'भारत के संविधान को रौंदा गया', पीएम मोदी ने इमरजेंसी के दिनों को याद करते हुए कहा
PM Narendra Modi ने इमरजेंसी के दिनों को याद करते हुए सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कांग्रेस को घेरा और कहा कि कांग्रेस पार्टी ने बुनियादी स्वतंत्रताओं को खत्म कर दिया था.
देश में इमरजेंसी को लगे 50 साल पूरे हुए हैं. इसको लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर तंज कसा है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा कि आज उन सभी महान लोगों को श्रद्धांजलि देने का दिन है, जिन लोगों ने इमरजेंसी का विरोध किया था. इमरजेंसी के काले दिन हमें याद दिलाते हैं कि कैसे कांग्रेस पार्टी ने बुनियादी स्वतंत्रताओं को खत्म कर दिया था. भारत के संविधान को रौंदा गया, जिसका हर भारतीय बहुत सम्मान करता है.
कांग्रेस पर तंज सकते हुए पीएम मोदी ने कहा कि जिस मानसिकता की वजह से देश में इमरजेंसी लगाया गया था, वह आज भी उस पार्टी में जीवित है जिसने इसे लागू किया था. वे अपने प्रतीकवाद के माध्यम से संविधान के प्रति अपने तिरस्कार को छिपाते हैं, लेकिन भारत के लोगों ने उनकी हरकतों से वाकिफ हैं. इसीलिए उन्होंने उन्हें बार-बार खारिज किया. जिन लोगों ने इमरजेंसी लगाया, उन्हें हमारे संविधान के प्रति अपने प्रेम को जाहिर करने का कोई अधिकार नहीं है.

बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस पर साधा निशाना
- बीजेपी अध्यक्ष जे पी नड्डा ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म ‘एक्स’ पर लिखा कि जो लोग आज भारतीय लोकतंत्र के संरक्षक होने का दावा करते हैं, उन्होंने संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए उठाई गई आवाजों को दबाने का कोई मौका नहीं छोड़ा.
- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि तत्कालीन पीएम इंदिरा गांधी द्वारा 1975 में लगाई गई इमरजेंसी भारतीय लोकतंत्र में एक काला अध्याय है, जिसे चाह कर भी भुलाया नहीं जा सकता है. उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट शेयर किया और कहा-सत्ता के दुरुपयोग और तानाशाही का खुला खेल उस वक्त खेला गया.
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By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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