PM Modi Tweet: पीएम मोदी के ट्वीट से परेशान हुए यूजर्स, प्रधानमंत्री के पोस्ट में छिपा है बड़ा संदेश

PM Modi (File Photo)
PM Modi Tweet: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कुछ भी करते हैं, तो उसकी चर्चा लंबे समय तक होती है. इस समय उन्होंने एक्स पर ऐसा पोस्ट कर दिया, जिससे यूजर्स परेशान हो गए हैं. लोग कमेंट्स कर पोस्ट का मतलब पूछ रहे हैं. एक यूजर्स ने तो परेशान होकर लिख दिया, 'ये क्या लिख दिया प्रभु.' अगर आप भी पीएम मोदी के ट्वीट का मतलब नहीं समझे हैं तो, परेशान होने की जरूरत नहीं है. हम आपको उसका अर्थ यहां समझाएंगे.
PM Modi Tweet: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने एक्स अकाउंट पर एक पोस्ट डाला है, जिसकी भाषा किसी को समझ में नहीं आ रही है. यूजर्स परेशान होकर तरह-तरह के कमेंट्स कर रहे हैं. लेकिन जब आप प्रधानमंत्री के पोस्ट का अर्थ समझेंगे, तो उनकी प्रशंसा करने लगेंगे. दरअसल पीएम मोदी ने ट्वीट कर संताल हूल क्रांति के महानायकों को याद किया है. पीएम ने संताली भाषा की लिपी (ओलचिकी) में अपना संदेश पोस्ट किया है.
ᱦᱩᱞ ᱢᱟᱦᱟ ᱫᱚ ᱟᱵᱚ ᱟᱹᱫᱤᱵᱟ.ᱥᱤ ᱥᱟᱶᱛᱟ ᱨᱮᱭᱟᱜ ᱫᱤᱞ ᱫᱟᱲᱮ ᱟᱨ ᱦᱟᱦᱟᱲᱟᱜ ᱵᱤᱨᱚᱛᱛᱚ ᱨᱮᱭᱟᱜ ᱠᱟᱛᱷᱟᱭ ᱩᱭᱦᱟᱹᱨ ᱟᱵᱚᱱᱟ ᱾ ᱱᱟᱜᱟᱢᱟᱱᱟᱜ ᱥᱟᱱᱛᱟᱞ ᱦᱩᱞ ᱥᱟᱶᱛᱮ ᱥᱟᱹᱜᱟᱹᱭ ᱟᱱ ᱱᱚᱣᱟ ᱟᱠᱷᱲᱟ ᱨᱮ ᱟᱞᱮ…
— Narendra Modi (@narendramodi) June 30, 2025
क्या है प्रधानमंत्री मोदी के पोस्ट का अर्थ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पोस्ट में लिखा, “हूल क्रांति दिवस हमें मूलनिवासियों के साहस और अद्भुत प्रतिरोध की याद दिलाता है. ऐतिहासिक संताल क्रांति से जुड़े सिदो, कान्हू, चांद भैरव और फूलो-झानो को हम सम्मान करते हैं. जिन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई में अपने प्राणों की आहुति दे दी. सभी वीर क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि देते हैं. उनकी कहानी देश के सभी नागरिकों को देश के सम्मान की रक्षा के लिए प्रेरित करेगी.”
पूरा देश मना रहा हूल दिवस
हूल दिवस 1855-56 में ब्रिटिश शासन के खिलाफ हुए संताल विद्रोह की याद में मनाया जाता है. आदिवासी सिदो और कान्हू मुर्मू दो भाई थे, जिन्होंने संथाल हूल नामक विद्रोह का नेतृत्व किया था. यह विद्रोह झारखंड में हुआ था. यह विद्रोह भोगनाडीह गांव से शुरू हुआ था. इस विद्रोह का उद्देश्य ब्रिटिश और स्थानीय जमींदारों द्वारा संताल लोगों के शोषण के खिलाफ आवाज उठाना था.
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने हूल विद्रोह के नायकों को किया याद
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, “हूल विद्रोह के महान नायकों, अमर शहीद सिदो और कान्हू, चांद-भैरव, फूलो-झानो एवं अन्य वीर शहीदों के संघर्ष एवं बलिदान को नमन। स्वतंत्रता संग्राम से पहले हूल विद्रोह के हमारे नायकों ने अंग्रेजी हुकूमत और महाजनों के शोषण एवं अत्याचार के खिलाफ तथा जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए आदिवासी अस्मिता की मशाल जलाई थी.” उन्होंने कहा कि बहादुर पूर्वजों की शिक्षाएं हमेशा लोगों को न्याय और आत्मसम्मान के लिए प्रेरित करती रहेंगी. सोरेन ने कहा, “अमर वीर शहीद सिदो और कान्हू अमर रहें! झारखंड के वीर शहीद अमर रहें! जय झारखंड!”
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लेखक के बारे में
By ArbindKumar Mishra
मुख्यधारा की पत्रकारिता में 14 वर्षों से ज्यादा का अनुभव. खेल जगत में मेरी रुचि है. वैसे, मैं राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय खबरों पर काम करता हूं. झारखंड की संस्कृति में भी मेरी गहरी रुचि है. मैं पिछले 14 वर्षों से प्रभातखबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इस दौरान मुझे डिजिटल मीडिया में काम करने का काफी अनुभव प्राप्त हुआ है. फिलहाल मैं बतौर शिफ्ट इंचार्ज कार्यरत हूं.
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