ePaper

उद्धव ठाकरे ने राम मंदिर को लेकर की विवादित टिप्पणी, रविशंकर प्रसाद ने कहा, भगवान उन्हें सद्बुद्धि दें

Updated at : 11 Sep 2023 3:56 PM (IST)
विज्ञापन
उद्धव ठाकरे ने राम मंदिर को लेकर की विवादित टिप्पणी, रविशंकर प्रसाद ने कहा, भगवान उन्हें सद्बुद्धि दें

उद्धव ठाकरे ने रविवार को दावा किया कि उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन के लिए देश भर से बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की उम्मीद की जा रही है और इस समारोह में शामिल होकर वापस लौट रहे लोगों के साथ ‘गोधरा जैसी’ घटना हो सकती है.

विज्ञापन

राम मंदिर पर शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे की टिप्पणी पर बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा, जिनके आर्शीवाद से वो नेता और मुख्यमंत्री बने वो इस तरह की भाषा बोलेंगे. जिस राम मंदिर के निर्माण के लिए इतने सक्रिय थे, इतना आर्शीवाद दिया. मैं बस इतना कहना चाहूंगा कि यह पूरा गठबंधन, जो पीएम मोदी के खिलाफ है, वोट के लिए किसी भी हद तक जा सकता है. मैं भगवान राम से प्रार्थना करना चाहूंगा कि उन्हें कुछ सद्बुद्धि दें. यह एक शर्मनाक और अशोभनीय टिप्पणी है. हम इसकी निंदा करते हैं.

राम मंदिर उद्घाटन समारोह में शामिल होकर लौट रहे लोगों के साथ ‘गोधरा जैसी’ घटना हो सकती है : उद्धव

शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने रविवार को दावा किया कि उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन के लिए देश भर से बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की उम्मीद की जा रही है और इस समारोह में शामिल होकर वापस लौट रहे लोगों के साथ ‘गोधरा जैसी’ घटना हो सकती है. जलगांव में ठाकरे ने दावा किया, ‘ऐसी संभावना है कि सरकार राम मंदिर उद्घाटन के लिए बसों और ट्रकों में बड़ी संख्या में लोगों को आमंत्रित कर सकती है और उनकी वापसी यात्रा के दौरान ‘गोधरा जैसी’ घटना हो सकती है.

2002 में हुई थी गोधरा कांड, कई लोगों की गई थी जान

गुजरात के गोधरा स्टेशन पर 27 फरवरी, 2002 को साबरमती एक्सप्रेस से अयोध्या से लौट रहे ‘कारसेवकों’ पर हमला किया गया था और उस डिब्बे में आग लगा दी गई थी, जिसमें कारसेवक सवार थे. इस घटना में कई लोगों की मौत हो गई और इसके बाद पूरे राज्य में बड़े पैमाने पर दंगे भड़क उठे.

Also Read: सनातन धर्म के ‘अपमान’ पर राहुल गांधी और उद्धव ठाकरे चुप क्यों ? अनुराग ठाकुर ने किया ये सवाल

जनवरी 2024 में हो सकता है राम मंदिर का उद्घाटन

राम मंदिर का उद्घाटन लोकसभा चुनाव से कुछ महीने पहले जनवरी 2024 में होने की संभावना है. ठाकरे ने भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की आलोचना करते हुए कहा कि उनके पास ऐसी हस्तियां नहीं हैं, जिन्हें लोग अपना आदर्श मान सकें, जिसके चलते वे सरदार पटेल और नेताजी सुभाष चंद्र बोस जैसे दिग्गजों को अपना रहे हैं.

बीजेपी-आरएसएस बाल ठाकरे की विरासत पर दावा करने की कर रहे कोशिश

उद्धव ने कहा, अब वे (भाजपा-आरएसएस) मेरे पिता बाल ठाकरे की विरासत पर दावा करने की कोशिश कर रहे हैं. शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख ने दावा किया कि भाजपा और आरएसएस की अपनी कोई उपलब्धियां नहीं हैं और सरदार पटेल की प्रतिमा (गुजरात के केवडिया में 182 मीटर ऊंची स्टैच्यू ऑफ यूनिटी) का आकार मायने नहीं रखता, बल्कि उनकी उपलब्धियां मायने रखती हैं. उन्होंने कहा कि ये लोग (भाजपा और आरएसएस) सरदार पटेल की महानता हासिल करने के करीब भी नहीं हैं.

बीजेपी के निशाने पर रहे हैं उद्धव ठाकरे

गौरतलब है कि भाजपा 2019 के विधानसभा चुनावों के बाद कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के साथ हाथ मिलाकर मुख्यमंत्री बनने के लिए बाल ठाकरे के आदर्शों को त्यागने के लिए अक्सर उद्धव पर निशाना साधती रही है.

विज्ञापन
ArbindKumar Mishra

लेखक के बारे में

By ArbindKumar Mishra

मुख्यधारा की पत्रकारिता में 14 वर्षों से ज्यादा का अनुभव. खेल जगत में मेरी रुचि है. वैसे, मैं राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय खबरों पर काम करता हूं. झारखंड की संस्कृति में भी मेरी गहरी रुचि है. मैं पिछले 14 वर्षों से प्रभातखबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इस दौरान मुझे डिजिटल मीडिया में काम करने का काफी अनुभव प्राप्त हुआ है. फिलहाल मैं बतौर शिफ्ट इंचार्ज कार्यरत हूं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola