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पूर्वांचल के BJP नेता मनोज सिन्हा बने जम्मू-कश्मीर के दूसरे उपराज्यपाल, छात्र संघ का अध्यक्ष बन कर शुरू किया था राजनीतिक करियर

Updated at : 06 Aug 2020 1:10 PM (IST)
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पूर्वांचल के BJP नेता मनोज सिन्हा बने जम्मू-कश्मीर के दूसरे उपराज्यपाल, छात्र संघ का अध्यक्ष बन कर शुरू किया था राजनीतिक करियर

नयी दिल्ली / बलिया : उत्तर प्रदेश से भाजपा के वरिष्ठ व पूर्वांचल के कद्दावर नेता मनोज सिन्हा को जम्मू-कश्मीर का दूसरा उपराज्यपाल नियुक्त किया गया है. राष्ट्रपति के राष्ट्रपति के प्रेस सचिव अजय कुमार के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल के पद से गिरीश चंद्र मुर्मू का इस्तीफा स्वीकार कर लिये जाने के बाद राष्ट्रपति ने मनोज सिन्हा को जम्मू-कश्मीर का उपराज्यपाल नियुक्त किया है. मालूम हो कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाये जाने के बाद गिरीश चंद्र मुर्मू को पहला उपराज्यपाल बनाया गया था.

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नयी दिल्ली / बलिया : उत्तर प्रदेश से भाजपा के वरिष्ठ व पूर्वांचल के कद्दावर नेता मनोज सिन्हा को जम्मू-कश्मीर का दूसरा उपराज्यपाल नियुक्त किया गया है. राष्ट्रपति के राष्ट्रपति के प्रेस सचिव अजय कुमार के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल के पद से गिरीश चंद्र मुर्मू का इस्तीफा स्वीकार कर लिये जाने के बाद राष्ट्रपति ने मनोज सिन्हा को जम्मू-कश्मीर का उपराज्यपाल नियुक्त किया है. मालूम हो कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाये जाने के बाद गिरीश चंद्र मुर्मू को पहला उपराज्यपाल बनाया गया था.

मनोज सिन्हा का जन्म एक जुलाई, 1959 को पूर्वी उत्तर प्रदेश में गाजीपुर जिले के मोहनपुर में हुआ था. वह पूर्वी उत्तर प्रदेश के पिछड़े गांवों के विकास के लिए सक्रिय रूप से काम करते रहे हैं. काशी हिंदू विश्वविद्यालय के छात्र संघ का अध्यक्ष बनने के साथ ही 1982 से उनके राजनीतिक करियर की शुरुआत हुई.

मनोज सिन्हा 1996 में पहली बार लोकसभा के लिए चुने गये और उन्होंने 1999 में दोबारा जीत हासिल की. मनोज सिन्हा 1989 से 1996 तक भाजपा की राष्ट्रीय परिषद के सदस्य रहे. साल 2014 में लोकसभा चुनाव में भाजपा के सत्ता में आने पर तीसरी बार निचले सदन के लिए चुने गये.

मनोज सिन्हा रेल राज्य मंत्री रहे और बाद में उन्हें संचार मंत्रालय का स्वतंत्र प्रभार भी सौंपा गया था. मनोज सिन्हा भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता हैं. पूर्वी उत्तर प्रदेश में भाजपा के बड़े चेहरे हैं. हालांकि, 2019 का लोकसभा चुनाव वो हार गये थे. यही वजह है कि इस बार उन्हें केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली थी.

पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के निधन के बाद हुए उपचुनाव में समाजवादी पार्टी ने जहां नीरज शेखर को मैदान में उतारा था, वहीं बहुजन समाज पार्टी ने बाहुबली हरिशंकर तिवारी के पुत्र विनय शंकर तिवारी को अपना उम्मीदवार बनाया था. कांग्रेस में जिले के कद्दावर नेता माने जाने वाले राजीव उपाध्याय को टिकट दिया था, तो भाजपा की ओर से मनोज सिन्हा बलिया की उम्मीदवारी दी गयी थी.

Posted By : Kaushal Kishor

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