

रूसी राष्ट्रपति की भारत यात्रा ऐसे समय हो रही है जब भारत-अमेरिका संबंध पिछले 20 वर्षों के सबसे कमजोर दौर से गुजर रहे हैं. अमेरिका ने भारतीय सामान पर 50 प्रतिशत तक का भारी शुल्क लगा दिया है और रूस से भारत की कच्चे तेल की खरीद पर भी 25 प्रतिशत कर लगाया है. अमेरिका के इस सख्त रुख पर पूछे गए सवाल के जवाब में पुतिन ने कहा कि बाहरी दबावों के बावजूद न उन्होंने और न ही प्रधानमंत्री मोदी ने कभी भारत-रूस साझेदारी का इस्तेमाल किसी तीसरे देश के खिलाफ किया है. दोनों देश केवल अपने हितों और पारस्परिक सहयोग को आगे बढ़ाने पर ध्यान देते हैं.

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भारत और रूस का ध्यान सिर्फ अपने हितों की रक्षा पर : पुतिन

पुतिन ने कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का अपना एजेंडा और लक्ष्य है. वहीं भारत और रूस का ध्यान सिर्फ अपने हितों की रक्षा पर है, किसी के खिलाफ नहीं. रूस से भारत द्वारा कच्चा तेल खरीदने पर अमेरिका की आपत्ति को उन्होंने खारिज किया. पुतिन ने सवाल उठाया कि जब अमेरिका खुद रूसी ईंधन खरीद सकता है, तो भारत को ऐसा करने का अधिकार क्यों नहीं मिलना चाहिए. पुतिन ने कहा कि जहां तक ​​भारत द्वारा रूस से ऊर्जा संसाधनों की खरीद का सवाल है, मैं यह बताना चाहूं��ा और एक बार पहले भी इसका उल्लेख कर चुका हूं कि अमेरिका स्वयं भी अपने परमाणु ऊर्जा संयंत्रों के लिए हमसे परमाणु ईंधन खरीदता है.

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