विदेश मंत्रालय ने कहा– ईरान से टैंकर की अदला-बदली की खबर गलत, फंसे जहाजों की सुरक्षित वापसी पर फोकस

Updated:
विज्ञापन
Randhir Jaiswal

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल

Strait of Hormuz : विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारत ने जिन तीन जहाजों को जब्त किया है उनसे ईरान का कोई संबंध नहीं है.

विज्ञापन

 Strait of Hormuz : भारत सरकार ने उन खबरों गलत बताया है जिनमें यह दावा किया गया है कि ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से भारतीय जहाजों की सुरक्षित निकासी के लिए ईरान ने अपने 3 जब्त टैंकरों की अदला-बदली की मांग की है. विदेश मंत्रालय की ओर से यह स्पष्ट कहा गया है कि ईरान से इस तरह की कोई बातचीत नहीं हुई है और जब्त किए गए जहाज ईरान के नहीं हैं. 

बेबुनियाद हैं खबरें : विदेश मंत्रालय

विदेश मंत्रालय की ओर से उनके प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि इस तरह की खबरें बेबुनियाद हैं. ईरान से ना तो इस तरह की कोई चर्चा हुई है और ना ही जब्त किए गए जहाज ईरान के हैं.  रणधीर जायसवाल ने यह स्पष्ट कहा कि भारत का एकमात्र उद्देश्य युद्ध की इस स्थिति में अपने फंसे जहाजों और उसपर सवार लोगों की सुरक्षित वापसी है.

22 भारतीय झंडे वाले जहाज फंसे

भारत सरकार की ओर से यह कहा गया है कि वह ईरान सहित अन्य देशों के साथ लगातार संपर्क में है फारस की खाड़ी क्षेत्र में फंसे हुए जहाजों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके. अभी फारस की खाड़ी क्षेत्र में 22 भारतीय झंडे वाले जहाज मौजूद हैं, जिनमें 600 से अधिक लोग सवार हैं. दरअसल राइटर्स की खबर में यह दावा किया गया था कि भारत ने भारतीय एलपीजी कैरियर नंदा देवी को  सुरक्षित रूप से होर्मुज स्ट्रेट से बाहर निकालने के लिए ईरान के जब्त तीनों जहाजों को छोड़ा है. उसके बाद सरकार की ओर यह स्पष्टीकरण आया है. नंदा देवी जहाज गुजरात के वाडिनार बंदरगाह पहुंच गया है. इससे पहले शिवालिक जहाज भी सुरक्षित भारत लौट चुका है. दोनों जहाज एलपीजी लेकर होर्मुज स्ट्रेट से होकर आए हैं.

ये भी पढ़ें : क्या अमेरिका ने सचमुच ईरान की मिसाइल ताकत को ध्वस्त कर दिया है? जानिए सच…

सोनम वांगचुक ने कहा– मेरी रिहाई कोई मायने नहीं रखती, अगर लद्दाख नहीं जीतता

विज्ञापन
रजनीश आनंद

लेखक के बारे में

By रजनीश आनंद

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola