Jammu & Kashmir : जिन्हें राष्ट्रीय प्रतीक से समस्या वो नोट भी न लाएं, जानें किसने कह दी सटीक बात

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राष्ट्रीय प्रतीक वाली उद्घाटन पट्टिका तोड़ने पर नाराजगी.

Jammu & Kashmir : अंद्राबी ने कहा, “जिस व्यक्ति (सादिक) ने ट्वीट किया है, क्या यह उनका काम है? क्या वह एक बार फिर राजनीति कर रहे हैं? नेता ने जो किया वह दुर्भाग्यपूर्ण है. वह नेता कहलाने के लायक नहीं हैं.” राष्ट्रीय प्रतीक वाली उद्घाटन पट्टिका तोड़ने पर जम्मू और कश्मीर में नाराजगी.

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Jammu & Kashmir: जम्मू और कश्मीर के लोकप्रिय नेता (LoP) सुनील शर्मा ने श्रीनगर के हजरतबल में राष्ट्रीय चिन्ह की तोड़फोड़ पर चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले नए गेस्ट हाउस के निर्माण के लिए नींव रखी गई थी. वहां एक बोर्ड पर राष्ट्रीय चिन्ह लगाया गया था. अब कुछ वीडियो सामने आए हैं जिसमें लोग इस चिन्ह को नष्ट करते दिख रहे हैं. सुनील शर्मा ने इसे निंदनीय बताया. उन्होंने कहा कि यह जगह धार्मिक है, लेकिन राष्ट्रीय चिन्ह किसी धर्म का प्रतीक नहीं है. यह भारत की संप्रभुता, अखंडता और एकता को दर्शाता है. इसलिए किसी को भी राष्ट्रीय चिन्ह के साथ कोई समस्या नहीं होनी चाहिए थी.

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राष्ट्रीय प्रतीक का विरोध करने वालों पर मामला दर्ज होना चाहिए

जम्मू-कश्मीर वक्फ बोर्ड की अध्यक्ष दरखशां अंद्राबी ने नवीनीकृत हजरतबल मस्जिद की उद्घाटन पट्टिका पर राष्ट्रीय प्रतीक लगाने का विरोध करने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है. मस्जिद परिसर में पट्टिका पर राष्ट्रीय प्रतीक लगाने पर विभिन्न पक्षों ने आलोचना की. सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के प्रवक्ता और जदीबल के विधायक तनवीर सादिक ने कहा कि प्रतिष्ठित दरगाह में बुत स्थापित करना इस्लाम के खिलाफ है, क्योंकि इस्लाम में बुतपरस्ती सख्त मना है. उन्होंने कहा, “मैं धार्मिक विद्वान नहीं हूं, लेकिन हमारे धर्म में बुतपरस्ती सबसे बड़ा पाप है. हमारे विश्वास की नींव तौहीद (एक ईश्वर की मान्यता) पर आधारित है.” इस मुद्दे ने धार्मिक और राजनीतिक चर्चा को जन्म दिया है.

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मस्जिद आने पर राष्ट्रीय प्रतीक वाले नोट नहीं लाने चाहिए : अंद्राबी

कुछ लोगों ने शुक्रवार को राष्ट्रीय प्रतीक वाली उद्घाटन पट्टिका तोड़ दी. इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए दरखशां अंद्राबी ने कहा कि कुछ लोग इस मुद्दे पर राजनीति कर रहे हैं. उन्होंने हजरतबल में पूछा, “क्या यहां के नेता इस प्रतीक का इस्तेमाल नहीं करते? क्या हमारे मुख्यमंत्री इसे अपने साथ नहीं ले जाते?” अंद्राबी ने कहा कि जिन्हें राष्ट्रीय प्रतीक से समस्या है, उन्हें मस्जिद आने पर राष्ट्रीय प्रतीक वाले नोट नहीं लाने चाहिए.

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