Muslim Population : उत्तर प्रदेश से कम मुस्लिम रहते हैं महाराष्ट्र में

Published by : Amitabh Kumar Updated At : 18 Mar 2025 9:12 AM

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सांकेतिक तस्वीर

Muslim Population : उत्तर प्रदेश से कम मुस्लिम महाराष्ट्र में रहते हैं. 2011 की जनगणना के अनुसार, मुसलमानों की कुल आबादी का लगभग 14.2% हिस्सा भारत में निवास करता है.

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Muslim Population : भारत अपनी विविध सांस्कृतिक के लिए जाना जाता है. यहां मुस्लिम आबादी भी है जो अपने धर्म के अनुसार चलती है. हिंदू–मुस्लिम यहां मिलकर रहते हैं. इस्लाम देश का दूसरा सबसे बड़ा धर्म है. 2011 की जनगणना के अनुसार मुसलमानों की कुल आबादी का लगभग 14.2% हिस्सा है. आइए जानते हैं महाराष्ट्र में कितने मुस्लिम रहते हैं. अन्य राज्यों की भी मुस्लिम आबादी पर नजर डालते हैं.

महाराष्ट्र में मुस्लिम आबादी कितनी?

महाराष्ट्र में मुस्लिम आबादी काफी है. यह राज्य की कुल आबादी का लगभग 11.54% है. 2011 की जनगणना के अनुसार यह 12 मिलियन से अधिक मुसलमान रहते हैं. राज्य की राजधानी मुंबई में एक बड़ा मुस्लिम समुदाय रहता है और यह अपने विविध सांस्कृतिक परिवेश के लिए जाना जाता है. शहर में हाजी अली दरगाह और जामा मस्जिद सहित कई प्रमुख मस्जिदें हैं. महाराष्ट्र की मुस्लिम आबादी फिल्म, व्यवसाय और राजनीति सहित विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय रूप से शामिल है.

उत्तर प्रदेश में मुस्लिम आबादी कितनी?

भारत में सबसे अधिक आबादी वाला राज्य उत्तर प्रदेश में मुस्लिम आबादी बहुत ज्यादा है. 2011 की जनगणना के अनुसार, राज्य की आबादी में मुस्लिमों की संख्या लगभग 19.26% है, जो 38 मिलियन से अधिक है. लखनऊ, अलीगढ़ और वाराणसी जैसे शहरों में मुस्लिम समुदाय के लोग काफी संख्या में रहते हैं. राज्य में इस्लामी संस्कृति का समृद्ध इतिहास रहा है. आगरा में ताजमहल और लखनऊ में बड़ा इमामबाड़ा जैसे स्थल पूरे देश में फेमस हैं. मुस्लिम शासकों का प्रभाव यहां नजर आता है. विशेष रूप से मुगल काल के दौरान, राज्य की वास्तुकला, भोजन और परंपराओं की छाप आज भी देखने को मिलती है.

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बिहार में मुस्लिम आबादी कितनी?

पूर्वी भारत में स्थित बिहार में मुस्लिम आबादी लगभग 16.87% है. 2011 की जनगणना के अनुसार यह 17 मिलियन से अधिक है. किशनगंज, अररिया और पूर्णिया जिलों में मुसलमानों की सबसे अधिक संख्या है. बिहार में एक समृद्ध इस्लामी विरासत है. इसमें प्राचीन शहर सासाराम और शेर शाह सूरी का मकबरा जैसे ऐतिहासिक स्थल हैं.

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By Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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