कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को मिली सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत

Published by :Amitabh Kumar
Published at :01 May 2026 11:47 AM (IST)
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Pawan Khera Grants Anticipatory Bail

पवन खेड़ा को मिली अग्रिम जमानत (File Photo)

सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को अग्रिम जमानत दे दी. यह मामला असम पुलिस द्वारा उनके खिलाफ दर्ज मानहानि और जालसाजी के केस से जुड़ा है.

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कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को बड़ी राहत देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को (1 मई) उन्हें अग्रिम जमानत दे दी. यह मामला असम पुलिस द्वारा दर्ज मानहानि और जालसाजी केस से जुड़ा है, जो असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुयान की शिकायत पर दर्ज हुआ था.

सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा कि इस मामले में दोनों पक्षों की तरफ से आरोप-प्रत्यारोप लगाए गए हैं. कोर्ट ने साफ किया कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मिलने वाली व्यक्तिगत आजादी को खतरे में नहीं डाला जा सकता. इसे हर हाल में सुरक्षित रखा जाना चाहिए.

इससे पहले 30 अप्रैल को खेड़ा ने सरमा की कथित टिप्पणियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में उनकी तुलना ‘‘संवैधानिक काउबॉय या रैम्बो’’ (बाहुबली) से की थी. कोर्ट ने खेड़ा की उस याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसमें उन्होंने सरमा की पत्नी पर कई पासपोर्ट और विदेश में अघोषित संपत्तियां होने के आरोपों से जुड़े मामले में अग्रिम जमानत मांगी थी.

वकील अभिषेक सिंघवी ने कोर्ट में क्या कहा

खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज करने के गुवाहाटी हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति जेके माहेश्वरी और न्यायमूर्ति ए एस चंदुरकर की पीठ से वरिष्ठ वकील अभिषेक सिंघवी ने कहा था कि मुख्यमंत्री कांग्रेस नेता के खिलाफ कई आपत्तिजनक टिप्पणियां कर रहे हैं. सरमा की कथित अभद्र टिप्पणियों का जिक्र करते हुए, सिंघवी ने आशंका जताई कि अगर खेड़ा को इस मामले में गिरफ्तार होने दिया गया तो उनके साथ उचित व्यवहार नहीं किया जाएगा.

यह भी पढ़ेंं : कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के घर पुलिस की दस्तक, असम सीएम की पत्नी पर लगाए थे गंभीर आरोप

सिंघवी ने कहा कि डॉ. बी.आर. आंबेडकर ने यदि यह कल्पना की होती कि कोई संवैधानिक पदाधिकारी ‘‘संवैधानिक काउबॉय’’ या ‘‘संवैधानिक रैम्बो’’ की तरह बोलेगा, तो वे बेचैन हो उठते. उन्होंने असम के मुख्यमंत्री का जिक्र करते हुए इस मामले को ‘‘अभूतपूर्व’’ करार दिया. सिंघवी ने कहा कि सरमा ने धमकी दी है कि खेड़ा को अपना शेष जीवन असम की जेल में बिताना पड़ेगा, जबकि मामले का मूल आधार मानहानि और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के आरोप से जुड़ा है.

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डिजिटल जर्नलिज्म में 14 वर्षों से अधिक का अनुभव है. करियर की शुरुआत Prabhatkhabar.com से की. राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर अच्छी पकड़ है. राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर गहन लेखन का अनुभव रहा है. तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विश्लेषणात्मक लेखन में विशेष रुचि है. ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग खबरों पर लगातार फोकस रहता है.

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