Oxygen Cylinder Crisis : जल्द खत्म होगी टेंशन, जर्मनी से भारत आ रहे 23 मोबाइल ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट

Kanpur: A COVID-19 patient receives primary treatment outside LLR Hospital, amid a shortage in beds and medical oxygen due to surge in coronavirus cases in Kanpur, Thursday, April 22, 2021. (PTI Photo/Arun Sharma)(PTI04_22_2021_000190A)
Oxygen Cylinder Crisis in India : देश में तेजी से बढ़ते कोरोना (Coronavirus in india) मरीजों के आंकड़े और ऑक्सीजन (Oxygen) की कमी को देखते हुए रक्षा मंत्रालय ने बड़ा फैसला किया है. ऑक्सीजन की कमी को पूरा करने के लिए भारत जर्मनी से 23 मोबाइल ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट (Mobile Oxygen Generation Plant) हवाई जहाज के जरिए मंगाने जा रहा है. Oxygen, Mobile Oxygen Generation Plant, Indian Air Force, Coronavirus, Germany, Ministry of Defense, Rajnath Singh
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ऑक्सीजन की कमी को देखते हुए रक्षा मंत्रालय ने बड़ा फैसला किया
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भारत जर्मनी से 23 मोबाइल ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट हवाई मार्ग से मंगाएगा
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संयंत्र की क्षमता 40 लीटर ऑक्सीजन प्रति मिनट
Oxygen Cylinder Crisis in India : देश में तेजी से बढ़ते कोरोना (Coronavirus in india) मरीजों के आंकड़े और ऑक्सीजन (Oxygen) की कमी को देखते हुए रक्षा मंत्रालय ने बड़ा फैसला किया है. ऑक्सीजन की कमी को पूरा करने के लिए भारत जर्मनी से 23 मोबाइल ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट (Mobile Oxygen Generation Plant) हवाई जहाज के जरिए मंगाने जा रहा है.
मंत्रालय ने यह निर्णय ऐसे समय में किया है जब कोरोना वायरस संक्रमण के तेजी से बढ़ते मामलों के बीच कई राज्यों को चिकित्सीय ऑक्सीजन की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है. इस संबंध में अधिकारियों ने बताया कि प्रत्येक संयंत्र की क्षमता 40 लीटर ऑक्सीजन प्रति मिनट और 2400 लीटर ऑक्सीजन प्रति घंटा उत्पादन करने की है.
अधिकारियों ने बताया कि एक अन्य कदम के तहत, रक्षा मंत्रालय ने सशस्त्र सेना चिकित्सा सेवा (एएफएमएस) में 238 शार्ट सर्विस कमिशन के तहत डॉक्टरों की सेवा को 31 दिसंबर तक बढ़ाने का निर्णय लिया है. रक्षा मंत्रालय के प्रधान प्रवक्ता ए भारत भूषण बाबू ने जनकारी देते हुए कहा कि जर्मनी से लाये जाने वाले संयंत्रों की स्थापना कोरोना संक्रमित मरीजों का उपचार करने वाले सशस्त्र सेना चिकित्सा सेवा (एएफएमएस) के अस्पतालों में की जायेगी.
मंत्रालय का यह निर्णय तब आया है जब चार दिन पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने महामारी के मद्देनजर चिकित्सा आधारभूत ढांचे को बेहतर बनाने के उद्देश्य से जरूरी खरीद के लिये तीनों सेवाओं और अन्य रक्षा एजेंसियों को आपात वित्तीय अधिकारी प्रदान करने की घोषणा की थी.
रक्षा मंत्रालय के प्रधान प्रवक्ता ने आगे बताया कि 23 सचल ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र को हवाई मार्ग से जर्मनी से लाया जायेगा. इन्हें कोरोना संक्रमित के मरीजों का उपचार करने वाले एएफएमसी के अस्पतालों में स्थापित किया जाएगा. ऑक्सीजन उत्पादन करने वाले संयंत्र के एक सप्ताह के भीतर हवाई मार्ग से लाने की उम्मीद है.
भाषा इनपुट के साथ
Posted By : Amitabh Kumar
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