कुंभ मेला 2021 से हटने लगा संत समाज, पीएम मोदी की अपील को माना, अयोध्या में नहीं होगा रामनवमी मेला
Author : Prabhat Khabar Digital Desk Published by : Prabhat Khabar Updated At : 17 Apr 2021 11:26 AM
शनिवार सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरिद्वार के संत समाज के लोगों से अपील की थी, जिसमें उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा था कि आचार्य महामंडलेश्वर पूज्य स्वामी अवधेशानंद गिरि जी से आज फोन पर बात की.
देहरादून/लखनऊ : देश में कोरोना संक्रमण के नए मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है. पिछले 24 घंटों के दौरान कोरोना के रिकॉर्ड 2,34,692 नए मामले दर्ज किए गए हैं. खबर यह भी है कि कोरोना के बढ़ते नए मामलों की वजह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील को मानते हुए हरिद्वार के कुंभ मेले से संत समाज हटने लगा है. संभावना यह है कि आगामी एक-दो दिन में मेला क्षेत्र पूरी तरह खाली हो जाएगा.
इसके साथ ही, इस बार अयोध्या में हर साल लगने वाला रामनवमी का मेला भी नहीं लगेगा. प्रशासन की ओर से रामनवमी के मेले में भीड़ पर रोक लगा दी गई है. ऐसे में, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने ऐसी योजना बनाई है कि राम भक्त घर बैठे राम जन्मोत्सव का हिस्सा बन पाएंगे.
बता दें कि शनिवार सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरिद्वार के संत समाज के लोगों से अपील की थी, जिसमें उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा था कि आचार्य महामंडलेश्वर पूज्य स्वामी अवधेशानंद गिरि जी से आज फोन पर बात की. सभी संतों के स्वास्थ्य का हाल जाना. मैंने प्रार्थना की है कि दो शाही स्नान हो चुके हैं और अब कुंभ को कोरोना के संकट के चलते प्रतीकात्मक ही रखा जाए. इससे इस संकट से लड़ाई को एक ताकत मिलेगी.
प्रधानमंत्री मोदी की अपील को स्वीकारते हुए जूना अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री जी के आह्वान का हम सम्मान करते हैं. जीवन की रक्षा महत पुण्य है. मेरा धर्म परायण जनता से आग्रह है कि कोविड की परिस्थितियों को देखते हुए भारी संख्या में स्नान के लिए न आएं एवं नियमों का निर्वहन करें.
इसके पहले, निर्वाणी अखाड़े के महामंडलेश्वर कपिल देव की कोरोना से मौत के बाद निरंजनी अखाड़े ने शनिवार तक मेला क्षेत्र से संतो की छावनियां खाली करने का गुरुवार को ही ऐलान कर दिया था. निरंजनी अखाड़ा के सचिव महंत रवींद्र पुरी ने कहा कि मुख्य शाही स्नान 14 अप्रैल को मेष संक्राति के साथ संपन्न हो गया. हमारे अखाड़ा में कई लोगों में कोरोना के लक्षण दिखाई दे रहे हैं. ऐसे में हमारे लिए कुंभ मेला संपन्न हो गया. उन्होंने कहा कि निरंजनी अखाड़े के साधु संतों की छावनियां 17 अप्रैल को खाली कर दी जाएंगी. बाकी अखाड़ों को भी एहतियातन कदम उठाते हुए कोरोना से बचाव को लेकर ध्यान देना चाहिए.
इसके साथ ही, खबर यह भी है कि इस साल अयोध्या में कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच रामनवमी का मेला नहीं लगेगा. यूपी सरकार और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी गाइडलाइन के अनुसार, कोरोना के संक्रमण की वजह से इस साल रामनवमी के मेले में भीड़ पर रोक लगा दी गई है. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम जन्मोत्सव को ऑनलाइन लाइव करने की योजना बनाई है. राम जन्मोत्सव का आकाशवाणी और दूरदर्शन पर लाइव प्रसारण किया जाएगा.
हालांकि, पहले कारसेवकपुरम में राम जन्मोत्सव का आयोजन करने की तैयारी की जा रही थी, लेकिन कोरोना के कारण प्रशासन अब कोविड प्रोटोकॉल के तहत अब मंदिर परिसर में ही रामलला के सामने आयोजन होगा. इसमें 100 अतिथियों के शामिल होने की बात कही जा रही है. कार्यक्रम के लिए गर्भगृह में थिएटरनुमा सभास्थल बनाया जाएगा, जिसमें 21 अप्रैल को दोपहर 12 बजे के बाद कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा.
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Posted by : Vishwat Sen
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