PM मोदी के भाषण पर पवन खेड़ा का तंज, कहा - टेलीप्रॉम्पटर हटा तो जबान लड़खड़ाई, EVM हटा तो क्या होगा?
कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा और गोल घेरे में पीएम मोदी, फोटो एक्स और पीटीआई
कांग्रेस के राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लाल किले की प्राचिर से दिए गए भाषण पर तंज कसा है. उन्होंने एक्स पर 2:55 मिनट का अपना एक वीडियो शेयर किया, जिसमें पीएम मोदी पर हमला करते हुए कहा, "एक समय था जब लोग उत्सुकता से प्रधानमंत्री का संबोधन सुनते थे, लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है. प्रधानमंत्री जब टीवी पर आते हैं लोग टीवी बंद कर देते हैं."
युवाओं का जिक्र करते हुए पवन खेड़ा ने कहा, "अब प्रधानमंत्री के मुंह से निकले हुए शब्दों की कोई गंभीरता नहीं रही, कोई मर्यादा नहीं रही. आज फिर सुबह जब प्रधानमंत्री बोल रहे थे, तो पहली बात तो बड़ी अटपटी लगी कि साहब Gen Z को यह कहते हैं 'दिमागी नक्सल'. अरे यह दिमागी नक्सल नहीं है साहब, किसी दिन पलट के यह आपको 'दिमागी हिटलर' कह देंगे, या कह देंगे 'बिना दिमाग वाले', तो आप सदमे में फिर रीलबाजी शुरू कर देंगे, इसलिए यह सब मत कहा कीजिए."
यह पीढ़ी जब सड़क पर आती है, तो इस्तीफे लेकर जाती है : पवन खेड़ा
पवन खेड़ा ने पीएम मोदी पर हमला जारी रखते हुए कहा, यह कोई लॉलीपॉप जनरेशन (Gen Z ) नहीं है कि साहब 'मैं ऑनलाइन कोर्सेज लाऊंगा'. यह ई-विद्या क्या था फिर आपका? कुछ साल पहले ई-विद्या भी तो लाए थे. खत्म हो गया वह, अब नाम बदल दिया उसका? Gen Z को लॉलीपॉप जनरेशन मत समझिए. यह वह पीढ़ी है जो इस्तीफे लेना जानती है. यह पीढ़ी जब सड़क पर आती है, तो इस्तीफे लेकर जाती है. अब भी अगर आप नहीं सुधरे, अब भी अगर आप नहीं संभले, फिर आप जानिए."
"आज एक और बात बड़ी अटपटी लगी, आनंद भी आया. टेलीप्रॉम्पटर से आप पेपर पर आ गए, तो जबान लड़खड़ा गई. सोचिए, किसी दिन EVM से पेपर बैलेट पर आ गए तो क्या होगा?." - पवन खेड़ा
पवन खेड़ा ने महिला सुरक्षा और आरक्षण बिल पर घेरा
महिलाओं के सशक्तिकरण और महिला आरक्षण बिल के मुद्दों पर सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए खेड़ा ने कहा, "महिलाओं की अगर आप बात करते हैं, महिला आरक्षण बिल की बात करते हैं, तो याद करिए 2023 सितंबर में वह बिल पास हुआ, 2026 की अप्रैल तक आप उस पर बैठे रहे, नोटिफाई तक नहीं किया. क्यों? जवाब दीजिए. महिलाओं की सुरक्षा की जब आप बात करेंगे, तो अंकिता भंडारी, बिलकिस बानो, कठुआ, हाथरस, उन्नाव—यह सब याद करने के बाद आपका मुंह खुद बंद हो जाएगा, आपको बोलना नहीं पड़ेगा. अपने कारनामे, अपनी पार्टी के कारनामे याद आ जाएंगे आपको, इसलिए छोड़ दीजिए यह सब बोलना."
समारोह में विपक्ष की अनुपस्थिति और IT सेल पर हमला
स्वतंत्रता दिवस समारोह में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अनुपस्थिति को लेकर चल रही चर्चाओं पर कहा, "खरगे जी नहीं आए, बड़ी शिकायत थी आपको. क्यों, खरगे जी का फिर से अपमान करना था? फिर से शुद्धिकरण करना चाहते थे उस जगह का जहां खरगे जी आएंगे? अरे छोड़िए, यह वह पार्टी है जिसने स्वतंत्रता के आंदोलन में हिस्सा लिया. वह कार्यक्रम में हिस्सा लें न लें, कोई मायने नहीं रखता. आज आपकी आईटी सेल (IT Cell) ने आपको आईना दिखा दिया. नॉर्मली क्या होता है, आईटी सेल जो आप कहते हो उसका प्रचार करती है, आज आईटी सेल आपका प्रचार नहीं कर पाई, बोर हो गए वह भी. वह भी कांग्रेस का सहारा ले रहे हैं—कांग्रेस की निंदा, कांग्रेस से सवाल. अरे भाई, आज तो आपके भाषण को चलाना था, आज भी कांग्रेस को चला रहे हैं तो सोचिए समय बदल चुका है."
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लेखक के बारे में
By अरबिंद कुमार मिश्रा
अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.
झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.
करियर का सफरनामा
अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.
प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग
खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:
34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.
पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.
पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.
शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)
UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.
बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.
एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.
लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.
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