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Uttarkashi Tunnel Rescue: 10 दिनों से सुरंग में फंसे 41 मजदूर, 6 इंच पाइपलाइन से भेजी गई खिचड़ी, हुई बात

Updated at : 21 Nov 2023 9:09 AM (IST)
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Uttarkashi Tunnel Rescue: 10 दिनों से सुरंग में फंसे 41 मजदूर, 6 इंच पाइपलाइन से भेजी गई खिचड़ी, हुई बात

उत्तरकाशी के सिल्क्यारा में निर्माणाधीन सुरंग के अंदर फंसे श्रमिकों को बचाने के लिए चल रहे बचाव अभियान के तहत मलबे के पार 6 इंच व्यास वाली पाइपलाइन सफलतापूर्वक बिछा दी गई है. इसके माध्यम से अब श्रमिकों को आवश्यकता के अनुसार खाद्य सामग्री, दवाएं और अन्य सामान आसानी से भेजी जा रही है.

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उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में ढही सुरंग में फंसे श्रमिकों के बचाव के लिए लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है. पिछले 10 दिनों से सूरंग में 41 मजदूरों की जान अटकी हुई है. हालांकि उनके बचाव कार्य में बड़ी सफलता हासिल हुई है. उनसे संपर्क किया गया है और 6 इंजी पाइपलाइन की मदद से मजदूरों को खाना पहुंचाया गया है.

सिल्क्यारा सुरंग में फंसे श्रमिकों के सकुशल होने का पहला वीडियो जारी

पिछले नौ दिन से सिलक्यारा सुरंग में फंसे 41 श्रमिकों तक छह इंच की पाइपलाइन के जरिए खिचड़ी भेजने के कुछ घंटों बाद बचावकर्मियों ने मंगलवार तड़के उन तक एक कैमरा (एंडोस्कोपिक फ्लैक्सी कैमरा) भेजा और उनके सकुशल होने का पहला वीडियो जारी किया. आधिकारिक सूत्रों द्वारा उपलब्ध इस वीडियो में श्रमिक सुरंग में एक साथ खड़े और एक-दूसरे से बात करते दिखाई दे रहे हैं.

CM पुष्कर सिंह धामी ने किया ट्वीट

उत्तरकाशी सुरंग हादसे को लेकर उत्तराखंड के CM पुष्कर सिंह धामी ने ट्वीट किया. उन्होंने लिखा, उत्तरकाशी के सिल्क्यारा में निर्माणाधीन सुरंग के अंदर फंसे श्रमिकों को बचाने के लिए चल रहे बचाव अभियान के तहत मलबे के पार 6 इंच व्यास वाली पाइपलाइन सफलतापूर्वक बिछा दी गई है. इसके माध्यम से अब श्रमिकों को आवश्यकता के अनुसार खाद्य सामग्री, दवाएं और अन्य सामान आसानी से भेजी जा रही है. बचाव कार्यों में लगी केंद्रीय एजेंसियां, एसडीआरएफ और राज्य प्रशासन की टीमें अथक प्रयास कर रही हैं. सभी श्रमिकों को सुरक्षित निकालने के लिए हम युद्ध स्तर पर काम कर रहे हैं.

सुरंग में फंसे मजदूरों को पाइपलाइन से भेजी गई खिचड़ी

मलबे को आर-पार भेदकर डाली गयी छह इंच व्यास वाली पाइपलाइन के जरिए सोमवार रात को श्रमिकों तक खिचड़ी भेजी गयी. खिचड़ी को चौड़े मुंह वाली प्लास्टिक की बोतलों में पैक कर श्रमिकों तक पहुंचाया गया. सुरंग में चलाए जा रहे बचाव अभियान के प्रभारी कर्नल दीपक पाटिल ने बताया कि इस पाइपलाइन से दलिया, खिचड़ी, कटे हुए सेब और केले भेजे जा सकते हैं. श्रमिकों से उनके स्वास्थ्य के बारे में पूछने वाले चिकित्सक प्रेम पोखरियाल ने बचावकर्मियों को सलाह दी है कि मंगलवार को उन्हें भोजन में मूंग दाल की खिचड़ी भेजी जाए जिसमें सोया बड़ी और मटर शामिल हों. इसके अलावा उन्होंने केला भेजने की भी सलाह दी है.

वॉकी-टॉकी से हो रही बातचीत

बचाव अभियान में जुटे सुरक्षा कर्मचारी निपू कुमार ने कहा कि संचार स्थापित करने के लिए पाइप लाइन में एक वॉकी-टॉकी और दो चार्जर भी भेजे गए हैं. श्रमिकों को बाहर निकालने के लिए कई दिशाओं से किए जा रहे प्रयासों के तहत भारतीय वायुसेना ने एक सी-17 और दो सी-130जे सुपर हरक्यूलिस परिवहन विमान से 36 टन वजनी मशीनें पहुंचा दी हैं.

अमेरिकन ऑगर मशीन से मजदूरों को निकाला जाएगा बाहर

सूत्रों ने बताया कि सिलक्यारा सुरंग की ओर से अमेरिकन ऑगर मशीन से ‘निकलने का रास्ता’ बनाने का कार्य फिर शुरू होने वाला है. दिल्ली से आई अभियांत्रिकी टीम ने शुक्रवार दोपहर किसी कठोर सतह से टकराने के बाद रुकी इस मशीन के कलपुर्जे बदल दिए हैं.

बचाव अभियान में जुटी वायुसेना की टीम

सुरंग में फंसे मजदूरों को बचाने का प्रयास लगातार जारी है. इस बीच रेस्क्यू ऑपरेशन में वायुसेना की टीम भी जुट गई है. वायुसेना ने एक सी-17 और दो सी-130जे सुपर हरक्यूलिस परिवहन विमान के जरिये सोमवार को 36 टन वजनी महत्वपूर्ण उपकरण पहुंचाए. अब तक, श्रमिकों तक ऑक्सीजन, हल्की खाद्य सामग्री, मेवे, दवाइयां और पानी पहुंचाने के लिए चार इंच के पाइप का इस्तेमाल किया जा रहा था. अब 6 इंच के पाइपलाइन के जरिए सुरंग में फंसे मजदूरों तक राहत सामग्री भेजी जा रही है.

कैसे हुआ हादसा

उत्तरकांशी से करीब 30 किलोमीटर दूर सिलक्यारा में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी चारधाम सड़क परियोजना के तहत यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर बन रही है. जिसमें 12 नवंबर को साढ़े चार किलोमीटर लंबी सिलक्यारा सुरंग का एक हिस्सा ढहने से इसके अंदर काम कर रहे 41 श्रमिक फंस गए. जिन्हें निकाले जाने के लिए युद्धस्तर पर बचाव और राहत अभियान जारी है.

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ArbindKumar Mishra

लेखक के बारे में

By ArbindKumar Mishra

मुख्यधारा की पत्रकारिता में 14 वर्षों से ज्यादा का अनुभव. खेल जगत में मेरी रुचि है. वैसे, मैं राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय खबरों पर काम करता हूं. झारखंड की संस्कृति में भी मेरी गहरी रुचि है. मैं पिछले 14 वर्षों से प्रभातखबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इस दौरान मुझे डिजिटल मीडिया में काम करने का काफी अनुभव प्राप्त हुआ है. फिलहाल मैं बतौर शिफ्ट इंचार्ज कार्यरत हूं.

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