पंजाब में मजदूरों को तोहफा, सीएम मान ने बढ़ाया वेतन, 15% अधिक मिलेगी न्यूनतम मजदूरी

Published by :Pritish Sahay
Published at :01 May 2026 5:02 PM (IST)
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Punjab Minimum Wages Hike

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, फोटो- पीटीआई

Punjab Minimum Wages Hike: पंजाब की भगवंत मान सरकार अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस (1 मई) पर बड़ा फैसला लेते हुए पंजाब में न्यूनतम मजदूरी में 15 प्रतिशत बढ़ोतरी का ऐलान किया. इस ऐतिहासिक कदम से राज्य के लाखों श्रमिकों को सीधा फायदा मिलेगा और उनकी आय में बढ़ोतरी होगी.

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Punjab Minimum Wages Hike: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मजदूर दिवस के दिन श्रमिकों को सौगात दी है. सीएम मान ने विधानसभा के विशेष सत्र में मजदूरों के लिए न्यूनतम मजदूरी में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी की घोषणा की है. उन्होंने बताया कि यह बढ़ी हुई मजदूरी सरकारी और निजी, दोनों क्षेत्रों के सभी मजदूरों पर समान रूप से लागू होगी. मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य में करीब 13 साल बाद न्यूनतम मजदूरी में संशोधन किया गया है.

13 साल बाद किया गया बदलाव

विधानसभा के विशेष सत्र में सीएम मान ने कहा कि प्रदेश में यह बदलाव पूरे 13 सालों के बाद आया है. उन्होंने कहा कि न्यूनतम मजदूरी में इजाफा करने का मकसद मजदूरों को आर्थिक राहत देना है.

कांग्रेस ने की थी मजदूरी बढ़ाने की मांग

इससे पहले शुक्रवार (1 मई) कांग्रेस नेता और पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने विशेष सत्र से पहले मांग की कि राज्य सरकार श्रमिकों की मजदूरी बढ़ाने की घोषणा करे. बाजवा ने कहा कि मजदूर दिवस पर एक मई को विधानसभा का एक दिन का विशेष सत्र बुलाने वाली मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली राज्य सरकार यदि श्रमिक वर्ग को लेकर गंभीर है, तो उसे मजदूरी बढ़ाने की घोषणा करनी चाहिए.

विधानसभा के विशेष सत्र में कांग्रेस के साथ सीएम मान की तीखी बहस

पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान शुक्रवार को सीएम भगवंत मान और कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा के बीच तीखी बहस देखने को मिली. विवाद उस समय शुरू हुआ जब मुख्यमंत्री मान ने आरोप लगाया कि विपक्ष के विधायक सदन में मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहे हैं. एक दिवसीय सत्र के दौरान, जब अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवान वेतन संशोधन से जुड़ा प्रस्ताव पढ़ रहे थे, तभी मान ने खैरा पर मोबाइल फोन इस्तेमाल करने का आरोप लगाया. उन्होंने अपनी सीट से उठकर अध्यक्ष का ध्यान इस ओर दिलाया और कहा कि खैरा फोन में व्यस्त हैं. साथ ही उन्होंने अध्यक्ष से यह भी कहा कि वे खैरा से पूछें कि अभी पढ़े गए प्रस्ताव में क्या कहा गया है.

खैरा ने दी कड़ी प्रतिक्रिया

विधानसभा अध्यक्ष ने इस पर हस्तक्षेप करते हुए कांग्रेस विधायक को सदन में अनुशासन बनाए रखने और प्रस्ताव को ध्यान से सुनने की नसीहत दी. इसके बाद मुख्यमंत्री मान ने खैरा से सवाल किया कि वे बाहर जाकर मोबाइल फोन का इस्तेमाल क्यों नहीं करते. इस टिप्पणी पर भोलाथ से विधायक खैरा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी. दोनों नेताओं के बीच बहस बढ़ती गई और हालात ऐसे हो गए कि सदन की कार्यवाही कुछ समय के लिए बाधित हो गई. इस दौरान मान और खैरा एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाते और उंगली उठाते नजर आए.

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Pritish Sahay

लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.

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