'गुलामी का प्रतीक थीं पुरानी इमारतें', 'सेवा तीर्थ' और कर्तव्य भवन के उद्घाटन पर बोले पीएम मोदी
Published by : Pritish Sahay Updated At : 13 Feb 2026 8:34 PM
सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन का पीएम मोदी ने किया उद्घाटन, फोटो- पीटीआई
PM Modi Inaugurates Seva Teerth: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को नए प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) का उद्घाटन किया. प्रधानमंत्री कार्यालय का नाम सेवा तीर्थ रखा गया है जबकि केंद्रीय सचिवालय की दो इमारतों को कर्तव्य भवन 1 और 2 कहा जाएगा. उद्घाटन के मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि नॉर्थ और साउथ ब्लॉक की इमारतें औपनिवेशिक काल की प्रतीक थी. उन्होंने कहा कि विकसित भारत की यात्रा में औपनिवेशिक मानसिकता को छोड़ना जरूरी है.
PM Modi Inaugurates Seva Teerth: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन एक और दो का उद्धाटन किया है. उद्घाटन के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि विकसित भारत की इस यात्रा में औपनिवेशिक मानसिकता को छोड़ना जरूरी है. ये सौ साल पुरानी इमारतें जर्जर हो रही थीं, इनमें जगह और सुविधाओं की कमी थी. ये एक नए राष्ट्र की जरूरतों को पूरा करने के लिए काफी नहीं हो रही थी. पीएम मोदी ने कहा “मैं गर्व से कह सकता हूं कि सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन भारतीयों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए बनाए गए हैं, न कि किसी सम्राट की आकांक्षाओं को.” उन्होंने कहा कि भारत की राजधानी कोलकाता से रायसीना हिल पर स्थित उन इमारतों में स्थानांतरित कर दी गई, जिनका निर्माण ब्रिटिश राजघराने की इच्छा के अनुसार किया गया था.
विकसित भारत के लक्ष्य हासिल करने का संकल्प- पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि साउथ ब्लॉक और नॉर्थ ब्लॉक का निर्माण भारत को सदियों तक औपनिवेशिक गुलामी में रखने के मकसद से किया गया था. हम सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन 1 और 2 में विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के संकल्प के साथ प्रवेश कर रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दो नए ‘कर्तव्य भवन’ का उद्घाटन किया और इस अवसर पर स्मारक डाक टिकट और सिक्का भी जारी किया. पीएम मोदी ने कहा “इस बदलाव के बीच, पुरानी इमारत में बिताए वर्षों की यादें निसंदेह हमारे साथ रहेंगी. विभिन्न समयों की चुनौतियों का सामना करते हुए वहां कई अहम फैसले लिए गए थे. यहीं देश को एक नई दिशा मिली. वह परिसर, वह इमारत, भारत के इतिहास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. इसलिए, हमने उस इमारत को राष्ट्र को समर्पित संग्रहालय में बदलने का निर्णय लिया है.
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पीएम मोदी ने बताया 140 करोड़ भारतीयों की आकांक्षाओं की नींव
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उद्घाटन के बाद यह भी कहा कि प्रधानमंत्री कार्यालय और केंद्रीय सचिवालय के नए भवन विकसित भारत की दिशा में देश की यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर हैं. ये नागरिक-केंद्रित शासन और राष्ट्रीय प्रगति के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं. नए प्रधानमंत्री कार्यालय और केंद्रीय सचिवालय की दो इमारतों का उद्घाटन करते हुए मोदी ने यह भी कहा कि इन इमारतों का निर्माण भारत के लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए किया गया है. प्रधानमंत्री ने कहा कि साउथ ब्लॉक और नॉर्थ ब्लॉक जैसी ऐतिहासिक इमारतें, जिनमें अब तक प्रधानमंत्री कार्यालय के अलावा रक्षा, गृह और वित्त जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालय स्थित हैं, ब्रिटिश साम्राज्य के आदर्शों को मूर्त रूप देने के लिए बनाई गई थीं, लेकिन सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन का निर्माण देश की जनता की आकांक्षाओं को साकार करने के लिए किया गया है. उन्होंने कहा “यहां लिए गए निर्णय किसी सम्राट की इच्छा को प्रतिबिंबित करने के बजाय 140 करोड़ नागरिकों की आकांक्षाओं को आगे बढ़ाने की नींव बनेंगे.”
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By Pritish Sahay
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