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SIR in Delhi : बिहार के बाद अब दिल्ली में भी एसआईआर, ये कागजात तैयार रखें राजधानी के लोग

Updated at : 18 Sep 2025 6:58 AM (IST)
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SIR in Delhi

दिल्ली में भी एसआईआर (File Photo)

SIR in Delhi : दिल्ली चुनाव आयोग ने कहा है कि जिन लोगों का नाम 2002 की मतदाता सूची में नहीं है, उन्हें नामांकन फॉर्म जमा करते समय पहचान प्रमाण देना होगा. दिल्ली में चुनाव आयोग ने लोगों से अपील की है कि वे आयोग की वेबसाइट पर पुरानी मतदाता सूची देखें और अपने या अपने माता-पिता के नाम की जांच करें.

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SIR in Delhi : बिहार के बाद अब चुनाव आयोग (ECI) ने दिल्ली में भी विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की तैयारी शुरू कर दी है. यह प्रक्रिया मतदाता सूची को सही बनाने की संवैधानिक प्रक्रिया का हिस्सा है. चुनाव आयोग ने बताया कि इस अभियान की सटीक तारीखें बाद में घोषित की जाएंगी. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मतदाता सूची में सभी योग्य मतदाताओं के नाम दर्ज हों और गलतियां दूर की जा सकें. दिल्ली मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय ने कहा है कि जिन लोगों का नाम 2002 की मतदाता सूची में नहीं है, उन्हें गणना फॉर्म जमा करते समय पहचान प्रमाण देना होगा.

निवास प्रमाण भी देना होगा दिल्ली के लोगों को

दिल्ली में मतदाता सूची में बने रहने के लिए पहले से रजिस्टर्ड वोटरों को कोई दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं होगी. चुनाव आयोग ने कहा है कि अगर उनका नाम 2002 की मतदाता सूची में भी दर्ज है, तो सिर्फ गणना फॉर्म भरना होगा. बाकी लोगों के लिए प्रक्रिया बिहार जैसी ही होगी. यानी अगर उनके माता-पिता के नाम पुरानी सूची में हैं तो उसका आधार लिया जाएगा. इसके अलावा पहचान पत्र और निवास प्रमाण भी देना होगा, ताकि उनका नाम मतदाता सूची में बना रहे.

यह भी पढ़ें: Bihar SIR: बिहार में SIR को लेकर SC की कड़ी टिप्पणी, कहा- गड़बड़ी हुई होगी तो पूरी प्रक्रिया कर देंगे रद्द

कौन-से दस्तावेज मान्य होंगे, इसका स्पष्ट विवरण अभी जारी नहीं हुआ है. हालांकि बिहार में आधार को पहचान प्रमाण के रूप में स्वीकार करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप की जरूरत पड़ी थी, लेकिन उसे नागरिकता का प्रमाण नहीं माना गया. बिहार SIR मामले की अंतिम सुनवाई अक्टूबर के पहले सप्ताह में होने की संभावना है. कोर्ट ने कहा है कि उसका फैसला पूरे भारत पर लागू होगा.

SIR की प्रक्रिया होगी पूरे देश में

SIR की प्रक्रिया पूरे देश में की जानी है, इसी वजह से अब इसे राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी शुरू किया जा रहा है. दिल्ली में इस साल की शुरुआत में चुनाव आयोग ने खुद विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (Special Summary Revision) कराया था. उसमें राजधानी में 1.55 करोड़ रजिस्टर्ड वोटर पाए गए. अब SIR के तहत पूरी मतदाता सूची की दोबारा जांच की जाएगी.

बीएलओ के लिए मददगार होगी ये प्रक्रिया

फिलहाल, दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) ने लोगों से 2002 की मतदाता सूची देखने और उसमें अपना व अपने माता-पिता का नाम जांचने की अपील की है. न्यूज एजेंसी पीटीआई ने बुधवार को सीईओ कार्यालय के बयान के हवाले से यह जानकारी दी. सीईओ कार्यालय ने कहा, “यह प्रक्रिया घर-घर (H2H) जाकर बीएलओ (बूथ स्तर अधिकारी) द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान लोगों से गणना फॉर्म और जरूरी दस्तावेज इकट्ठा करने में मददगार होगी.”

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Amitabh Kumar

लेखक के बारे में

By Amitabh Kumar

डिजिटल जर्नलिज्म में 14 वर्षों से अधिक का अनुभव है. करियर की शुरुआत Prabhatkhabar.com से की. राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर अच्छी पकड़ है. राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर गहन लेखन का अनुभव रहा है. तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विश्लेषणात्मक लेखन में विशेष रुचि है. ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग खबरों पर लगातार फोकस रहता है.

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