Modi Surname Issue: सूरत कोर्ट से जमानत मिलने के बाद राहुल गांधी की पहली प्रतिक्रिया, कहा- सत्य मेरा अस्त्र
Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 03 Apr 2023 5:26 PM
राहुल गांधी ने सूरत के सेशंस कोर्ट से जमानत मिलने के बाद फौरन ट्वीट किया. उन्होंने अपनी पहली प्रतिक्रिया देते हुए कहा, वह ‘मित्रकाल’ के खिलाफ और लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं, जिसमें सत्य ही उनका अस्त्र है.
कांग्रेस पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मोदी सरनेम मानहानि मामले में सूरत कोर्ट से मिली दो साल की सजा को आज चुनौती दी. सेशंस कोर्ट से पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष को बड़ी राहत मिली. अदालत ने उन्हें 13 अप्रैल तक के लिए जमानत दे दी. जमानत मिलने के बाद राहुल गांधी की पहली प्रतिक्रिया भी सामने आ गयी है.
मित्रकाल’ के विरुद्ध, लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई : राहुल
राहुल गांधी ने सूरत के सेशंस कोर्ट से जमानत मिलने के बाद फौरन ट्वीट किया. उन्होंने अपनी पहली प्रतिक्रिया देते हुए कहा, वह ‘मित्रकाल’ के खिलाफ और लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं, जिसमें सत्य ही उनका अस्त्र है. उन्होंने ट्वीट किया, ये ‘मित्रकाल’ के विरुद्ध, लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई है. इस संघर्ष में, सत्य मेरा अस्त्र है, और सत्य ही मेरा आसरा!
प्रियंका ने भी ट्वीट किया- सूरमा नहीं विचलित होते
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने उनके इस ट्वीट को रिट्वीट करते हुए लिखा, सूरमा नहीं विचलित होते, क्षण एक नहीं धीरज खोते, विघ्नों को गले लगाते हैं, कांटों में राह बनाते हैं.
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कोर्ट में पेशी से भी राहुल गांधी को मिली राहत
सूरत के सेशंस कोर्ट ने राहुल गांधी को पेशी से भी राहत दे दी है. 13 अप्रैल को जमानत अवधि समाप्त होने के बाद उन्हें कोर्ट में हाजिर होने की जरूरत नहीं है. राहुल गांधी की याचिका पर अब 3 मई को सुनवाई होगी.
ये ‘मित्रकाल’ के विरुद्ध, लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई है।
इस संघर्ष में, सत्य मेरा अस्त्र है, और सत्य ही मेरा आसरा! pic.twitter.com/SYxC8yfc1M
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) April 3, 2023
क्या है मामला
दरअसल राहुल गांधी ने मोदी सरनेम को लेकर टिप्पणी की थी. जिसके खिलाफ सूरत कोर्ट में आपराधिक मानहानि का मामला दर्ज कराया गया था. 2019 की टिप्पणी से संबंधित मानहानि के मामले में सुनवाई करते हुए कोर्ट ने उन्हें दो साल की सजा सुनायी.
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अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.
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