Waqf Act Supreme Court Order: SC का कानून पर रोक लगाने से इनकार, 11 प्वाइंट्स में जानें फैसले की प्रमुख बातें

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Supreme Court refuses stay Waqf law

वक्फ बोर्ड पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया अहम फैसला

Waqf Act Supreme Court Order: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 के कुछ प्रमुख प्रावधानों पर रोक लगा दी, लेकिन पूरे कानून पर रोक लगाने से इनकार कर दिया. इस स्टोरी में आपको कोर्ट के फैसले की प्रमुख बातों को बताएंगे.

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Waqf Act Supreme Court Order: वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 पर फैसला सुनाते हुए सीजेआई बी आर गवई और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने कहा, ‘‘हमने प्रत्येक धारा को दी गई चुनौती पर प्रथम दृष्टया विचार किया और पाया कि पूरे कानून पर रोक लगाने का कोई मामला नहीं बनता.’’

कोर्ट के फैसले की प्रमुख बातें इस प्रकार हैं

*सीजेआई बीआर गवई की अध्यक्षता वाली पीठ ने पूरे वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 के क्रियान्वयन पर रोक लगाने से इनकार कर दिया.
*सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उसे पूरे कानून के प्रावधानों पर रोक लगाने का कोई मामला नहीं मिला.
*धारा 3(1)(आर) के उस प्रावधान पर रोक लगा दी गई है जिसके अनुसार कम से कम पांच वर्षों से इस्लाम का पालन करने वाला व्यक्ति ही वक्फ बना सकता है.
*सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह रोक तब तक जारी रहेगी जब तक राज्य सरकार यह निर्धारित करने के लिए नियम नहीं बना लेती कि इस तरह की प्रथा का सत्यापन कैसे किया जाएगा.
*सुप्रीम कोर्ट ने वक्फ संपत्ति जांच के प्रावधानों पर आंशिक रूप से रोक लगा दी, जिसका अर्थ था कि किसी संपत्ति को केवल नामित अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर गैर-वक्फ नहीं माना जा सकता.
*सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि केवल ऐसी रिपोर्टों के आधार पर राजस्व रिकॉर्ड और बोर्ड रिकॉर्ड में बदलाव नहीं किया जाएगा.
*सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वक्फ को उनकी संपत्तियों से बेदखल नहीं किया जाएगा और न ही आधिकारिक अभिलेखों की प्रविष्टियों में तब तक कोई बदलाव किया जाएगा जब तक कि धारा 83 के तहत वक्फ न्यायाधिकरण द्वारा स्वामित्व विवाद का अंतिम निर्णय नहीं हो जाता, जो उच्च न्यायालय में अपील के अधीन है.
*सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ऐसी कार्यवाही के दौरान, उन संपत्तियों के संबंध में किसी तीसरे पक्ष के अधिकार का सृजन नहीं किया जा सकता.
*सुप्रीम कोर्ट ने राज्य वक्फ बोर्डों और केंद्रीय वक्फ परिषद में गैर-मुस्लिमों के प्रतिनिधित्व की सीमा तय कर दी. उसने कहा कि 22 सदस्यीय केंद्रीय वक्फ परिषद में अधिकतम चार गैर-मुस्लिम सदस्य हो सकते हैं. उसने कहा कि 11 सदस्यीय राज्य वक्फ बोर्डों में अधिकतम तीन गैर-मुस्लिम सदस्य हो सकते हैं.
*सुप्रीम कोर्ट ने वक्फ बोर्ड के सीईओ के मुद्दे पर विचार किया और धारा 23 पर रोक नहीं लगाई, जो सीईओ को पदेन सचिव के रूप में नियुक्त करने से संबंधित है. हालांकि, उसने कहा कि जहां तक ​​संभव हो, सीईओ की नियुक्ति मुस्लिम समुदाय से की जानी चाहिए.
*सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ये निर्देश अंतरिम प्रकृति के हैं और अंतिम चरण में संशोधित प्रावधानों की संवैधानिक वैधता पर बहस या निर्णय को प्रभावित नहीं करेंगे.

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अरबिंद कुमार मिश्रा

लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials) अरबिंद शैक्षणिक रूप से भी पत्रकारिता और क्षेत्रीय विषयों के गहरे जानकार हैं:

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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