12 को बनाए गए थे सीएम विजय के ओएसडी, 13 मई को विवाद के बाद रिकी राधन पंडित की नियुक्ति रद्द

Published by : Rajneesh Anand Updated At : 13 May 2026 2:57 PM

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रिकी राधन पंडित

Radhan Pandit : तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय के करीबी और उनके ज्योतिष रहे रिकी राधन पंडित वेट्रिवेल की नियुक्ति सीएम के ओएसडी पद पर किए जाने के बाद विवाद खड़ा हो गया. बुधवार को यह मामला विधानसभा में भी गूंजा, जिसके बाद राधन पंडित की नियुक्ति को रद्द कर दिया गया है.

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Radhan Pandit : टीवीके के प्रवक्ता और प्रसिद्ध ज्योतिष राधन पंडित की तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय के ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (OSD) के तौर पर नियुक्ति रद्द कर दी गई है. यह आदेश प्रिंसिपल सेक्रेटरी रीता हरीश ठक्कर ने जारी किया है. ओएसडी के तौर पर राधन पंडित की नियुक्ति को रद्द करने का आदेश 13 मई को जारी किया गया है, जबकि उनकी नियुक्ति महज एक दिन पहले ही हुई थी.

ओएसडी पद पर नियुक्ति के बाद हुआ विवाद

राधन पंडित जिनका पूरा नाम रिकी राधन पंडित वेट्रिवेल है, उनके बारे में यह कहा जाता है कि उन्होंने यह भविष्यवाणी की थी कि विजय सीएम बनेंगे. उन्होंने विजय की कुंडली को सुनामी बताया था. उन्होंने विजय के राजनीतिक सफर को दिशा देने में अहम भूमिका निभाई थी, इसी वजह से उन्हें ओएसडी के तौर पर नियुक्त किया गया था. उनकी नियुक्ति के बाद विवाद खड़ा हो गया था क्योंकि वे ज्योतिष हैं. डीएमके ने इस अहम पद पर राधन पंडित की नियुक्ति की निंदा की थी. अन्य कई पार्टियों ने भी इस कदम की निंदा की थी. आज विधानसभा में भी यह मुद्दा उठा और डीएमके की सहयोगी देसिया मुरपोक्कू द्रविड़ कझगम की विधायक प्रेमलता विजयकांत ने ज्योतिषी को ओएसडी बनाए जाने पर सवाल उठाए और कहा कि विजय उन्हें पर्सनल सेक्रेटरी अपॉइंट कर सकते थे, जिसके बाद राधन पंडित की नियुक्ति को रद्द कर दिया गया है.

कौन हैं राधन पंडित?

रिकी राधन पंडित वेट्रिवेल एक प्रसिद्ध ज्योतिष हैं. उन्होंने जयललिता जैसी शख्सियत को अपनी सलाह दी है. उनके अलावा भी कई राजनेताओं ने राधन पंडित से सलाह ली है. जयललिता के साथ इनका विवाद हो गया था. इंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार राधन पंडित ने जयललिता से यह कहा था कि वो जेल नहीं जाएंगी, लेकिन जयललिता को जेल जाना पड़ा था, जिसके बाद इनके संबंध खराब हो गए थे. विवाद के बाद राधन पंडित सिंगापुर चले गए थे. उनके सिंगापुर से लौटने के बाद विजय से उनकी मुलाकात कराई गई थी.

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By Rajneesh Anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है.पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखती हैं. झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रजनीश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2000-01 में पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने पहली नौकरी झारखंड जागरण दैनिक अखबार में की. उसके बाद इन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस तथा दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य संस्करणों में काम करने के बाद वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रजनीश आनंद की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, गहन शोध और विश्लेषणात्मक लेखन के लिए है. उनकी रुचि राजनीति, सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों में रही है। उन्होंने हमेशा उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है जो समाज के हाशिये पर खड़े लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में अपेक्षाकृत कम स्थान पाते हैं. वे कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर कार्य किया. इसके अतिरिक्त सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की. आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है. हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं. उनका मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तभी सफल होगी जब उसमें प्रभावित समुदायों की भागीदारी और हितों को केंद्र में रखा जाए.पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है. जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पड़ताल और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर लिखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है. इसके अतिरिक्त रजनीश आनंद कहानियां और कविताएं लिखने का शौक भी रखती है.

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