दो घंटे में पता लग जाएगा 'ओमिक्रॉन' है या नहीं, ICMR ने बनाई सौ फीसदी सटीक टेस्टिंग किट

Updated at : 12 Dec 2021 7:46 AM (IST)
विज्ञापन
दो घंटे में पता लग जाएगा 'ओमिक्रॉन' है या नहीं, ICMR ने बनाई सौ फीसदी सटीक टेस्टिंग किट

कोरोना के नए वैरिएंट 'ओमिक्रॉन'(Omicron) को लेकर पूरी दुनिया में खौफ है. इस बीच ICMR को बड़ी सफलता मिली है. दरअसल आईसीएमआर के वैज्ञानिकों ने ऐसे टेस्टिंग किट का निर्माण किया है जिससे 2 घंटे में पता चल जाएगा कि कोरोना का नया वैरिएंट 'ओमिक्रॉन' है या नहीं.

विज्ञापन

कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन(Omicron) को लेकर भारत को एक बड़ी सफलता मिली है. दरअसल अब ओमिक्रॉन का पता कुछ ही घंटों में लगााया जा सकता है. इसके लिए आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद(ICMR) डिब्रूगढ़ ने एक ऐसे टेस्टिंग किट(omicron testing kit) को तैयार किया है जिससे ओमिक्रॉन है या नहीं इसकी जानकारी केवल 2 घंटे में हो जाएगी. आपको बता दें कि अभी नए वैरिएंट का पता जीनोम सीक्वेंसिंग के जरिए लगाया जाता है. जिसमें करीब 3 से 4 दिनों का समय लगता है साथ ही ये काफी महंगा भी है.

फिलहाल भारत में ओमिक्रोन(omicron) के मरीजों की संख्या 33 है. वहीं, कई संदिग्ध मरीज हैं जिनके सैंपल को जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजा गया है. आपको बता दें कि ओमिक्रॉन वैरिएंट पूरी दुनिया में तेजी से फैल रहा है. तेजी से फैलते इस वैरिएंट को रोकने के लिए जांच में तेजी लाने की जरूरत थी. त्वरित जांच को लेकर रिसर्च हो रहे थे. इस बीच पूर्वोत्तर में काम करने वाली क्षेत्रीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान केंद्र के विशेषज्ञों ने इसमें सफलता पाते हुए इस टेंस्टिंग किट का निर्माण किया है.

100 फीसदी सटीक है ये किट

आईसीएमआर के डॉ विश्वज्योति बोरकाकोटी की अगुवाई वाली वैज्ञानिकों टीम ने इस टेस्टिंग किट को बनाया है. इस किट की खास बात ये है कि इसे ओमिक्रॉन(omicron) वैरिएंट के विशेष सिंथेटिक जीन फ्रेगमेंट पर अजमाया गया. जिसका नतीजा 100 फीसदी सही आया है. इसे लेकर डॉ बोरकाकोटी ने बताया कि किट का विकास इसलिए जरूरी है क्योंकि अभी वैरिएंट का पता लगाने के लिए टार्गेटेड सीक्वेंसिंग में 36 घंटे और टोटल जीनोम सीक्वेंसिंग में 4 से 5 दिन लगते हैं. वहीं, इस किट से सामान्य स्वाब के सैंपल से ही तुरंत ओमिक्रॉन की पहचान हो जाएगी.

Also Read: देश में ओमिक्रोन वैरिएंट के 25 मामले,स्वास्थ्य मंत्रालय की चेतावनी टीकाकरण और कोरोना प्रोटोकॉल ही एकमात्र बचाव

कैसे होगा किट का निर्माण

आपको बता दें कि इस किट का निर्माण निजी और सरकारी दोनों की भागीदार के साथ होगा. आईसीएमआर ने इसे बनाने का ठेका कोलकाता की कंपनी जीसीसी बायोटेक को दिया है. इस बीच पूरे देश में पिछले 24 घंटे में 7 हजार 992 मामले सामने आए हैं. वहीं, 393 मरीजों की मौत भी हो गई है. इस बीच केंद्र सरकार ने ओमिक्रॉन(omicron) के बढ़ते खतरे को देखते हुए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को खत भेजकर जिला स्तर पर कोरोना के मामलों पर निगरानी रखने का निर्देश दिया है. बता दें कि पूरे देश में पिछले कुछ सप्ताह में 10 राज्यों के 27 जिलों में कोरोना के मामले बढ़े हैं.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola