Stray Dogs: आवारा कुत्तों पर SC के फैसले से भड़कीं मेनका गांधी, CJI से समीक्षा करने की मांग की

Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 13 Aug 2025 8:26 PM

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Maneka Gandhi

Stray Dogs: आवारा कुत्तों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर लगातार बहस जारी है. इस मुद्दे पर बीजेपी नेता और पशु अधिकार कार्यकर्ता मेनका गांधी ने भी बयान दिया है. कोर्ट के फैसले पर उन्होंने नाराजगी भी जताया है. उन्होंने दिल्ली-एनसीआर के सभी आवारा कुत्तों को कुछ ही हफ्तों में आश्रय स्थलों में भेजने के फैसले को बेहद अमानवीय बताया.

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Stray Dogs: दिल्ली में आवारा कुत्तों पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर बहस के बीच, बीजेपी नेता मेनका गांधी ने कहा, “कोई भी जानवरों के साथ दुर्व्यवहार का समर्थन नहीं करता. उनका मानना है कि अगर जानवरों को ले जाया जाए, तो उनके बच्चे नहीं काटे जाएंगे. मैं इससे सहमत हूं. लेकिन जानवर नहीं जाएंगे. अगर हम दिल्ली से 3 लाख जानवर हटाएं, तो एक हफ्ते के अंदर गाजियाबाद और फरीदाबाद से 3 लाख और जानवर आ जाएंगे. अगर उन अतिरिक्त 3 लाख को हटा दिया जाए, तो और भी जानवर आ जाएंगे क्योंकि दिल्ली में प्रचुर मात्रा में भोजन उपलब्ध है.

दिल्ली में 50,000 से ज्यादा अवैध चिकन सेंटर : मेनका

मेनका गांधी ने कहा, दिल्ली में 50,000 से ज्यादा अवैध चिकन सेंटर हैं. बिना लाइसेंस के मीट की दुकानें भी चल रही हैं. इसलिए, उनके लिए भी कानून बनना चाहिए. वरना, यह कभी खत्म नहीं होगा…मैं चाहूंगी कि मुख्य न्यायाधीश इसकी प्यार से समीक्षा करें और देखें कि सबसे अच्छा तरीका क्या है, क्योंकि हमारा लक्ष्य एक ही है. हम भी कम कुत्ते चाहते हैं, हम चाहते हैं कि कोई उन्हें काटे नहीं और हम चाहते हैं कि इंसान, कुत्ते और हर जानवर शांति से रहें.”

आवारा कुत्तों पर कोर्ट का क्या है फैसला?

आवारा कुत्तों के काटने से, विशेष रूप से बच्चों में होने वाली रेबीज की समस्या के कारण अत्यंत गंभीर स्थिति के मद्देनजर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को दिल्ली-एनसीआर के प्राधिकारों को निर्देश दिया था कि वे सभी आवारा कुत्तों को जल्द से जल्द उठाएं और उन्हें आश्रय स्थलों में रखें. कोर्ट ने आश्रय स्थलों की संख्या बढ़ाने का भी निर्देश दिया था. कोर्ट ने दिल्ली के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे छह से आठ सप्ताह के भीतर लगभग 5,000 कुत्तों के लिए आश्रय स्थल बनाएं.

आवारा कुत्तों को उठाने के काम में बाधा डालने वालों पर होगी कार्रवाई

आवारा कुत्तों की समस्या को अत्यधिक गंभीर बताते हुए जस्टिस जे बी पारदीवाला और जस्टिस आर महादेवन ने कई निर्देश पारित किए और चेतावनी दी कि यदि कोई व्यक्ति या संगठन आवारा कुत्तों को उठाने के काम में बाधा डालेगा, तो उसके खिलाफ अदालत अवमानना की कार्यवाही शुरू करेगी. पीठ ने कहा, ‘‘यदि कोई व्यक्ति या संगठन आवारा कुत्तों को उठाने और उन्हें पकड़ने के काम में बाधा डालता है और इसकी सूचना हमें दी जाती है, तो हम ऐसी किसी भी बाधा के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे.’’

उन बच्चों को वापस ला पाएंगे जो रेबीज का शिकार हो गए : कोर्ट की शख्त टिप्पणी

पीठ ने कहा कि क्या पशु कार्यकर्ता और ‘‘कथित पशु प्रेमी’’ उन बच्चों को वापस ला पाएंगे जो रेबीज का शिकार हो गए। अदालत ने कहा, ‘‘क्या वे उन बच्चों की जिंदगी वापस ला पाएंगे? जब स्थिति की मांग होती है, तो आपको कार्रवाई करनी ही होती है.’’ सुप्रीम कोर्ट 28 जुलाई को स्वतः संज्ञान में लिये गए उस मामले की सुनवाई कर रहा था, जो राष्ट्रीय राजधानी में आवारा कुत्तों के काटने से रेबीज फैलने को लेकर था.

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लेखक के बारे में

By ArbindKumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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