Nagpur Violence: नागपुर हिंसा का मास्टरमाइंड फहीम खान बेनकाब, कर्फ्यू के साये में शहर में तनाव बरकरार

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Mastermind of Nagpur violence Faheem Khan

Nagpur Violence: नागपुर में सांप्रदायिक हिंसा के मास्टरमाइंड फहीम खान की तस्वीर जारी की गई. हिंसा में 34 पुलिसकर्मी घायल हुए और अब तक 50 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं. कर्फ्यू जारी है.

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Nagpur Violence: नागपुर में सोमवार रात को हुई सांप्रदायिक हिंसा के बाद अब स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन शहर के संवेदनशील इलाकों में अभी भी कर्फ्यू जारी है. इस बीच, नागपुर पुलिस ने बुधवार को फहीम शमीम खान की पहली तस्वीर जारी की है, जिसे इस हिंसा का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है. इस हिंसा में कई लोग घायल हुए थे और अब तक करीब 50 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है.

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कौन है फहीम खान?

फहीम खान अल्पसंख्यक डेमोक्रेटिक पार्टी (MDP) का नगर अध्यक्ष है और नागपुर के यशोधरा नगर स्थित संजय बाग कॉलोनी में रहता है. पुलिस ने बताया कि सांप्रदायिक झड़पों के सिलसिले में दर्ज की गई एफआईआर में फहीम खान का नाम प्रमुख आरोपियों में शामिल है. प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि फहीम खान ने हिंसा भड़कने से कुछ समय पहले कथित तौर पर भड़काऊ भाषण दिया था, जिससे इलाके में तनाव बढ़ गया और हिंसा भड़क उठी.

गडकरी के खिलाफ लड़ा था लोकसभा चुनाव

फहीम खान ने 2024 के लोकसभा चुनाव में नागपुर सीट से MDP के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था. हालांकि, वह बीजेपी के दिग्गज नेता और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से 6.5 लाख से अधिक वोटों से हार गया था. चुनाव में करारी हार के बाद भी फहीम खान राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय था, लेकिन हालिया हिंसा में उसकी भूमिका सामने आने के बाद पुलिस ने अब उसे मुख्य आरोपी बनाया है.

कर्फ्यू के बीच कड़ी सुरक्षा व्यवस्था

नागपुर के पुलिस आयुक्त रविंद्र कुमार सिंघल ने बताया कि शहर में स्थिति की लगातार समीक्षा की जा रही है. उन्होंने कहा कि संवेदनशील इलाकों में दो हजार से अधिक सशस्त्र पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है. इसके अलावा, त्वरित प्रतिक्रिया दल (QRT) और दंगा नियंत्रण पुलिस (RCP) की गश्त भी जारी है. सभी ऑपरेशन पुलिस उपायुक्त (DCP) रैंक के अधिकारी के नेतृत्व में चलाए जा रहे हैं.

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किस वजह से भड़की थी हिंसा?

पुलिस के अनुसार, सोमवार रात साढ़े सात बजे के करीब मध्य नागपुर में सांप्रदायिक हिंसा भड़क उठी. हिंसा के दौरान पुलिस पर पथराव किया गया और कई इलाकों में आगजनी भी हुई. यह हिंसा एक अफवाह के बाद फैली, जिसमें कहा गया कि औरंगजेब की कब्र हटाने के लिए दक्षिणपंथी संगठन द्वारा किए गए प्रदर्शन के दौरान एक समुदाय के धार्मिक ग्रंथ को जला दिया गया था. इस अफवाह ने इलाके में तनाव फैला दिया, जिसके बाद हिंसा शुरू हो गई.

12 पुलिसकर्मी समेत 34 लोग घायल

इस हिंसा में 34 पुलिसकर्मी घायल हो गए, जिनमें तीन पुलिस उपायुक्त (DCP) भी शामिल हैं. हालात बिगड़ने के बाद शहर के कोतवाली, गणेशपेठ, तहसील, लकडगंज, पाचपावली, शांति नगर, सक्करदरा, नंदनवन, इमामवाडा, यशोधरा नगर और कपिल नगर थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लागू कर दिया गया.

कर्फ्यू के दौरान क्या हैं नियम?

पुलिस ने साफ किया है कि कर्फ्यू के दौरान संबंधित इलाकों में वाहनों और लोगों की आवाजाही पर रोक लगी हुई है. संबंधित इलाकों के पुलिस उपायुक्त ही सड़कों पर वाहन संचालन को लेकर निर्णय लेंगे.

अब तक 50 गिरफ्तार, हिंसा की जांच जारी

हिंसा के सिलसिले में अब तक करीब 50 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. पुलिस के अनुसार, मामले की गहन जांच जारी है और फहीम खान को मुख्य आरोपी मानकर उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है. स्थिति अब नियंत्रण में है, लेकिन कर्फ्यू और कड़ी सुरक्षा के बीच नागपुर में अभी भी तनाव का माहौल बना हुआ है.

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