Murshidabad Violence : बांग्लादेश चाहता है भारत में हिंसा फैले? मुर्शिदाबाद मामले में बड़ा खुलासा

Updated:
विज्ञापन

Murshidabad Violence : मुर्शिदाबाद हिंसा में बांग्लादेशी कट्टरपंथी का हाथ था. स्थानीय नेताओं की मदद से हिंसा को अंजाम दिया गया. एक खुफिया रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है. सूत्रों ने रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि हिंसा बांग्लादेशी बदमाशों द्वारा की गई थी. जानें किन संगठनों का हाथ है हिंसा में.

विज्ञापन

Murshidabad Violence : पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में वक्फ संशोधन कानून के विरुद्ध आंदोलन के दौरान हुई हिंसा को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. खुफिया रिपोर्ट से यह बात सामने आई है कि हिंसा में बांग्लादेशी कट्टरपंथी ‘शामिल’ थे, जिन्हें कथित तौर पर एक राजनीतिक दल के स्थानीय नेताओं की मदद मिली थी. सूत्रों के हवाले से न्यूज एजेंसी पीटीआई ने यह खबर दी है. सूत्रों ने एक खुफिया रिपोर्ट का हवाला दिया, बताया कि बांग्लादेश स्थित दो कट्टरपंथी संगठनों- जमात-उल मुजाहिदीन बांग्लादेश (जेएमबी) और अंसारुल्लाह बांग्ला टीम (एबीटी) के सदस्य कथित तौर पर मुर्शिदाबाद हिंसा में शामिल थे. इस हिंसा में तीन लोग मारे गए थे.

विज्ञापन

मुर्शिदाबाद की स्थिति पर बारीकी से रखी जा रही है नजर

सूत्रों ने रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि हिंसा बांग्लादेशी बदमाशों द्वारा की गई थी, जिन्हें कथित तौर पर एक राजनीतिक दल के स्थानीय नेताओं की मदद मिली थी. सूत्रों ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय मुर्शिदाबाद की स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है, जहां शांति बहाल करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए राज्य पुलिस के साथ केंद्रीय बलों को तैनात किया गया है. भारत-बांग्लादेश सीमा पर तैनात सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को भी कड़ी निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है, ताकि पश्चिम बंगाल में अवैध घुसपैठ न हो सके.

सुती, धुलियान और जंगीपुर सहित कई इलाकों में हिंसक विरोध प्रदर्शन

केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने मुर्शिदाबाद जिले में बड़े पैमाने पर हुई हिंसा के बाद 12 अप्रैल को पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के साथ डिजिटल तौर पर बैठक की थी. केंद्र ने अपनी बातचीत के दौरान राज्य सरकार से अन्य संवेदनशील जिलों पर कड़ी नजर रखने और जल्द से जल्द सामान्य स्थिति सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त कदम उठाने को कहा. संशोधित वक्फ कानून को लेकर उत्पन्न नाराजगी के बाद शुक्रवार और शनिवार को जिले के सुती, धुलियान और जंगीपुर सहित कई इलाकों में हिंसक विरोध प्रदर्शन हुए.

यह भी पढ़ें : Earthquake : अमेरिका में जोरदार भूकंप, कुत्ते और हाथी सब भागने लगे, देखें वीडियो

पिछले 48 घंटों में हिंसा की कोई नई घटना नहीं

अधिकारियों ने बताया कि जंगीपुर, धुलियान, सुती और शमशेरगंज में बीएसएफ, सीआरपीएफ (केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल), राज्य पुलिस और आरएएफ (रैपिड एक्शन फोर्स) के जवानों को बड़ी संख्या में तैनात किया गया है. अधिकारियों के अनुसार, हालांकि पिछले 48 घंटों में हिंसा की कोई नई घटना सामने नहीं आई है. राज्य पुलिस ने बताया कि मुर्शिदाबाद के दंगा प्रभावित इलाकों में स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है, दुकानें फिर से खुल रही हैं और विस्थापित परिवार अपने घरों को लौटने लगे हैं.

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola