1. home Hindi News
  2. national
  3. seychelles president wavell ramkalavan ancestors were from gopalganj in bihar sur

बिहारी बने सेशेल्स का राष्ट्रपति! जानें 'वेवेल रामकलावन' का गोपालगंज कनेक्शन

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
वेवेल रामकलावन, राष्ट्रपति सेशेल्स
वेवेल रामकलावन, राष्ट्रपति सेशेल्स
Photo: Twitter

गोपालगंज: बिहार के गोपालगंज स्थित परसौनी निवासी रामकलावन सेशेल्स के राष्ट्रपति चुने गए हैं. 130 साल पहले रामकलावन के पूर्वज कोलकाता बंदरगाह से नमक का व्यापार करने के लिए सेशेल्स चले गए थे. रामकलावन के राष्ट्रपति बनने की खबर सुनकर गांव में उत्सव जैसा माहौल है. गांव वालों ने पटाखे फोड़कर खुशियां मनाई. गांव के बेटे का सेशेल्स का राष्ट्रपति चुने जाने पर गांव वालों में खुशी की लहर है.

गोपालगंज में रहते थे रामकलावन के पूर्वज

सेशेल्स के राष्ट्रपति चुने गये वैवेल रामकलावन के पूर्वज बिहार के गोपालगंज के बरौली प्रखंड के परसौनी गांव के नोनिया टोली के रहने वाले थे. मंगलवार को राष्ट्रपति चुने जाने की खबर मिलते ही परसौनी गांव में खुशियां छा गई. राष्ट्रपति के रिश्तेदारों ने एक-दूसरे को बधाई देते हुए पटाखे फोड़े और मिठाइयां बांटी. राष्ट्रपति के चचेरे भाई 82 वर्षीय रघुनाथ महतो बताते हैं कि गंडक नदी के किनारे बसे परसौनी गांव की स्थिति बेहद खराब थी.

जनवरी 2018 में बिहार यात्रा के दौरान रामकलावन
जनवरी 2018 में बिहार यात्रा के दौरान रामकलावन
Prabhat Khabar

नमक का व्यापार करने गए थे मॉरिशस

वैवेल रामकलावन के पिता हरिचरण महतो अपने भाई जयराम महतो के साथ नमक का कारोबार करने के लिए 130 साल पहले कोलकाता गये थे. कोलकाता में दोनों भाई गांव वालों के साथ छह साल तक कारोबार करने के बाद बिछड़ गये. तीन साल तक इंतजार करने के बाद जयराम महतो वापस परसौनी आ गये थे. इस बीच पता चला कि हरिचरण महतो जहाज से मॉरिशस चले गये हैं.

परसौनी गांव के ग्रामीण
परसौनी गांव के ग्रामीण
Prabhat Khabar

मॉरीशस में रामकलावन का राजनीतिक जीवन

मॉरिशस में ही जन्मे वैवेल रामकलावन ने राजनीतिक कैरियर की शुरुआत की. राष्ट्रपति के रिश्तेदार रघुनाथ महतो बताते हैं कि अपने चाचा हरिचरण के बारे में बहुत कुछ अब याद नहीं है. इतना याद है कि मॉरिशस जाने के बाद भी किसी ने किसी माध्यम से अपने भाई जयराम महतो से संपर्क बनाये रखा.

बाद में मोबाइल का जमाना आने पर इनके शिक्षक पुत्र त्रिलोकी महतो, हरिचरण महतो के पुत्र वैवेल रामकलावन से सोशल मीडिया पर संपर्क बनाये रखे. इसी बीच 10 जनवरी 2018 को वैवेल रामकलावन अपने पूर्वजों की मिट्टी को नमन करने परसौनी गांव आये थे.

जनवरी 2018 में बिहार आए थे रामकलावन

वर्ष 2018 की जनवरी में अपने पुरखों की धरती गोपालगंज पहुंचे रामकलावन ने बिहार और अपने पुरखों की धरती को अपना बताते हुए कहा था कि आज मैं जो भी हूं, इसी उर्वरा धरती की देन है. मैं ये नहीं जानता कि मेरे पूर्वजों के परिवार के लोग कौन हैं, लेकिन इस धरती पर पहुंचते ही ऐसा आभास हो रहा है कि हर घर मेरा अपना ही है.

वेवेल रामकलावन का पैतृक गांव
वेवेल रामकलावन का पैतृक गांव
Prabhat Khabar

गांव वालों में दौड़ी खुशी की लहर, फूटे पटाखे

रामकलावन के परदादा 18वीं सदी में मॉरिशस गये और वहीं खेती करने लगे और वही बस गये. उसके बाद उनका पोता वैवेल रामकलवान राजनीति में आ गये. विपक्ष के नेता रहे वैवेल रामकलावन सेशेल्स में अब राष्ट्रपति चुने जा चुके हैं. इसकी खुशी पूरे परसौनी में तो है ही, खासकर उन परिवारों में है, जिनके पूर्वज मॉरिशस चले गये.

Posted By- Suraj Thakur

Share Via :
Published Date
Comments (0)
metype

संबंधित खबरें

अन्य खबरें