Mumbai Train Blasts: 180 से अधिक लोगों की मौत…दोषी कोई नहीं, हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ 24 जुलाई को SC में सुनवाई

Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 22 Jul 2025 2:59 PM

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Mumbai Train Blasts

Mumbai Train Blasts: 11 जुलाई 2006 को मुंबई में कई ट्रेन में किए गए सात बम धमाकों पर सोमवार को 19 साल बाद मुंबई हाईकोर्ट का फैसला आया. जिसमें सभी 12 आरोपियों को बरी करने का फैसला सुनाया गया. कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है. जिसपर 24 जुलाई को सुनवाई होगी.

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Mumbai Train Blasts: सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस बीआर गवई, जस्टिस के विनोद चंद्रन और जस्टिस एनवी अंजारिया की पीठ ने मंगलवार को हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुनवाई के लिए तैयार हुए. सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने हाईकोर्ट के 21 जुलाई के फैसले को चुनौती दी है. कोर्ट ने इस मामले में कहा, सुनवाई गुरुवार को होगी.

यह गंभीर मामला है : कोर्ट

जस्टिस मेहता ने कहा, ‘‘यह गंभीर मामला है. एसएलपी (विशेष अनुमति याचिका) तैयार है. मामला जरूरी है… अब भी कुछ अहम पहलुओं पर गौर किया जाना बाकी है.’’

मुंबई हाईकोर्ट ने क्या सुनाया फैसला

मुंबई हाईकोर्ट ने सोमवार को सभी 12 आरोपियों को यह कहते हुए बरी कर दिया कि अभियोजन पक्ष अपराध को साबित करने में पूरी तरह नाकाम रहा और ‘‘यह विश्वास करना कठिन है कि आरोपियों ने अपराध किया है.’’

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कोर्ट के फैसले पर शिवसेना यूबीटी नेता ने महाराष्ट्र सरकार पर बोला हमला

2006 के मुंबई ट्रेन बम विस्फोटों के सिलसिले में बॉम्बे उच्च न्यायालय द्वारा सभी 12 लोगों को बरी किए जाने पर, शिवसेना (यूबीटी) सांसद अरविंद सावंत ने कहा, “अभियोजक क्या कर रहे थे?… विशेष अदालत ने सभी को सजा दी, लेकिन अब हाईकोर्ट ने यह कहते हुए फैसला पलट दिया है कि अभियोजक यह साबित नहीं कर पाए कि उन्होंने कोई अपराध किया था. यह राज्य सरकार की ओर से एक चूक है.”

2006 में मुंबई में सिलसिलेवार धमाके में गई थी 180 से अधिक की जान

हाईकोर्ट का यह फैसला मुंबई पश्चिमी रेलवे नेटवर्क को हिला देने वाले आतंकवादी हमले के 19 साल बाद आया. इस हमले में 180 से अधिक लोगों की जान चली गई थी और कई अन्य लोग घायल हुए थे. 11 जुलाई को मुंबई में आतंकवादियों ने कई लोकल ट्रेनों पर धमाका किया था.

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लेखक के बारे में

By ArbindKumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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