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New Parliament Building : नये संसद भवन में कैसी है लोकसभा और राज्यसभा की डिजाइन, 28 को पीएम करेंगे उद्‌घाटन

Updated at : 26 May 2023 6:22 PM (IST)
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New Parliament Building : नये संसद भवन में कैसी है लोकसभा और राज्यसभा की डिजाइन, 28 को पीएम करेंगे उद्‌घाटन

नये संसद भवन में सांसदों के लिए पर्याप्त जगह की व्यवस्था की गयी है, ताकि बैठने में कोई परेशानी ना हो. नये संसद भवन का निर्माण 65 हजार वर्गमीटर में किया गया है.

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नये संसद भवन का उद्‌घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 मई को करने वाले हैं. नया संसद भवन कैसा है, इसे लेकर लोगों के मन में उत्सुकता है और यही वजह है कि हम आपके लिए यह खबर लिख रहे हैं, जिसमें नयी संसद के बारे में अधिक से अधिक पुख्ता जानकारी देने की कोशिश की गयी है.

नयी संसद की जरूरत क्यों?

सबसे पहले लोगों के मन में यह बड़ा सवाल है कि जब देश में इतनी खूबसूरत और भव्य संसद है तो नयी संसद की जरूरत क्यों पड़ी? इसका जवाब यह है कि हमारी जो वर्तमान संसद है, उसका निर्माण संसद भवन के तौर पर नहीं किया गया था, यही वजह है कि यहां सांसदों के बैठने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है और जब दोनों सदन का संयुक्त सत्र होता है, तो परेशानी और बढ़ जाती है. अभी लोकसभा में 545 सीट है, लेकिन 2026 के परिसीमन के बाद यह सीट बढ़ जायेगी, तब सांसदों के बैठने के लिए जगह और कम पड़ेगी. यहां सुरक्षा को लेकर भी जोखिम बना हुआ है.

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नयी और पुरानी संसद मिलकर करेगी काम

नये संसद भवन में सांसदों के लिए पर्याप्त जगह की व्यवस्था की गयी है, ताकि बैठने में कोई परेशानी ना हो. नये संसद भवन का निर्माण 65 हजार वर्गमीटर में किया गया है. इसके त्रिकोणीय आकार का उद्देश्य ही संसद को ज्यादा बड़ा और खुला-खुला बनाना है. https://centralvista.gov.in/ पर दी गयी जानकारी के अनुसार नयी संसद और वर्तमान संसद एक साथ मिलकर काम करेगी ताकि काम ज्यादा सुचारू रूप से चल सके.

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लोकसभा में 1272 सांसद बैठ सकेंगे

नये संसद भवन में विधायिका के लिए बड़े-बड़े कक्ष होंगे. अभी लोकसभा में 545 लोगों के बैठने की जगह है, जबकि नये भवन में 888 सीटों की क्षमता वाली लोकसभा होगी, जबकि राज्यसभा में 384 सीटों की क्षमता होगी. संयुक्त सत्र के लिए लोकसभा में 1272 सीटें बनायी जा सकेगी. इसी बात को ध्यान में रखकर इसका आकार त्रिकोणीय बनाया गया है. लोकसभा का निर्माण राष्ट्रीय पक्षी मयूर की थीम पर कराया गया है. वहीं राज्यसभा में भी पर्याप्त जगह होगी और इसका निर्माण राष्ट्रीय फूल कमल के तर्ज पर किया गया है. सेंट्रल लाउंज का निर्माण खुले प्रांगण के पूरक के तौर पर किया जा रहा है जहां सदस्य आराम से बैठकर चर्चा कर सकेंगे.

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भारतीय कला-संस्कृति की मिलेगी झलक

संसद के नये भवन में एक बेहतरीन पुस्तकालय होगा, जहां एक से एक किताबें होंगी. परिसर में महात्मा गांधी, पटेल सहित कई बड़े नेताओं की मूर्ति होगी. साथ ही यहां भारतीय संस्कृति की छाप नजर आयेगी. प्रांगण में बरगद का पेड़ लगा होगा.यहां जो कार्यालय होंगे वे आधुनिक तकनीकों से लैस होंगे. साथ ही यहां आॅडियो और वीडियो की सुविधा भी हाई क्लास होगी. संविधान हाॅल का डिजाइन भी बहुत बेहतरीन अंदाज में किया गया है जिसके केंद्र में संविधान है. संसद के नये भवन में भारतीय कला – संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी. साथ ही पर्यावरण संरक्षण के लिए हरित संसद भवन का निर्माण किया गया है.

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Rajneesh Anand

लेखक के बारे में

By Rajneesh Anand

राजनीति,सामाजिक, इतिहास, खेल और महिला संबंधी विषयों पर गहन लेखन किया है. तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विश्लेषणात्मक लेखन में रुचि. इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक. IM4Change, झारखंड सरकार तथा सेव द चिल्ड्रन के फेलो के रूप में कार्य किया है. पत्रकारिता के प्रति जुनून है. प्रिंट एवं डिजिटल मीडिया में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव.

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