छिन जाएगी 'आप' सांसद राघव चड्डा की सदस्यता ? संजय सिंह ने कहा- अमित शाह पीछे पड़ गये हैं

Published by : Amitabh Kumar Updated At : 08 Aug 2023 11:51 AM

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**EDS: VIDEO GRAB VIA SANSAD TV** New Delhi: AAP MP Raghav Chadha participates in a debate on Government of National Capital Territory of Delhi(Amendment) Bill, 2023, in the Rajya Sabha during the Monsoon session of Parliament, in New Delhi, Monday, Aug. 7, 2023. (PTI Photo)(PTI08_07_2023_000203A)

गृह मंत्री अमित शाह ने व्यवस्था का प्रश्न उठाया और कहा कि सदन के दो सदस्य कह रहे हैं कि उनके नाम उनकी सहमति के बिना प्रस्ताव में डाले गये और प्रस्ताव पर उनके हस्ताक्षर नहीं है. जानें राघव चड्डा क्यों घिर गये सदन में

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आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद राघव चड्ढा को लेकर चर्चा जोरों पर है. ऐसे कयास लगाये जा रहे हैं कि उनकी राज्यसभा सदस्यता जा सकती है. इस बीच आप सांसद संजय सिंह का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा है कि देश के गृह मंत्री अमित शाह राघव चड्ढा के पीछे पड़ गये हैं. जैसे झूठे और बेबुनियाद मामले के जरिए राहुल गांधी की सदस्यता छीन ली गयी वैसे ही वे राघव की सदस्यता छीनना चाहते हैं. वे बहुत खतरनाक लोग हैं. वे कुछ भी कर सकते हैं लेकिन हम आम आदमी के सिपाही हैं. हम उनसे नहीं डरते, हम उनसे लड़ते हैं और लड़ते रहेंगे. यदि राघव की सदस्यता छीनी गयी तो वह निर्वाचित होकर वापस आएंगे और उनके खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेंगे.

क्या है मामला

राज्यसभा में सोमवार को ‘दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र शासन संशोधन विधेयक 2023’ को प्रवर समिति के पास भेजे जाने संबंधी आप सदस्य राघव चड्ढा के प्रस्ताव को लेकर सत्ता पक्ष के पांच सदस्यों ने कड़ी आपत्ति जताई और कहा कि उनकी सहमति के बिना प्रस्ताव में उनके नाम डाले गये और इस मामले को विशेषाधिकार समिति के पास भेजा जाए. सदन में जब विधेयक पर चर्चा पूरी हो गयी तब उपसभापति हरिवंश ने इसे पारित करवाने के क्रम में विपक्षी सदस्यों द्वारा लाए गये संशोधनों को रखवाना शुरू किया. इसी क्रम में आम आदमी पार्टी के राघव चड्ढा का प्रस्ताव आया जिन्होंने इस विधेयक को प्रवर समिति में भेजने का प्रस्ताव था और इसमें समिति के सदस्यों के नाम भी थे.

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अमित शाह ने किया जोरदार हमला

इस बीच गृह मंत्री अमित शाह ने व्यवस्था का प्रश्न उठाया और कहा कि सदन के दो सदस्य कह रहे हैं कि उनके नाम उनकी सहमति के बिना प्रस्ताव में डाले गये और प्रस्ताव पर उनके हस्ताक्षर नहीं है. शाह ने कहा कि यह जांच का विषय है. यह मामला अब सिर्फ दिल्ली में फर्जीपने का नहीं है. यह सदन के अंदर फर्जीपने का मामला है. उन्होंने दोनों सदस्यों के बयान दर्ज करवा कर इस मामले की जांच करवाने के लिए कहा जिसके बाद से मामला गरम है.

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बीजू जनता दल के सस्मित पात्रा ने क्या कहा

बीजू जनता दल के सस्मित पात्रा ने कहा कि प्रवर समिति में उनका नाम रखने के लिए उनसे सम्मति नहीं ली गयी थी. उन्होंने कहा कि यह विशेषाधिकार हनन का मामला है. इस पर उपसभापति हरिवंश ने कहा कि चार-पांच सदस्यों ने कहा है कि उन्होंने समिति में अपना नाम नहीं भेजा है और इसकी जांच करवाई जाएगी. अन्नाद्रमुक के एम थंबीदुरई ने भी कहा कि उन्होंने भी प्रस्ताव पर हस्ताक्षर नहीं किये हैं. गृह मंत्री शाह ने इस मामले को विशेषाधिकार समिति के पास भेजे जाने की फिर मांग की.

दिल्ली सेवा बिल राज्यसभा में भी पास

लोकसभा के बाद दिल्ली सेवा बिल राज्यसभा में भी पास हो गया. तीखी बहस के बाद उच्च सदन ने सोमवार को इस बिल पर मुहर लगा दी. ऑटोमैटिक वोटिंग मशीन खराब होने के कारण पर्ची से वोटिंग करायी गयी. पक्ष में 131 और विपक्ष में 102 वोट डले. बिल अब राष्ट्रपति से मंजूरी के लिए जायेगा, उसके बाद कानून बन जायेगा.

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राघव चड्ढा ने राज्यसभा में केंद्र को जमकर कोसा

दिल्ली सेवा बिल पर राघव चड्ढा ने राज्यसभा में केंद्र को जमकर कोसा. उन्होंने कहा कि यह बीजेपी के वाजपेयी और आडवाणी के नीतियों का खिलाफ है. बीजेपी काफी समय से दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग करती रही है. आप सांसद चड्ढा ने आगे कहा कि अगर आज बीजेपी दिल्ली सेवा बिल को केंद्र के पक्ष में पास करवाना चाहती है तो यह पूर्व पीएम वाजपेयी जी के साथ-साथ संघर्ष करने वाले सभी बीजेपी नेताओं का भी अपमान है.

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क्या है इस बिल में

यह बिल राजधानी दिल्ली में अफसरों की ट्रांसफर और पोस्टिंग से जुड़ा है. इस बिल के कानून बनने के बाद अफसरों की ट्रांसफर और पोस्टिंग से जुड़े फैसले लेने का अधिकार उपराज्यपाल को मिल जायेगा. यह इसी साल मई में लाये गये अध्यादेश की जगह लेगा.

भाषा इनपुट के साथ

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लेखक के बारे में

By Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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