1. home Hindi News
  2. national
  3. pakistan local organization terrorist organization terrorist involved

पाक ने स्थानीय नामों से बनाये आतंकी संगठन, पुराने आतंकी शामिल

By Prabhat Khabar Digital Desk
Updated Date
फाइल फोटो
फाइल फोटो

जम्मू : जम्मू कश्मीर के पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने कहा है कि पाकिस्तान ने " स्थानीय नामों" से नए आतंकी संगठन बनाए हैं ताकि दुनिया को गुमराह किया जा सके कि उसका इस केंद्र शासित प्रदेश में आतंकवाद से कुछ लेना देना नहीं है.

बहरहाल, इन संगठनों में लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) और जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के आतंकवादी ही शामिल हैं . डीजीपी ने पड़ोसी देश और उसकी एजेंसियों पर कश्मीर घाटी में अशांति फैलाने के उद्देश्य से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म बनाने को लेकर हमला बोला.

अधिकारी ने कहा कि पाकिस्तान ने हाल ही में तीन आतंकवादी संगठन गठित किए है, जिसमें तहरीक रेजिस्टन्स फ्रंट (टीआरएफ), तहरीक मिलिती इस्लामिया (टीएमआई) और गज़वा-ए-हिंद (जीईए) शामिल हैं. इसका मकसद यह साबित करना है कि कश्मीर में स्वदेशी आतंकवाद है. सिंह ने दिए एक साक्षात्कार में कहा, " उन्होंने (पाकिस्तान ने) एक नया आतंकी संगठन बनाया है जिसे रेजिस्टन्स फ्रंट कहा जाता है.

यह वास्तव में एक आतंकी पुनर्जीवन मोर्चा है, क्योंकि उन्होंने देखा कि आतंकवादी गतिविधियां कम हो रही हैं. वे क्षेत्र में आतंकवाद जारी रखने के लिए स्थानीय नाम की अवधारणा को लेकर आए. " सिंह ने कहा, "उन्होंने एलईटी और जेईएम के अधिक सदस्यों और कैडरों को रेजिस्टन्स फ्रंट में भेजकर (आतंकवादियों की) संख्या को फिर से भरने की कोशिश की है. "

पुलिस प्रमुख ने कहा, "दुनिया को मूर्ख" बनाने के लिए टीआरएफ ने कई आतंकवादी हमलों की जिम्मेदारी ली है जिन्हें असल में एलईटी, जेईएम और हिज्बुल मुजाहिदीन (एचएम) ने अंजाम दिए हैं." उन्होंने बताया, " अतीत में, हमने देखा है एलईटी, एचएम या जेईएम द्वारा अंजाम दी गई कई घटनाओं की जिम्मेदारी टीआरएफ ने ली है. "

अधिकारी ने बताया कि यह दुनिया को गुमराह करने के लिए छल भरा एक अभियान है कि पाकिस्तान का कश्मीर में आतंकवाद से कोई लेना-देना नहीं है जबकि तथ्य यह है कि सबकुछ पाकिस्तान, उसकी फौज और खुफिया एजेंसी की तरफ से हो रहा है. उन्होंने कहा, "वे जम्मू कश्मीर में आतंकवादी गतिविधि जारी रख रहे हैं. यह चिंता की बात है. " टीआरएफ ने कुपवाड़ा में नियंत्रण रेखा पर पांच अप्रैल को हुई घटना की जिम्मेदारी ली है जिसमें सेना के पांच कर्मी शहीद हो गए थे.

कुलगाम के काजीगुंड में 27 अप्रैल को तीन आतंकवादी मारे गए. हमले की जिम्मेदारी भी टीआरएफ ने ली है लेकिन आतंकवादी सालों से हिज्बुल से जुड़े थे. डीजीपी ने कहा, " आतंकवादियों के साथ ज्यादातर मुठभेड़ों में हमने देखा है कि भले ही आतंकवादी टीआरएफ के अलावा किसी और संगठन से जुड़ा हो, फिर भी वे यह दावा करने की कोशिश करते हैं कि जो मारा गया है वह टीआरएफ से जुड़ा था. यह पाकिस्तान की दूसरी रणनीति है."

उन्होंने बताया कि पाकिस्तान ने आतंकी समूहों के लिए स्थानीय नामों का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है जैसे तहरीक ए मिलिती इस्लामिया (टीएमआई) और गज़वा-ए-हिंद (जेईएच). यह कुख्यात गतिविधि पाकिस्तान अंजाम दे रहा है. सिंह ने कहा कि यह भारतीय सुरक्षा एजेंसियों द्वारा साबित किया गया है कि पाकिस्तान नए आतंकी संगठनों को लॉन्च करने और नई भर्तियों के लिए सोशल मीडिया का उपयोग कर रहा है.

उन्होंने कहा, " उन्होंने (पाकिस्तान) ने सोशल मीडिया पर एक संस्था के तौर पर टीआरएफ का इस्तेमाल किया जो बाद में एक संगठन बना." सिंह ने कहा ‘‘ टीआरएफ को यहां अप्रैल में शुरू किया गया. इससे पहले वे संगठन को पूरी तरह से लॉन्च करते, हमने टीआरएफ के लिए जाने वाले 22 हथियारों को जब्त कर लिया.

इसने 12 कैडरों के लॉन्च को प्रभावित किया जिन्हें टीआरएफ में शामिल किया जाना था. '' उन्होंने बताया कि पुलिस और सुरक्षा बलों ने हाल की मुठभेड़ों में चार संगठनों के प्रमुखों सहित सभी आतंकवादी संगठनों के 22 कमांडरों को ढेर कर दिया. इसके बाद पाकिस्तान हिंसक प्रदर्शन भड़काने की कोशिश कर रहा है.

डीजीपी ने बताया कि इस साल लगभग 30 मुठभेड़ों में करीब 70 आतंकवादी मारे गए हैं जिनमें 22 शीर्ष कमांडर शामिल हैं. सिर्फ अप्रैल में ही, 12 अलग-अलग मुठभेड़ों में 30 आतंकवादी मारे गए. इन मुठभेड़ों में मारे गए आतंकवादियों में हिज्बुल मुजाहिदीन, लश्कर-ए-तैयबा, अंसार गज़वातुल हिंद और जैश-ए-मोहम्मद संगठन के कश्मीर प्रमुख शामिल थे.

अधिकारी ने हिज्बुल मुजाहिदीन प्रमुख रियाज नाइकू को ढेर किए जाने को पुलिस और सुरक्षा बलों के लिए एक "उल्लेखनीय उपलब्धि" बताया और जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद को एक बड़ा झटका करार दिया. सिंह ने कहा, "वे पथराव और हिंसक प्रदर्शनों कराने की कोशिश कर रहे हैं जिसके खिलाफ पुलिस और सुरक्षा बलों की कार्रवाई में कुछ लोग मारे जा सकते हैं और घायल हो सकते हैं. "

उन्होंने कहा, " यह उनकी रणनीति है और हम इसके बारे में जानते हैं. हमने पिछले एक साल में पुलिस और सुरक्षा बलों की किसी भी कार्रवाई में एक भी नागरिक को हताहत नहीं होने दिया है. कश्मीर में शांति है और लोग सरकार के साथ सहयोग करते रहे हैं. इसने पाकिस्तान, आतंकी समूहों और उनके समर्थकों को पूरी तरह से निराश कर दिया है." उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के इलाकों में युवाओं को गुमराह करने और कानून-व्यवस्था की समस्याओं को बढ़ाने के लिए पाकिस्तान प्रायोजित प्रचार पूरी तीव्रता के साथ चल रहा है.

Share Via :
Published Date
Comments (0)
metype

संबंधित खबरें

अन्य खबरें