पीएम मोदी आज देंगे जवाब, जानें क्या है अविश्वास प्रस्ताव और अबतक का इतिहास
Published by : Amitabh Kumar Updated At : 10 Aug 2023 7:55 AM
New Delhi: Prime Minister Narendra Modi with BJP National President JP Nadda leaves after the BJP Parliamentary party meeting, in New Delhi, Tuesday, Aug. 8, 2023. (PTI Photo/Shahbaz Khan)(PTI08_08_2023_000040B)
अविश्वास प्रस्ताव पर बीजद ने एनडीए का समर्थन किया है. उसके 12 सांसद लोकसभा में हैं. वहीं, वाइएसआर कांग्रेस सरकार का समर्थन करती रही है. जानें क्या है अविश्वास प्रस्ताव और क्या है अबतक इतिहास
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर लोकसभा में लगातार दूसरे दिन बुधवार को तीखी बहस देखने को मिली. पीएम मोदी गुरुवार को इस पर जवाब देंगे. जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में 4 बजे जवाब देंगे. आज वोटिंग भी करायी जा सकती है. इससे पहले विपक्ष ने जुलाई, 2018 में मोदी सरकार के खिलाफ विपक्ष अविश्वास प्रस्ताव लाया था. इसके समर्थन में 126 वोट पड़े थे, जबकि इसके खिलाफ 325 वोट पड़े थे.
लोकसभा में भाजपा नीत एनडीए को पूर्ण बहुमत
एनडीए-333
इंडिया-142
अन्य-64
-अविश्वास प्रस्ताव पर बीजद ने एनडीए का समर्थन किया है. उसके 12 सांसद लोकसभा में हैं. वहीं, वाइएसआर कांग्रेस सरकार का समर्थन करती रही है.
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क्या है अविश्वास प्रस्ताव
अविश्वास प्रस्ताव के जरिये सरकार की परीक्षा होती है कि क्या उसके पास सदन में बहुमत है या नहीं. जब किसी दल को ऐसा एहसास हो कि सदन में सरकार बहुमत खो सकती है, तो अविश्वास प्रस्ताव लाया जा सकता है.
इंदिरा गांधी के खिलाफ सबसे ज्यादा अविश्वास प्रस्ताव
पीएम-प्रस्ताव
पंडित जवाहर लाल नेहरू-01
लाल बहादुर शास्त्री-03
इंदिरा गांधी-15
पीवी नरसिंह राव- 03
मोरारजी देसाई- 02
राजीव गांधी-01
अटल बिहारी वाजपेयी-01
नरेंद्र मोदी-02
-1963 में पहली बार आया था जवाहर नेहरू के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव
-28 अविश्वास प्रस्ताव अब तक आये
महात्मा गांधी ने वंशवाद को अस्वीकार किया
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि 60 वर्षों के दौरान जब कांग्रेस सत्ता में थी उन्होंने उन सभी सिद्धांतों को नकार दिया जिनकी वकालत महात्मा गांधी ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान की थी. महात्मा गांधी ने वंशवाद को अस्वीकार किया लेकिन उन्होंने (कांग्रेस) वंशवाद को बढ़ावा दिया. महात्मा गांधी असमानता के खिलाफ थे लेकिन उन्होंने (कांग्रेस) हमारे समाज को असमान बना दिया ताकि वे विशेष लोगों को अपने वोट बैंक के रूप में पोषित कर सकें. महात्मा गांधी स्वदेशी के लिए चले लेकिन उन्होंने (कांग्रेस) हमारी अर्थव्यवस्था को विदेशी ताकत के हाथों में गिरवी रख दिया.
अमित शाह ने पिछली घटनाओं पर बात की
लोकसभा में मणिपुर मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की प्रतिक्रिया पर कांग्रेस सांसद के. सुरेश ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पिछली घटनाओं पर बात की. हम मणिपुर की वर्तमान स्थिति पर चर्चा कर रहे हैं. उन्होंने मणिपुर के बारे में कुछ नहीं कहा या मणिपुर में शांति और सद्भाव लाने के लिए केंद्र द्वारा क्या कदम उठाए जा रहे हैं.
देश के लोगों का विश्वास मोदी सरकार के साथ
लोकसभा में मणिपुर मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की प्रतिक्रिया पर भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि पूरा देश देख रहा है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मणिपुर और विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर कैसे बात की. इससे पता चलता है कि केवल विपक्ष में अविश्वास है, लेकिन देश के लोगों का विश्वास मोदी सरकार के साथ है.
वीडियो के वायरल होने तक मणिपुर पर एक शब्द भी नहीं कहा पीएम मोदी ने
लोकसभा में मणिपुर मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की प्रतिक्रिया पर कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा कि अमित शाह के भाषण में कुछ भी नहीं था, यह लोगों को भ्रमित करने का प्रयास था. पीएम ने उस वीडियो के वायरल होने तक मणिपुर पर एक शब्द भी नहीं कहा. ऐसा लगता है कि अमित शाह और बीजेपी का मणिपुर से कोई संबंध नहीं है.
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क्या बोला अमित शाह ने लोकसभा में
मोदी सरकार के खिलाफ विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर दूसरे दिन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष को जम कर घेरा. बुधवार को लोकसभा में बोलते हुए शाह ने कहा कि आजादी के बाद किसी सरकार पर जनता को सबसे अधिक विश्वास है, तो वह मोदी सरकार है. गृह मंत्री ने कहा कि अविश्वास का तो सवाल ही नहीं है, क्योंकि जो अविश्वास प्रस्ताव के विरोध में बोले हैं और जो समर्थन सदन में दिखायी पड़ा है, वह बताता है कि अल्पमत का सवाल ही नहीं है. उन्होंने कहा कि जनता में भी विश्वास है, क्योंकि देश के करोड़ों गरीबों के जीवन में नयी आशा का संचार अगर किसी प्रधानमंत्री और सरकार ने किया है, तो वह नरेंद्र मोदी सरकार ने किया है.
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By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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