1. home Hindi News
  2. national
  3. secretary of the mea west vikas swaroop said that india will continue to work for combating terrorism and world peace in the united nations

'संयुक्त राष्ट्र में आतंकवाद से निपटने और विश्व शांति के लिए काम करता रहेगा भारत'

By Prabhat Khabar Digital Desk
Updated Date
विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) विकास स्वरूप.
विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) विकास स्वरूप.
फोटो : ट्विटर.

नयी दिल्ली : संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में अस्थायी सदस्य के रूप में भारत के निर्वाचित होने के दूसरे दिन विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) विकास स्वरूप ने गुरुवार को कहा कि यह संयुक्त राष्ट्र में भारत की सद्भावना को दिखाता है और परिषद के काम में योगदान देने के लिए भारत की क्षमताओं पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय के विश्वास को दोहराता है. उन्होंने यह भी कहा कि भारत सुरक्षा परिषद के अस्थायी सदस्य के तौर विश्व शांति के लिए काम करता रहेगा.

उन्होंने कहा कि यूएनएससी के अस्थायी सदस्य रहते हुए हम अंतराष्ट्रीय नियमों और चार्टरों का पालन करते रहेंगे. इसके साथ ही, उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि संयुक्त राष्ट्र से जुड़े सभी संगठनों में वक्त की जरूरत के हिसाब से सुधार की जरूरत है. उन्होंने भारत की प्राथमिकताओं को दोहराते हुए कहा कि संयुक्त राष्ट्र में आतंकवाद से निपटने हमारी प्राथमिकता में रहेगी और आतंकियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति रहेगी.

यूएनएससी में भारत के निर्वाचित होने पर उन्होंने कहा कि यह गुप्त मतदान था, इसलिए यह पता नहीं है कि किन 8 देशों ने मतदान के दौरान हमारा साथ नहीं दिया है. उन्होंने कहा कि भारत सुरक्षा परिषद के सभी सदस्य देशों के साथ का सहयोग करता रहेगा. भारत के पास संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का सदस्य बनने की क्षमता है. उन्होंने कहा कि कि सोमवार को भारत आठवीं बार संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का अस्थायी सदस्य बना है, हमें 184 सदस्य देशों ने मतदान किया.

विकास स्वरूप ने कहा कि पूर्वी लद्दाख में राजनयिक और सैन्य स्तर पर तनाव कम करने के लिए बातचीत चल रही थी. 6 जून को भी बैठक हुई थी. 15 जून की रात को चीन ने गलवान घाटी में यथास्थिति बदलने की कोशिश की. उन्होंने कहा कि चीन की तरफ से सुनियोजित तरीके से यह हरकत की गयी. इसकी वजह से हिंसा हुई और दोनों ओर के लोग हताहत हुए. भारत की सभी गतिविधियां अपनी सीमा के अंदर होती है. चीन से भी हम ऐसी ही उम्मीद करते हैं.

उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष एक दूसरे के संपर्क में हैं और दोनों पक्षों के बीच 6 जून के समझौते का पालन करने को लेकर सहमति बनी है. इसके साथ ही, उन्होंने इस बात का भी खुलासा किया कि रूस और चीन के साथ होने वाली विदेश मंत्रियों की बैठक (आरआईसी सम्मेलन) में इस बार रूस अध्यक्षता करेगा. इस बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये विदेश मंत्री शामिल होंगे. उन्होंने कहा कि इस बैठक में कोरोना महामारी पर चर्चा होगी.

Posted By : Vishwat Sen

Share Via :
Published Date
Comments (0)
metype

संबंधित खबरें

अन्य खबरें