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MEA on Bangladesh: भारत ने बांग्लादेशी मीडिया की खबरों को बताया बेबुनियाद, बाड़ तोड़ने के आरोप को किया खारिज

Updated at : 21 Dec 2025 8:29 PM (IST)
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MEA on Bangladesh

भारत विदेश मंत्रालय की बांग्लादेश उच्चायोग के बाहर हुए विरोध प्रदर्शनों पर प्रतिक्रिया

MEA on Bangladesh: भारतीय विदेश मंत्रालय ने दिल्ली स्थित बांग्लादेश उच्चायोग के बाहर हुए विरोध प्रदर्शनों पर बांग्लादेश में दिखाई जा रही खबरों पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने रविवार को कहा कि बांग्लादेश हाई कमीशन के बाड़ को तोड़ने की कोई कोशिश नहीं की गई है. वहीं जमा हुई भीड़ को मौके पर तैनात पुलिस ने कुछ मिनटों के भीतर ही तितर-बितर कर दिया.

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MEA on Bangladesh: भारत ने बांग्लादेशी मीडिया की उन खबरों को भ्रामक प्रचार बताते हुए खारिज कर दिया है, जिसमें बांग्लादेशी मीडिया की ओर से कहा गया कि उनके देश में एक हिंदू व्यक्ति की हत्या के विरोध में नई दिल्ली स्थित बांग्लादेशी उच्चायोग के बाहर हुए प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा का माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया गया था. विदेश मंत्रालय ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बांग्लादेश हाई कमीशन के बाड़ को तोड़ने की कोई कोशिश नहीं की गई थी. उन्होंने उन खबरों को बेबुनियाद कहा. मंत्रालय ने यह भी कहा कि किसी भी समय बाड़ तोड़ने या सुरक्षा का माहौल बिगाड़ने का कोई प्रयास नहीं किया गया. MEA ने बताया कि पुलिस ने कुछ मिनटों के बाद समूह को तितर-बितर कर दिया और इन घटनाओं के वीडियो फुटेज सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हैं.

हत्या को दोषियों को सजा की मांग

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि बांग्लादेश के मयमनसिंह में दीपू चंद्र दास की वीभत्स हत्या के विरोध में बांग्लादेश उच्चायोग के सामने करीब 20 से 25 युवक जमा होकर नारे लगाए. प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने बांग्लादेश में सभी अल्पसंख्यकों की सुरक्षा की भी मांग की. भारत ने ढाका की अंतरिम सरकार से दास की बर्बर हत्या के दोषियों को न्याय के कटघरे में लाने की भी अपील की है. गुरुवार को दास की मयमनसिंह शहर में भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी.

बांग्लादेश में उपद्रव का नया दौर

छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद बांग्लादेश में अशांति का एक नया दौर शुरु हो गया. हादी सरकार विरोधी प्रदर्शनों का एक प्रमुख चेहरा थे, जिनके कारण शेख हसीना सरकार का पतन हुआ था. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा- हमने बांग्लादेशी मीडिया के कुछ वर्गों में इस घटना को लेकर भ्रामक प्रचार देखा है. उन्होंने कहा- तथ्य यह है कि 20 दिसंबर को नई दिल्ली में बांग्लादेश उच्चायोग के सामने लगभग 20 से 25 युवक एकत्र हुए और मयमनसिंह में दीपू चंद्र दास की जघन्य हत्या के विरोध में नारे लगाए, साथ ही बांग्लादेश में सभी अल्पसंख्यकों की सुरक्षा की मांग भी की.

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Pritish Sahay

लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.

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