Nehru Memorial का नाम बदलने पर बवाल, राहुल गांधी बोले- नेहरू जी की पहचान उनके कर्मों से है, नाम नहीं
Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 17 Aug 2023 11:45 AM
New Delhi: Congress MP Rahul Gandhi at Parliament House complex during Monsoon session, in New Delhi, Thursday, Aug. 10, 2023. (PTI Photo/Shahbaz Khan) (PTI08_10_2023_000213A)
राहुल गांधी से जब नेहरू स्मारक संग्रहालय एवं पुस्तकालय का नाम बदले जाने को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने दो टूक जवाब देते हुए कहा, नेहरू जी की पहचान उनके कर्मों से है, न की उनके नाम से है.
नेहरू स्मारक संग्रहालय एवं पुस्तकालय (एनएमएमएल) का नाम बदलकर प्रधानमंत्री संग्रहालय एवं पुस्तकालय (पीएमएमएल) सोसाइटी कर दिया गया है. अब इसी को लेकर राजनीतिक बवाल जारी है. कांग्रेस और बीजेपी में जुबानी जंग जारी है. इस बीच कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा सांसद राहुल गांधी ने भी बयान दे दिया है. उन्होंने साफ कर दिया है कि नेहरू जी की पहचान उनके कर्मों से है, न की उनके नाम से.
नेहरू जी की पहचान उनके कर्मों से : राहुल गांधी
दरअसल राहुल गांधी से जब नेहरू स्मारक संग्रहालय एवं पुस्तकालय का नाम बदले जाने को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने दो टूक जवाब देते हुए कहा, नेहरू जी की पहचान उनके कर्मों से है, न की उनके नाम से है.
कांग्रेस ने नेहरू संग्रहालय का नाम बदलने को ‘ओछापन’ बताया, भाजपा का पलटवार
कांग्रेस ने नेहरू स्मारक संग्रहालय एवं पुस्तकालय (एनएमएमएल) का नाम बदलकर प्रधानमंत्री संग्रहालय एवं पुस्तकालय (पीएमएमएल) सोसाइटी किए जाने को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि लगातार हमले के बावजूद देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की विरासत हमेशा जिंदा रहेगी और वह आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे. जबकि बीजेपी ने इस मुद्दे पर कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा, मुख्य विपक्षी दल की विचार प्रक्रिया अकेले नेहरू-गांधी परिवार के इर्द-गिर्द घूमती है जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सभी प्रख्यात हस्तियों को सम्मान देने में विश्वास करते हैं.
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#WATCH | On Nehru Memorial Museum and Library renamed as Prime Minister's Museum and Library, Congress leader Rahul Gandhi says "Nehru Ji is known for the work he did and not just his name"
(Nehru Ji ki pehchaan unke karam hai, unka naam nahi) pic.twitter.com/X2otaLJiPa
— ANI (@ANI) August 17, 2023
सरकार ने बताया, नेहरू मेमोरियल का नाम क्यों बदला
एनएमएमएल का नाम बदले जाने के निर्णय के कुछ सप्ताह बाद सरकार ने औपचारिक रूप से बुधवार को इसका नाम प्रधानमंत्री संग्रहालय एवं पुस्तकालय सोसाइटी कर दिया. पहले यह पूरी तरह से देश के प्रथम प्रधानमंत्री को समर्पित था लेकिन सरकार ने अन्य सभी पूर्व प्रधानमंत्रियों को इसमें प्रमुखता से स्थान देने के लिए इसका नाम बदलने का निर्णय लिया था.
जयराम रमेश ने सरकार पर लगाया गंभीर आरोप
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि एनएमएमएल का नाम बदलना इस सरकार के ‘ओछेपन और द्धेष’ को दिखाता है. रमेश ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, आज से एक प्रतिष्ठित संस्थान को नया नाम मिल गया है. विश्व प्रसिद्ध नेहरू स्मारक संग्रहालय एवं पुस्तकालय अब प्रधानमंत्री स्मारक संग्रहालय एवं पुस्तकालय बन गया है. उन्होंने आरोप लगाया, प्रधानमंत्री मोदी भय, हीन भावना और असुरक्षा से भरे नजर आते हैं, विशेष रूप से तब, जब बात हमारे पहले और सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले प्रधानमंत्री की आती है. उनका एकमात्र एजेंडा नेहरू और नेहरूवादी विरासत को गलत ठहराना, बदनाम करना, तोड़-मरोड़ कर पेश करना और नष्ट करना है. उन्होंने ‘एन’ को मिटाकर उसकी जगह ‘पी’ लगा दिया है. यह पी वास्तव में ‘पिटीनेस’ (ओछापन) और ‘पीवी’ (द्धेष) को दर्शाता है.
स्वतंत्रता आंदोलन में नेहरू के व्यापक योगदान को कम नहीं किया जा सकता : जयराम रमेश
जयराम रमेश ने कहा, स्वतंत्रता आंदोलन में नेहरू के व्यापक योगदान और भारतीय राष्ट्र-राज्य की लोकतांत्रिक, धर्मनिरपेक्ष, वैज्ञानिक और उदार नींव डालने में उनकी महान उपलब्धियों को कभी भी कम नहीं किया जा सकता. चाहे इन उपलब्धियों पर प्रधानमंत्री मोदी और उनके लिए ढोल पीटने वाले जितना हमला करते रहें. उन्होंने यह भी कहा, लगातार हो रहे हमलों के बावजूद, जवाहरलाल नेहरू की विरासत दुनिया के सामने जीवित रहेगी और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी.
सुप्रिया श्रीनेत बोलीं, नेहरू की विरासत को धूमिल करने का प्रयास सूरज को दीया दिखाने की तरह
कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि नेहरू की विरासत को धूमिल करने का प्रयास सूरज को दीया दिखाने की तरह है. उन्होंने कहा, यह सरकार मानसिक और सैद्धांतिक विरोधाभास से घिरी हुई है. इतिहास रचा जाता है, इतिहास बदला नहीं जाता. इमारतें बना देने और किसी जगह का नाम बदल देने से प्रधानमंत्री की संकीर्ण सोच दिखाई देती है.
सभी प्रधानमंत्रियों को दिया जाना चाहिए सम्मानजनक स्थान : बीजेपी
भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस नेहरू-गांधी परिवार को बढ़ावा देने के इर्द-गिर्द केंद्रित है जबकि मोदी ने सुनिश्चित किया है कि सभी प्रधानमंत्रियों को सम्मानजनक स्थान दिया जाए. उन्होंने कहा कि इससे पहले किसी अन्य प्रधानमंत्री को संग्रहालय में जगह नहीं दी गई थी. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं की आलोचना कुछ और नहीं बल्कि दरबारियों का विलाप है.
कांग्रेस का मानना है कि केवल एक परिवार ने राष्ट्र के निर्माण में योगदान दिया : मुख्तार अब्बास नकवी
भाजपा के एक अन्य नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि मोदी ने कांग्रेस सहित सभी प्रधानमंत्रियों को सम्मानित करने की कोशिश की है. नकवी ने कहा कि उन्होंने हमारे उन सभी महापुरुषों को सम्मान दिया है जिन्हें कांग्रेस ने भुला दिया था. उन्होंने कहा कि कांग्रेस का मानना है कि केवल एक परिवार ने राष्ट्र के निर्माण में योगदान दिया और सभी संस्थानों का नाम उसने अपने सदस्यों के नाम पर रखा.
क्या है नेहरू मेमोरियल
नयी दिल्ली स्थित तीन मूर्ति भवन जवाहरलाल नेहरू का आधिकारिक आवास था। बाद में इस परिसर को संग्रहालय में बदल दिया गया और नेहरू स्मारक संग्रहालय एवं पुस्तकालय की स्थापना की गई. प्रधानमंत्री मोदी ने 2016 में एक विचार रखा था कि तीन मूर्ति परिसर के अंदर भारत के सभी प्रधानमंत्रियों को समर्पित एक संग्रहालय होना चाहिए, जिसे नेहरू स्मारक की कार्यकारी परिषद ने मंजूर कर लिया. विभिन्न पूर्व प्रधानमंत्रियों को समर्पित यह संग्रहालय अप्रैल 2022 में जनता के लिए खोल दिया गया.
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अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.
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