'वंदे मातरम्' के अपमान पर होगी 3 साल तक की जेल, राष्ट्रपति मुर्मू ने विधेयक को दी मंजूरी

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, फोटो ANI

राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' के गायन में जानबूझकर बाधा डालने या उसे रोकने वालों के खिलाफ अब सख्त कानूनी कार्रवाई होगी. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026 को अपनी मंजूरी दे दी है. इस मंजूरी के साथ ही यह विधेयक अब कानून बन गया है, जिससे राष्ट्रगीत वंदे मातरम् को भी राष्ट्रगान 'जन गण मन' के समान ही कानूनी संरक्षण प्राप्त हो गया है.

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वंदे मातरम् विधेयक 29 जुलाई को राज्यसभा और 30 जुलाई को लोकसभा से पारित हुआ था. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि इस बार स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर पहली बार लालकिले की प्राचीर से वंदे मातरम् का गायन किया जाएगा.

कानून में क्या हैं मुख्य प्रावधान?

  • सजा और जुर्माना: नए कानून के तहत यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर वंदे मातरम् के गायन को रोकता है या इसे गा रही किसी सभा में व्यवधान डालता है, तो उसे अधिकतम तीन साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है.
  • दोबारा अपराध पर कठोर कार्रवाई: यदि कोई व्यक्ति दोबारा या बार-बार यह अपराध करता है, तो उसे कम से कम एक साल की अनिवार्य जेल की सजा भुगतनी होगी.
  • समान दर्जा: अब तक राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम के तहत केवल राष्ट्रगान 'जन गण मन' के अपमान पर ही सजा का प्रावधान था. पुराने कानून में राष्ट्रगीत के लिए ऐसा कोई विशिष्ट सुरक्षात्मक दायरा नहीं था, जिसे अब धारा तीन में संशोधन करके जोड़ दिया गया है.

1950 में डॉ राजेंद्र प्रसाद ने कहा था- वंदे मातरम् को राष्ट्रगान के बराबर सम्मान और दर्जा दिया जाएगा

विधेयक के उद्देश्यों में संविधान सभा के अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र प्रसाद के 24 जनवरी, 1950 को दिए गए ऐतिहासिक वक्तव्य का उल्लेख किया गया है. उन्होंने कहा था कि बंकिम चंद्र चटर्जी द्वारा रचित 'वंदे मातरम्', जिसने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, को राष्ट्रगान के बराबर ही सम्मान और दर्जा दिया जाएगा.

गृह मंत्रालय ने राष्ट्रगीत के लिए तय किए नए प्रोटोकॉल

इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 28 जनवरी को राष्ट्रगीत के लिए दिशा-निर्देश और प्रोटोकॉल जारी किए थे.

  • पहले गाया जाएगा राष्ट्रगीत: जिन आधिकारिक कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान दोनों बजाए या गाए जाएंगे, वहां सबसे पहले वंदे मातरम् का गायन होगा.
  • 3 मिनट 10 सेकंड की अवधि: राष्ट्रपति के आगमन, ध्वजारोहण और राज्यपालों के संबोधन जैसे आधिकारिक अवसरों पर वंदे मातरम् के सभी छह अंतरे गाए जाएंगे, जिनकी कुल अवधि 3 मिनट 10 सेकंड होगी.
  • सावधान की मुद्रा अनिवार्य: राष्ट्रगीत के गायन के दौरान सभा में मौजूद सभी व्यक्तियों को 'सावधान' की मुद्रा में खड़ा होना अनिवार्य होगा.
  • स्कूलों में अनिवार्य सामूहिक गायन: देश के सभी विद्यालयों में दिन की शुरुआत वंदे मातरम् के सामूहिक गायन के साथ की जाएगी.


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अरबिंद कुमार मिश्रा

लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

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पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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