Joshimath Crisis: जोशीमठ डूब रहा ? जीने के लायक नहीं, खतरनाक इमारतों पर किया जा रहा रेड क्रॉस

Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 09 Jan 2023 5:38 PM

विज्ञापन

जिलाधिकारी ने बताया, पिछले कुछ दिनों में कई घरों और सड़कों में दरार पड़ी है. भूस्खन की घटना बढ़ने के साथ जोशीमठ को सिंकिंग जोन घोषित किया गया. 6150 फीट की ऊंचाई पर स्थित जोशीमठ कई हिमालयी पर्वतारोहण अभियानों, ट्रेकिंग ट्रेल्स और केदारनाथ और बद्रीनाथ जैसे लोकप्रिय तीर्थ स्थलों का प्रवेश द्वार है.

विज्ञापन

उत्तराखंड के जोशीमठ को भूस्खलन और धंसाव क्षेत्र घोषित किये जाने के बाद राहत और बचाव के प्रयास तेज कर दिये गये हैं. वहीं की स्थिति गंभीर है. प्रशासन की ओर से खतरनाक इमारतों को चिह्नित किया जा रहा है. चमोली के जिलाधिकारी हिमांशू खुराना ने बताया, पवित्र शहर में सभी खतरनाक इमारतों का चुनाव किया जा रहा है और उनमें रेड क्रॉस किया जा रहा है. प्रशासन द्वारा इन इमारतों को असुरक्षित क्षेत्र घोषित किये जाने के बाद निवासियों को स्थानांतरित कर दिया गया है. जिलाधिकारी ने बताया, आपदा प्रबंधन अधिनियम के अनुसार, हमने कुछ असुरक्षित क्षेत्रों को चिह्नित किया है. जिसमें सिंधी गांधीनगर और मनोहर बाग शामिल है.

जोशीमठ को सिंकिंग जोन घोषित किया गया

जिलाधिकारी ने बताया, पिछले कुछ दिनों में कई घरों और सड़कों में दरार पड़ी है. भूस्खन की घटना बढ़ने के साथ जोशीमठ को सिंकिंग जोन घोषित किया गया. 6150 फीट (1875 मीटर) की ऊंचाई पर स्थित जोशीमठ कई हिमालयी पर्वतारोहण अभियानों, ट्रेकिंग ट्रेल्स और केदारनाथ और बद्रीनाथ जैसे लोकप्रिय तीर्थ स्थलों का प्रवेश द्वार है. अधिकारियों ने कहा कि भूस्खलन और धंसने के कारण क्षेत्र में 600 से अधिक घरों में दरारें आ गई हैं.

जोशीमठ की घटना पर अलर्ट मोड़ में केंद्र की मोदी सरकार

जोशीमठ की घटना पर केंद्र की मोदी सरकार भी अलर्ट मोड़ में आ गयी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर बात कर निवासियों की सुरक्षा और पुनर्वास के लिए अब तक उठाए गए कदमों सहित स्थिति की जानकारी ली और उन्हें आवश्यक सहायता का आश्वासन दिया.

Also Read: Video : जोशीमठ को लेकर पीएम चिंतित, पर्यावरण के साथ खिलवाड़ बन रहा इस आपदा की वजह!

केंद्र सरकार की एजेंसियां और विशेषज्ञ जोशीमठ की स्थिति से निपटने के लिए कर रहे काम

प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया कि केंद्र सरकार की एजेंसियां और विशेषज्ञ जोशीमठ की स्थिति से निपटने के लिए योजनाएं तैयार करने में उत्तराखंड की मदद कर रहे हैं. पीड़ित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है. राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की एक टीम और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की चार टीम पहले ही जोशीमठ पहुंच चुकी हैं.

229 कमरों की पहचान की गयी है, जहां 1271 लोगों को ठहराया जा सकता है

चमोली के जिलाधिकारी हिमांशु खुराना ने राहत और बचाव प्रयासों के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि शहर के भीतर विभिन्न स्थानों पर 229 कमरों की पहचान की गई है जिनमें 1,271 लोगों को ठहराया जा सकता है. उन्होंने बताया कि इनमें से 46 परिवारों को आवश्यक घरेलू सामान खरीदने के लिए 5000 रुपये प्रति परिवार की दर से 2.30 लाख रुपये की अनुग्रह राशि के अलावा राशन किट वितरित की गई है.

जोशीमठ में भूस्खलन के पीछे क्या है कारण

विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तराखंड के जोशीमठ में जमीन का धंसना मुख्य रूप से राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम (एनटीपीसी) की तपोवन विष्णुगढ़ जल विद्युत परियोजना के कारण है और यह एक बहुत ही गंभीर चेतावनी है कि लोग पर्यावरण के साथ इस हद तक खिलवाड़ कर रहे हैं कि पुरानी स्थिति को फिर से बहाल कर पाना मुश्किल होगा.

विज्ञापन
ArbindKumar Mishra

लेखक के बारे में

By ArbindKumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola