Waqf Amendment Act: वक्फ कानून पर कल फिर होगी सुनवाई, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- हिंसा नहीं होनी चाहिए

Waqf Amendment Act
Waqf Amendment Act: सुप्रीम कोर्ट में वक्फ संशोधन अधिनियम, 2025 (Waqf Amendment Act) की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर बुधवार को सुनवाई पूरी हो गई. सुप्रीम कोर्ट अब कल यानी गुरुवार को दोपहर दो बजे फिर इस मामले पर सुनवाई करेगा. चीफ जस्टिस संजीव खन्ना, जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस के वी विश्वनाथन की पीठ ने दो पहलुओं को रेखांकित किया. जिसपर दोनों पक्षों से तर्क देने के लिए कहा गया.
Waqf Amendment Act: वक्फ कानून पर बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. आज की सुनवाई पूरी होने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने कहा, कल 17 अप्रैल को दोपहर 2 बजे अंतरिम आदेश पारित करने के लिए पक्षों की सुनवाई करेगा. वक्फ संशोधन एक्ट पर सुनवाई करते हुए सीजेआई खन्ना (cji sanjeev khanna) ने कहा, “हम दोनों पक्षों से दो पहलुओं पर विचार करने के लिए कहना चाहते हैं. पहला, क्या हमें इस पर विचार करना चाहिए या इसे हाई कोर्ट को सौंप देना चाहिए? दूसरा, संक्षेप में बताएं कि आप वास्तव में क्या आग्रह कर रहे हैं और क्या तर्क देना चाहते हैं?” उन्होंने कहा, “दूसरा बिंदु हमें पहले मुद्दे पर निर्णय लेने में कुछ हद तक मदद कर सकता है.”
हिंसा नहीं होना चाहिए : सीजेआई
सीजेआई ने वक्फ के खिलाफ हिंसा पर टिप्पणी करते हुए कहा, “एक बात बहुत परेशान करने वाली है, हिंसा. यह मुद्दा न्यायालय के समक्ष है और हम इस पर निर्णय लेंगे. कोर्ट की टिप्पणी पर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा- “ऐसा नहीं होना चाहिए कि हिंसा का इस्तेमाल दबाव बनाने के लिए किया जाए.”
14वीं या 15वीं सदी में बनी मस्जिदों का रजिस्टर्ड डीड दिखाने की मांग करना असंभव : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने सॉलिसिटर जनरल से कहा कि जहां तक हिंदुओं के धार्मिक बंदोबस्ती का सवाल है, अन्य समुदायों का कोई भी व्यक्ति इसका हिस्सा नहीं है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कई मस्जिदें 14वीं या 15वीं सदी में बनाई गई थीं. उनसे रजिस्टर्ड डीड दिखाने की मांग करना असंभव है। ज्यादातर मामलों में, जैसे कि दिल्ली की जामा मस्जिद, वक्फ उपयोगकर्ता द्वारा वक्फ किया जाएगा.
Waqf Amendment Act: कपिल सिब्बल ने वक्फ पर सरकार से पूछा सवाल
याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल अपनी दलीलें पेश कर रहे हैं. सुनवाई के दौरान सिब्बल ने वक्फ संशोधन अधिनियम का हवाला देते हुए कहा कि वह उस प्रावधान को चुनौती देते हैं जिसमें कहा गया है कि केवल मुसलमान ही वक्फ बना सकते हैं. सिब्बल ने प्रश्न किया कि सरकार कैसे कह सकती है कि केवल वे ही लोग वक्फ बना सकते हैं जो पिछले पांच साल से इस्लाम का पालन कर रहे हैं? सिब्बल ने कहा, “कलेक्टर वह अधिकारी होता है जो यह तय करता है कि कोई संपत्ति वक्फ है या नहीं. अगर कोई विवाद है, तो यह व्यक्ति सरकार का हिस्सा होता है और इस तरह वह अपने मामले में खुद ही जस्टिस होता है. यह अपने आप में असंवैधानिक है. इसमें यह भी कहा गया है कि जब तक अधिकारी ऐसा फैसला नहीं करता, तब तक संपत्ति वक्फ नहीं होगी.
Waqf Amendment Act: वक्फ के खिलाफ 72 याचिकों दायर की गई हैं
एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी, ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी), जमीयत उलमा-ए-हिंद, द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक), कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी और मोहम्मद जावेद की याचिकाओं सहित 72 याचिकाएं अधिनियम की वैधता को चुनौती देने के लिए दायर की गई हैं. जबकि केंद्र ने 8 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट में एक ‘कैविएट’ दायर कर मामले में कोई भी आदेश पारित करने से पहले सुनवाई की अपील की थी.
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By ArbindKumar Mishra
मुख्यधारा की पत्रकारिता में 14 वर्षों से ज्यादा का अनुभव. खेल जगत में मेरी रुचि है. वैसे, मैं राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय खबरों पर काम करता हूं. झारखंड की संस्कृति में भी मेरी गहरी रुचि है. मैं पिछले 14 वर्षों से प्रभातखबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इस दौरान मुझे डिजिटल मीडिया में काम करने का काफी अनुभव प्राप्त हुआ है. फिलहाल मैं बतौर शिफ्ट इंचार्ज कार्यरत हूं.
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