राहुल गांधी ने मणिपुर हिंसा पर फिर मोदी सरकार को घेरा, बताया- नफरत और गुस्से का परिणाम

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि मणिपुर में हिंसा उनके लिए एक सबक है कि जब आप किसी राज्य में विभाजन, नफरत और गुस्से की राजनीति करते हैं, तो क्या होता है. मणिपुर हिंसा के परिणामस्वरूप हुए घावों को ठीक होने में कई साल लगेंगे. उन्होंने कहा, दुख और गुस्सा इतनी आसानी से दूर नहीं होगा.
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार को केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर एक बार फिर से मणिपुर हिंसा को लेकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में जारी हिंसा परेशान करने वाली है और इसे तुरंत रोकने की जरूरत है.
मणिपुर हिंसा विभाजन, नफरत और गुस्से का परिणाम
वायनाड से सांसद राहुल गांधी ने कहा कि मणिपुर में हिंसा विभाजन, नफरत और गुस्से की एक विशेष प्रकार की राजनीति का सीधा परिणाम है. कांग्रेस नेता ने कहा, इसलिए, एक परिवार के रूप में सभी को एक साथ रखना महत्वपूर्ण है.
मणिपुर में दुख और गुस्सा आसानी से दूर नहीं होगा: राहुल
केरल की दो दिवसीय यात्रा पर राहुल गांधी ने कोडेनचेरी में सेंट जोसेफ हाई स्कूल ऑडिटोरियम में सामुदायिक दिव्यांगता प्रबंधन केंद्र (सीडीएमसी) की आधारशिला रखी. उसके बाद वहां मौजूद लोगों को उन्होंने संबोधित किया और कहा, मणिपुर हिंसा के परिणामस्वरूप हुए घावों को ठीक होने में कई साल लगेंगे. उन्होंने कहा, दुख और गुस्सा इतनी आसानी से दूर नहीं होगा. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि मणिपुर में हिंसा उनके लिए एक सबक है कि जब आप किसी राज्य में विभाजन, नफरत और गुस्से की राजनीति करते हैं, तो क्या होता है.
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हर एक व्यक्ति में कुछ अद्वितीय क्षमता होती है : राहुल गांधी
कोझिकोड के कोडेनचेरी में सामुदायिक विकलांगता प्रबंधन केंद्र की आधारशिला रखने पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी, मुझे व्यक्तिगत रूप से विकलांगता की अवधारणा पसंद नहीं है क्योंकि मेरा मानना है कि हर एक व्यक्ति में कुछ अद्वितीय क्षमता होती है. यह अलग बात है कि समाज उन्हें वह क्षमता खोजने नहीं देता लेकिन मेरा मानना है कि हर एक व्यक्ति में बड़ी ताकत होती है.
संसद सदस्यता बहाल होने के बाद पहली बार वायनाड पहुंचे राहुल गांधी
कांग्रेस के नेता राहुल गांधी लोकसभा सदस्यता बहाल होने के बाद शनिवार को पहली बार अपने संसदीय क्षेत्र वायनाड पहुंचे, जहां पार्टी के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया. कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी के पहुंचते ही उनके समर्थन में नारे लगाए.
केरल दौरे में टोडा जनजाति से मिले राहुल गांधी
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केरल दौरे के दौरान तमिलनाडु के नीलगिरि जिले में टोडा समुदाय के सदस्यों के साथ कुछ समय बिताया. इस दौरान राहुल गांधी ने उनके साथ नृत्य किया और समुदाय के देवता के मंदिर में दर्शन किए. दरअसल राहुल गांधी केरल में अपने निर्वाचन क्षेत्र की ओर जा रहे थे और इसी दौरान वह आदिवासी समुदाय के सदस्यों के साथ बातचीत करने के लिए यहां मुथुनाडुमांडू में रुके.
‘वनवासी’पर राहुल गांधी ने बीजेपी पर किया हमला
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर जनजातीय समुदायों को जंगलों तक सीमित करने की कोशिश करने और ‘आदिवासी’ की जगह ‘वनवासी’ कहकर उन्हें भूखंडों के मूल स्वामित्व के दर्जे से वंचित करने का रविवार को आरोप लगाया. वायनाड के सांसद गांधी ने कुछ दिन पहले राजस्थान में पार्टी की एक रैली को संबोधित करते हुए भी यही मामला उठाया था. उन्होंने राजस्थान में कहा था कि भाजपा जनजातीय समुदायों को आदिवासी की जगह ‘वनवासी’ कहकर उनका ‘अपमान’ करती है और उनकी वन भूमि छीनकर उद्योगपतियों को देती है. गांधी ने रविवार को वायनाड जिले में मानंतवाड़ी क्षेत्र के नल्लूरनाड स्थित ‘डॉ अंबेडकर जिला मेमोरियल कैंसर सेंटर’ में ‘एचटी (हाई टेंशन) कनेक्शन’ का उद्घाटन करने के बाद आरोप लगाया कि आदिवासियों को वनवासी कहने के पीछे एक ‘विकृत तर्क’ दिया जाता है. उन्होंने कहा, यह आपको (आदिवासियों को) जमीन के मूल मालिक के अधिकार से वंचित करता है और इसका मकसद आपको जंगल तक ही सीमित रखना है. गांधी ने कहा, इसका मतलब यह है कि आप जंगल से संबंध रखते हैं और आपको जंगल नहीं छोड़ना चाहिए.
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By अरबिंद कुमार मिश्रा
अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.
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करियर का सफरनामा
अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.
प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग
खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:
34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.
पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.
पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.
शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)
UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.
बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.
एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.
लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.
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