राहुल गांधी ने मणिपुर हिंसा पर फिर मोदी सरकार को घेरा, बताया- नफरत और गुस्से का परिणाम
Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 13 Aug 2023 9:21 PM
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि मणिपुर में हिंसा उनके लिए एक सबक है कि जब आप किसी राज्य में विभाजन, नफरत और गुस्से की राजनीति करते हैं, तो क्या होता है. मणिपुर हिंसा के परिणामस्वरूप हुए घावों को ठीक होने में कई साल लगेंगे. उन्होंने कहा, दुख और गुस्सा इतनी आसानी से दूर नहीं होगा.
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार को केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर एक बार फिर से मणिपुर हिंसा को लेकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में जारी हिंसा परेशान करने वाली है और इसे तुरंत रोकने की जरूरत है.
मणिपुर हिंसा विभाजन, नफरत और गुस्से का परिणाम
वायनाड से सांसद राहुल गांधी ने कहा कि मणिपुर में हिंसा विभाजन, नफरत और गुस्से की एक विशेष प्रकार की राजनीति का सीधा परिणाम है. कांग्रेस नेता ने कहा, इसलिए, एक परिवार के रूप में सभी को एक साथ रखना महत्वपूर्ण है.
मणिपुर में दुख और गुस्सा आसानी से दूर नहीं होगा: राहुल
केरल की दो दिवसीय यात्रा पर राहुल गांधी ने कोडेनचेरी में सेंट जोसेफ हाई स्कूल ऑडिटोरियम में सामुदायिक दिव्यांगता प्रबंधन केंद्र (सीडीएमसी) की आधारशिला रखी. उसके बाद वहां मौजूद लोगों को उन्होंने संबोधित किया और कहा, मणिपुर हिंसा के परिणामस्वरूप हुए घावों को ठीक होने में कई साल लगेंगे. उन्होंने कहा, दुख और गुस्सा इतनी आसानी से दूर नहीं होगा. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि मणिपुर में हिंसा उनके लिए एक सबक है कि जब आप किसी राज्य में विभाजन, नफरत और गुस्से की राजनीति करते हैं, तो क्या होता है.
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हर एक व्यक्ति में कुछ अद्वितीय क्षमता होती है : राहुल गांधी
कोझिकोड के कोडेनचेरी में सामुदायिक विकलांगता प्रबंधन केंद्र की आधारशिला रखने पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी, मुझे व्यक्तिगत रूप से विकलांगता की अवधारणा पसंद नहीं है क्योंकि मेरा मानना है कि हर एक व्यक्ति में कुछ अद्वितीय क्षमता होती है. यह अलग बात है कि समाज उन्हें वह क्षमता खोजने नहीं देता लेकिन मेरा मानना है कि हर एक व्यक्ति में बड़ी ताकत होती है.
संसद सदस्यता बहाल होने के बाद पहली बार वायनाड पहुंचे राहुल गांधी
कांग्रेस के नेता राहुल गांधी लोकसभा सदस्यता बहाल होने के बाद शनिवार को पहली बार अपने संसदीय क्षेत्र वायनाड पहुंचे, जहां पार्टी के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया. कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी के पहुंचते ही उनके समर्थन में नारे लगाए.
केरल दौरे में टोडा जनजाति से मिले राहुल गांधी
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केरल दौरे के दौरान तमिलनाडु के नीलगिरि जिले में टोडा समुदाय के सदस्यों के साथ कुछ समय बिताया. इस दौरान राहुल गांधी ने उनके साथ नृत्य किया और समुदाय के देवता के मंदिर में दर्शन किए. दरअसल राहुल गांधी केरल में अपने निर्वाचन क्षेत्र की ओर जा रहे थे और इसी दौरान वह आदिवासी समुदाय के सदस्यों के साथ बातचीत करने के लिए यहां मुथुनाडुमांडू में रुके.
‘वनवासी’पर राहुल गांधी ने बीजेपी पर किया हमला
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर जनजातीय समुदायों को जंगलों तक सीमित करने की कोशिश करने और ‘आदिवासी’ की जगह ‘वनवासी’ कहकर उन्हें भूखंडों के मूल स्वामित्व के दर्जे से वंचित करने का रविवार को आरोप लगाया. वायनाड के सांसद गांधी ने कुछ दिन पहले राजस्थान में पार्टी की एक रैली को संबोधित करते हुए भी यही मामला उठाया था. उन्होंने राजस्थान में कहा था कि भाजपा जनजातीय समुदायों को आदिवासी की जगह ‘वनवासी’ कहकर उनका ‘अपमान’ करती है और उनकी वन भूमि छीनकर उद्योगपतियों को देती है. गांधी ने रविवार को वायनाड जिले में मानंतवाड़ी क्षेत्र के नल्लूरनाड स्थित ‘डॉ अंबेडकर जिला मेमोरियल कैंसर सेंटर’ में ‘एचटी (हाई टेंशन) कनेक्शन’ का उद्घाटन करने के बाद आरोप लगाया कि आदिवासियों को वनवासी कहने के पीछे एक ‘विकृत तर्क’ दिया जाता है. उन्होंने कहा, यह आपको (आदिवासियों को) जमीन के मूल मालिक के अधिकार से वंचित करता है और इसका मकसद आपको जंगल तक ही सीमित रखना है. गांधी ने कहा, इसका मतलब यह है कि आप जंगल से संबंध रखते हैं और आपको जंगल नहीं छोड़ना चाहिए.
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अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.
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