OBC Row: बाबासाहेब अंबेडकर ने मंत्रिमंडल से दिया था इस्तीफा क्योंकि नेहरू...जानें क्या बोले धर्मेंद्र प्रधान

Published by : Amitabh Kumar Updated At : 23 Sep 2023 7:04 PM

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OBC Row : कांग्रेस नेता राहुल गांधी को याद दिलाना चाहूंगा कि वे इतिहास को पढ़ लें. बाबासाहेब अंबेडकर ने मंत्रिमंडल से इस्तीफा देने का काम किया था क्योंकि नेहरू पर उनका आरोप था कि वे OBC को आरक्षण देने के पक्ष में नहीं हैं. जानें क्या बोले धर्मेंद्र प्रधान

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OBC Row : कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने फिर एक बार जातिगत जनगणना की वकालत की है. उन्होंने जयपुर में शनिवार को कहा कि देश के प्रधानमंत्री जातिगत जनगणना से डरते क्यों हैं? उन्‍होंने कहा कि अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को भागीदारी देने का काम बिना जातिगत जनगणना के नहीं हो सकता. राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री को जातिगत जनगणना के आंकड़े देश के सामने रखने चाहिए. उनके बयान के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा है कि मैं राहुल गांधी को याद दिलाना चाहूंगा कि वे इतिहास को पढ़ लें… बाबासाहेब अंबेडकर ने मंत्रिमंडल से इस्तीफा दिया था क्योंकि नेहरू पर उनका आरोप था कि वे OBC को आरक्षण देने के पक्ष में नहीं हैं… मंडल आयोग की सिफारिश आने के बाद कांग्रेस ने 10 साल तक उसे लागू नहीं किया…जाति आधारित जनगणना नहीं हो सकती यह चिदंबरम ने 2010 में गृह मंत्री रहते हुए वक्तव्य दिया था. जब जवाबदेही नहीं रहती तब कोरी बात कहने में कोई असुविधा नहीं रहती. कांग्रेस पार्टी दिवालिया हो चुकी है. आपको बता दें कि राहुल गांधी ने ओबीसी का मामला लोकसभा में भी उठाया था जिसपर जमकर हंगामा हुआ था.

महिला आरक्षण को आज ही लागू किया जा सकता है : राहुल गांधी

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने जयपुर में कहा कि महिला आरक्षण को आज ही लागू किया जा सकता है लेकिन केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सरकार परिसीमन व नयी जनगणना का बहाना बनाकर इसे टालना चाहती है. कांग्रेस चाहती है कि महिला आरक्षण आज ही लागू हो. राहुल गांधी ने जयपुर में पार्टी के कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि अगर हम ओबीसी की भागीदारी की बात करते हैं तो बिना जातिगत जनगणना के ऐसा नहीं किया जा सकता है. अगर प्रधानमंत्री 24 घंटे ओबीसी की बात करते हैं… उनके सम्मान की बात करते हैं… तो फिर प्रधानमंत्री जातिगत जनगणना से क्यों डरते हैं? उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी अपने अगले भाषण में आप हिंदुस्तान को बता दीजिए कि कांग्रेस पार्टी ने जातिगत जनगणना करवाई थी और आंकड़े आपके पास हैं. उन आंकड़ों को देश के सामने रख दीजिए. जनता को दिखा दीजिए और अगली जनगणना आप जातिगत आधार पर कराएं। ओबीसी का अपमान मत कीजिए और उन्हें धोखा मत दीजिए.

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भाषण में ओबीसी जनगणना पर एक शब्द नहीं बोल पाएंगे पीएम मोदी

राहुल गांधी ने कहा कि आप देखना कि नरेंद्र मोदी जी आने वाले समय में अपने भाषण में ओबीसी जनगणना पर एक शब्द नहीं बोल पाएंगे… आपके सामने आंकड़े नहीं रख पाएंगे…उन्होंने कहा कि शायद देश और ओबीसी वर्ग के लिए सबसे महत्वपूर्ण सवाल है कि इस देश में ओबीसी, दलित व आदिवासी कितने हैं किस समुदाय के कितने लोग हैं. इस सवाल का जवाब सिर्फ जातिगत जनगणना से मिल सकता है. जैसे ही मैंने संसद में जातिगत जनगणना की बात की तो भाजपा के नेता, मंत्री सब चिल्लाने लगे और मेरी आवाज को दबाने की कोशिश की…कांग्रेस नेता ने महिला आरक्षण को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा. कांग्रेस नेता ने कहा कि बीजेपी के लोग कहते हैं कि महिला आरक्षण लागू करने से पहले नयी जनगणना और नए परिसीमन की जरूरत है. यह सच नहीं है. महिला आरक्षण को लागू करने के लिए, विधानसभा और लोकसभा की 33 प्रतिशत सीटें महिलाओं को आज ही जा सकती हैं. मगर इन्होंने बहाना बनाया है… ये चाहते हैं कि महिला आरक्षण दस साल में लागू हो. हम चाहते हैं कि महिला आरक्षण आज ही लागू हो और ओबीसी महिलाओं को महिला आरक्षण का फायदा मिले.

भाषा इनपुट के साथ

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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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