लोकसभा में विपक्ष को झटका: ओम बिरला के खिलाफ प्रस्ताव ध्वनिमत से खारिज

Updated at :11 Mar 2026 7:21 PM
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Lok Sabha Speaker Om Birla

ओम बिरला, फोटो पीटीआई

Om Birla No Confidence Motion: लोकसभा ने अध्यक्ष ओम बिरला को पद से हटाने के लिए लाए गए प्रस्ताव को बुधवार को ध्वनिमत से खारिज कर दिया.

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Om Birla No Confidence Motion: कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद द्वारा पेश किये गए संकल्प पर 12 घंटे से अधिक समय की चर्चा हुई. जिसपर गृह मंत्री अमित शाह ने जवाब दिया. फिर पीठासीन सभापति जगदंबिका पाल ने इसे वोटिंग के लिए सदन के समक्ष रखा. सदन ने विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच, ध्वनिमत से संकल्प को अस्वीकृत कर दिया. संकल्प पर चर्चा और मतदान के दौरान बिरला सदन में उपस्थित नहीं थे.

गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष पर बोला हमला

गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ संकल्प लाने को लेकर विपक्ष पर जोरदार हमला बोला. शाह ने कहा- विपक्षी दलों ने बिरला की निष्ठा पर सवाल खड़े किए हैं, जो बहुत अफसोसजनक है. संकल्प पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा- किसी को भी नियम के विपरीत बोलने का अधिकार नहीं है. शाह ने कहा- जब अध्यक्ष की निष्ठा पर सवाल खड़ा करता है तो यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है और निंदनीय भी है. लोकसभा अध्यक्ष के फैसले पर असहमति हो सकती है, लेकिन उनका निर्णय अंतिम होता है. शाह ने कहा कि बजट सत्र के पिछले चरण में लोकसभा अध्यक्ष के चैम्बर में ऐसा माहौल खड़ा किया गया कि अध्यक्ष की सुरक्षा की चिंता पैदा हो गई थी.

अमित शाह ने राहुल गांधी पर बोला हमला

शाह ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी दावा करते हैं कि उन्हें सदन में बोलने नहीं दिया जाता, जबकि वह खुद बोलना नहीं चाहते. नेता प्रतिपक्ष ने विधेयकों पर चर्चा में भाग नहीं लिया. उन्होंने दावा किया कि राहुल पिछले साल शीतकालीन सत्र के दौरान जर्मनी की यात्रा पर थे. शाह ने कहा, जब-जब महत्वपूर्ण सत्र होता है, उनका विदेश दौरा होता है. जब आप विदेश में हैं तो आप कैसे बोलेंगे. यहां वीडियो कांफ्रेंस का प्रावधान नहीं है. अगर ऐसा प्रावधान होता तो उन्हें बोलने का मौका दे देते.

विपक्ष ने बिरला के खिलाफ क्यों लाया था प्रस्ताव?

विपक्ष का आरोप था कि ओम बिरला लोकसभा का काम खुलेआम एकतरफा तरीके से करते हैं. कई मौकों पर, विपक्षी पार्टियों के नेताओं को बोलने नहीं दिया गया, जो संसद में उनका बुनियादी लोकतांत्रिक अधिकार है. विपक्ष की ओर से कांग्रेस के उप नेता गौरव गोगोई, कांग्रेस के मुख्य सचेतक कोडिकुनिल सुरेश और सांसद मोहम्मद जावेद तथा अन्य ने लोकसभा सचिवालय को नोटिस सौंपा था. जिसके बाद लोकसभा में प्रस्ताव पर चर्चा की गई.

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ArbindKumar Mishra

लेखक के बारे में

By ArbindKumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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