Namami Gange: गंगा नदी बेसिन में जैव विविधता के संरक्षण के लिए कई योजनाओं को मिली मंजूरी

Updated:
विज्ञापन
Namami Gange: गंगा नदी बेसिन में जैव विविधता के संरक्षण के लिए कई योजनाओं को मिली मंजूरी

नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा की एक्जीक्यूटिव काउंसिल की 68वीं बैठक में नदियों के पर्यावरणीय, जैव विविधता का संरक्षण प्राकृतिक तरीके से करने के उपाय पर चर्चा की गयी ताकि सांस्कृतिक विरासत और इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास को गति दी जा सके.

विज्ञापन

Namami Gange: गंगा और सहयोगी नदियों को अविरल और निर्मल बनाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से लगातार कदम उठाए जा रहे है. नेशनल मिशन ऑफ क्लीन गंगा के तहत गंगा में गंदे पानी को जाने से रोकने के लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, नदी के किनारे ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा देने सहित आम लोगों को जागरूक करने के प्रयास हो रहा है. 

सोमवार को नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा की एक्जीक्यूटिव काउंसिल की 68वीं बैठक में नदियों के पर्यावरणीय, जैव विविधता का संरक्षण प्राकृतिक तरीके से करने के उपाय पर चर्चा की गयी ताकि सांस्कृतिक विरासत और इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास काे गति दी जा सके. 
 नेशनल मिशन ऑफ क्लीन गंगा के निदेशक राजीव कुमार मित्तल की अध्यक्षता में हुई बैठक में केंद्रीय जल संसाधन मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ राज्यों के अधिकारी शामिल हुए.  इसमें गंगा बेसिन में विलुप्त हो रहे पक्षियों को बचाने के लिए नयी योजना को मंजूरी दी गयी. नमामि गंगा मिशन-2 के तहत प्रोजेक्ट के तौर पर लंबी अवधि के लिए निगरानी, सामुदायिक भागीदारी और सबूत आधारित संरक्षण पर जोर दिया जायेगा. 


पक्षियों के संरक्षण के लिए स्थानीय समुदाय को ट्रेनिंग देने, मानव दखल को कम करने, जागरूकता बढ़ाने और क्षमता विकास पर फोकस होगा. सरकार डॉल्फिन, मछली, कछुआ और अन्य जीवों को बचाने पर जोर देती रही है. अब सरकार की कोशिश नदियों के जैव विविधता से जुड़े सभी पहलुओं पर ध्यान देना है. 

कई अहम प्रोजेक्ट को मिली मंजूरी

बैठक में गंगा बेसिन वाले राज्यों में कई प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गयी ताकि तय लक्ष्य को हासिल किया जा सके. इस मंजूरी से संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सकेगा. बैठक में उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में 10 किलोमीटर प्रतिदिन की क्षमता वाले एसटीपी के निर्माण, कानपुर में मौजूद सीवेज इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास और वाराणसी में स्कीमर योजना को मंजूरी दी गयी. बिहार के दानापुर, फुलवारीशरीफ और फतुहा में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण और झारखंड के फुसरो में भी इसके निर्माण को स्वीकृति दी गयी. 


दिल्ली में यमुना नदी में गंदा पानी जाने से रोकने के लिए शास्त्री पार्क ड्रेन, गौशाला ड्रेन और कैलाश नगर ड्रेन के लिए इनोवेटिव तरीका अपनाने के लिए कदम उठाने को कहा.  इन फैसलों के जरिये नदियों से जुड़ी जैव विविधता की रक्षा करना, नदियों को प्रदूषण मुक्त करने के लिए प्रकृति आधारित प्रयास को बढ़ावा देना नदियों से सांस्कृतिक जुड़ाव के प्रति लोगों को जागरूक करना शामिल है. 


इन प्रयासों से ही गंगा को स्वच्छ और अविरल बनाया जा सकता है. साथ ही गोमती नदी की प्राकृतिक पवित्रता और सांस्कृतिक विरासत को बचाने के लिए व्यापक मास्टर प्लान तैयार किया गया. इसके लिए गोमती नदी के उदगम स्थल पीलीभीत में कई काम को अंजाम दिया जाएगा. योजना के तहत आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास करने के साथ नदी में गंदा पानी जाने से रोकने के लिए कदम उठाया जाएगा. 

विज्ञापन
Vinay Tiwari

लेखक के बारे में

By Vinay Tiwari

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola