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ऑनलाइन फ्राड से निपटने के लिए गृह मंत्रालय ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर, धोखाधड़ी होने पर तुरंत करें शिकायत

Updated at : 17 Jun 2021 10:27 PM (IST)
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ऑनलाइन फ्राड से निपटने के लिए गृह मंत्रालय ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर, धोखाधड़ी होने पर तुरंत करें शिकायत

Cyber Fraud Helpline No ऑनलाइन फ्राड से निपटने और डिजिटल पेमेंट को सुरक्षित बनाने के लिए उद्देश्य से गृह मंत्रालय ने गुरुवार को एक हेल्पलाइन नंबर जारी किया है. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने साइबर धोखाधड़ी के कारण होने वाले वित्तीय नुकसान को रोकने के लिए राष्ट्रीय हेल्पलाइन 155260 और रिपोर्टिंग प्लेटफॉर्म का संचालन किया है. पीड़ित इंटरनेट बैंकिंग (Internet Banking) समेत ऑनलाइन फाइनेंस से संबंधित धोखाधड़ी की शिकायत इस नंबर पर दर्ज करा सकते हैं.

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Cyber Fraud Helpline No ऑनलाइन फ्राड से निपटने और डिजिटल पेमेंट को सुरक्षित बनाने के लिए उद्देश्य से गृह मंत्रालय ने गुरुवार को एक हेल्पलाइन नंबर जारी किया है. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने साइबर धोखाधड़ी के कारण होने वाले वित्तीय नुकसान को रोकने के लिए राष्ट्रीय हेल्पलाइन 155260 और रिपोर्टिंग प्लेटफॉर्म का संचालन किया है. पीड़ित इंटरनेट बैंकिंग (Internet Banking) समेत ऑनलाइन फाइनेंस से संबंधित धोखाधड़ी की शिकायत इस नंबर पर दर्ज करा सकते हैं.

देश में लगातार तेजी से बढ़ रहे साइबर धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों को देखते हुए मंत्रालय ने इस नंबर को जारी किया है. साइबर धोखाधड़ी के शिकार होने पर तुरंत इस नंबर पर शिकायत करने के लिए कहा गया है. जानकारी के मुताबिक, ऑनलाइन धोखेबाजी का शिकार होने के बाद पीड़ित को पुलिस अधिकारी द्वारा मैनेज हेल्पलाइन पर कॉल करना है. अगर फ्रॉड हुए 24 घंटे से ज्यादा हो गया है तो पीड़ित को नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर एक औपचारिक शिकायत दर्ज करनी चाहिए. अगर फ्रॉड हुए 24 घंटे से कम समय हुआ है तो ऑपरेटर फॉर्म भरने के लिए अपराध का डिटेल और पीड़ित की निजी जानकारी मांगेगा.

मिल रही जानकारी के मुताबिक, हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करते ही इसकी सूचना संबंधित वित्तीय संस्थानों तक पहुंचा दी जाती हैं. यह फ्रॉड ट्रांजेक्शन टिकट जिस वित्तीय संस्थान से पैसा कटा है और जिन वित्तीय संस्थान में गया है. दोनों के डैशबोर्ड पर नजर आएगा. जिस बैंक व वॉलेट में टिकट दिया गया होता है. उसे फ्रॉड ट्रांजेक्शन की जानकारी के लिए जांच करनी होती है. इसके बाद ट्रांजेक्शन को टेम्पोरेरी ब्लॉक कर दिया जाता है.

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