ePaper

अब कभी सक्रिय नहीं हो सकेगा चंद्रयान-3 का लैंडर और रोवर! क्या तीसरे चंद्र मिशन का हो गया अंत

Updated at : 07 Oct 2023 7:11 PM (IST)
विज्ञापन
अब कभी सक्रिय नहीं हो सकेगा चंद्रयान-3 का लैंडर और रोवर! क्या तीसरे चंद्र मिशन का हो गया अंत

**EDS: GRAB VIA ISRO’S YOUTUBE** Bengaluru: A screenshot shows a representation of Chandrayaan-3's successful landing on the Moon’s surface, Wednesday, Aug. 23, 2023. (PTI Photo) (PTI08_23_2023_000236B)

चंद्रयान-3 के लैंडर ‘विक्रम’ और रोवर ‘प्रज्ञान’ के पुन: सक्रिय होने की अब कोई उम्मीद नहीं है. चंद्रमिशन से सक्रिय रूप से जुड़े रहे अंतरिक्ष आयोग के सदस्य एवं इसरो के पूर्व अध्यक्ष एएस किरण कुमार ने कहा कि अब इसके फिर से सक्रिय होने की कोई उम्मीद नहीं है.

विज्ञापन
undefined

चंद्रयान-3 के लैंडर ‘विक्रम’ और रोवर ‘प्रज्ञान’ के पुन: सक्रिय होने की अब कोई उम्मीद नहीं है. यह बात शुक्रवार को एक जाने-माने अंतरिक्ष वैज्ञानिक ने कही, जो भारत के तीसरे चंद्र मिशन के संभावित अंत का संकेत है. मिशन से सक्रिय रूप से जुड़े रहे अंतरिक्ष आयोग के सदस्य एवं इसरो के पूर्व अध्यक्ष एएस किरण कुमार ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए यह कहा है. उन्होंने कहा कि नहीं अब इसके फिर सक्रिय होने की कोई उम्मीद नहीं है. अगर यह होना होता, तो अब तक हो जाना चाहिए था.

undefined

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने 22 सितंबर को कहा था कि नया चंद्र दिवस शुरू होने के बाद सौर ऊर्जा चालित विक्रम लैंडर और प्रज्ञान रोवर के साथ संपर्क स्थापित करने के प्रयास किए गए हैं ताकि उनके फिर से सक्रिय होने की संभावना का पता लगाया जा सके. इसने कहा था कि फिलहाल उनकी (लैंडर और रोवर) ओर से कोई संकेत नहीं मिले हैं और संपर्क स्थापित करने के प्रयास जारी रहेंगे.

undefined

चंद्रयान-3 मिशन के साथ भारत ने 23 अगस्त को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र में सॉफ्ट लैंडिंग कर इतिहास रच दिया था और ऐसा करने वाला यह दुनिया का पहला देश बन गया था. इसके साथ ही भारत चंद्रमा पर सफल सॉफ्ट लैंडिंग के साथ अमेरिका, पूर्ववर्ती सोवियत संघ और चीन के बाद ऐसा करने वाला विश्व का चौथा देश बन गया था.

undefined

इसरो ने चंद्रमा पर रात होने से पहले 4 और 2 सितंबर को लैंडर तथा रोवर को स्लीप मोड में डाल दिया था, जिनके 22 सितंबर के आसपास अगले सूर्योदय पर फिर से सक्रिय होने की उम्मीद थी. लैंडर और रोवर को एक चंद्र दिवस की अवधि (पृथ्वी के लगभग 14 दिन) तक कार्य करने के लिए डिजाइन किया गया था.

undefined

इसरो के अधिकारियों के अनुसार, चंद्रयान-3 मिशन के सभी तीन उद्देश्य हासिल कर लिए गए हैं जिनमें चंद्रमा की सतह पर सुरक्षित ‘सॉफ्ट लैंडिंग’, चंद्रमा पर घूमने वाले रोवर का प्रदर्शन और चंद्र सतह पर वैज्ञानिक प्रयोग शामिल हैं.

undefined

चंद्रयान-3 मिशन की उपलब्धि के संबंध में किरण कुमार ने कहा बड़े अर्थों में आपने निश्चित रूप से जो हासिल किया है वह यह है कि आप एक ऐसे क्षेत्र पर पहुंच गए हैं, जहां कोई और नहीं पहुंचा है तथा उस क्षेत्र का वास्तविक डेटा प्राप्त नहीं किया है. यह वास्तव में बहुत उपयोगी जानकारी है. इससे बाद के अभियानों को ज्ञान के संदर्भ में और उन गतिविधियों की योजना बनाने के संदर्भ में लाभ होगा जो आप उस क्षेत्र में करना चाहते हैं.

undefined

उन्होंने इसरो द्वारा चंद्रमा से नमूने लाए जाने संबंधी मिशन शुरू करने की संभावना के बारे में भी बात की, लेकिन इस तरह का अभियान शुरू करने के लिए कोई समयसीमा नहीं दी. कुमार ने कहा कि हां निश्चित रूप से भविष्य में यह सब वहां होगा क्योंकि ये सभी प्रौद्योगिकी क्षमताएं हैं जिन्हें आप विकसित करते रहते हैं, अब इसने (चंद्रयान-3) सॉफ्ट लैंडिंग की उपलब्धि हासिल की है और इसके बाद के अभियानों में वहां से सामग्री उठाई जाएगी तथा वापस लाई जाएगी, निश्चित तौर पर वे सभी मिशन होंगे.

undefined

उन्होंने कहा, भविष्य में इनमें से कई चीजों पर काम होगा. योजनाएं बनाई जाएंगी और फिर प्रौद्योगिकी विकास के समग्र दृष्टिकोण के आधार पर प्रस्ताव रखे जाएंगे.

undefined

कुमार ने कहा, यह पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करता है कि समग्र योजना कैसे बनती है, और कितने संसाधन उपलब्ध कराए जाते हैं, इसलिए यह (नमूना-वापसी मिशन के लिए समयसीमा) बताना बहुत मुश्किल है.

विज्ञापन
Agency

लेखक के बारे में

By Agency

Agency is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola