Mazi Saheli Charitable Trust: अंधत्व मुक्ति की ओर माजी सहेली की बड़ी पहल, 2024-25 में 9,825 लोगों तक पहुंचा ट्रस्ट

Edited by Pritish Sahay
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Mazi Saheli Charitable Trust

Mazi Saheli Charitable Trust: माजी सहेली चैरिटेबल ट्रस्ट का इस साल का सबसे प्रमुख अभियान अंधत्व मुक्ति का रहा. साधु वासवानी ट्रस्ट और बुधरानी अस्पताल के सहयोग से रत्नागिरी, रायगढ़, सतारा और उस्मानाबाद जिलों में कुल 14 मुफ्त नेत्र शिविर आयोजित किए गए. इन शिविरों में 1,836 ग्रामीण मरीजों की आंखों की जांच की गई, जिनमें से 146 मोतियाबिंद मरीजों की नि:शुल्क सर्जरी कर दृष्टि बहाल की गई.

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Mazi Saheli Charitable Trust: कौन कहता है कि आसमान में सुराख नहीं होता… एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारों. इस कहावत को महाराष्ट्र के Avinash Rajesh Chauhan बहुत हद तक सच कर दिखाया है. उन्होंने अपने जीवन के अनुभवों को आधार बनाकर 2023 में Mazi Saheli Charitable Trust की स्थापना की. महाराष्ट्र के ग्रामीण जिलों में सामाजिक परिवर्तन की दिशा में काम किया. माजी सहेली चैरिटेबल ट्रस्ट ने वित्त वर्ष 2024-25 में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं. संस्था ने स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और महिला सशक्तिकरण जैसे क्षेत्रों में कुल 9,825 लाभार्थियों तक अपनी सेवाएं पहुचाईं. ट्रस्ट के संस्थापक अविनाश राजेश चौहान के नेतृत्व में यह संगठन अब राज्य के प्रमुख जिलों में जागरूकता और सेवा का पर्याय बन चुका है.

अंधत्व मुक्ति का चलाया अभियान

इस वर्ष का सबसे प्रमुख अभियान अंधत्व मुक्ति का रहा. साधु वासवानी ट्रस्ट और बुधरानी अस्पताल के सहयोग से रत्नागिरी, रायगढ़, सतारा और उस्मानाबाद जिलों में कुल 14 मुफ्त नेत्र शिविर आयोजित किए गए. इन शिविरों में 1,836 ग्रामीण मरीजों की आंखों की जांच की गई, जिनमें से 146 मोतियाबिंद मरीजों की नि:शुल्क सर्जरी कर दृष्टि बहाल की गई. ट्रस्ट का यह प्रयास न केवल चिकित्सा सेवा है, बल्कि सम्मान और आत्मनिर्भरता लौटाने की एक सामाजिक क्रांति भी है.

महिलाओं के लिए किए गए कई काम

ट्रस्ट की महिला सशक्तिकरण पहल के अंतर्गत 4,333 महिलाओं को वित्तीय साक्षरता से जोड़ा गया, वहीं 2,530 महिलाओं को मासिक धर्म स्वच्छता से संबंधित शिक्षा और रीयूज़ेबल पैड वितरित किए गए. 200 किशोरियों को मासिक धर्म पर आधारित कॉमिक्स भी दी गईं. इसके साथ ही, पर्यावरण संरक्षण की दिशा में 11 घरों में रूफटॉप वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम और किचन गार्डन विकसित किए गए.

माजी सहेली की अन्य उपलब्धियों में 575 घरों का स्वच्छता सर्वेक्षण, 10 वृद्धजनों को व्हीलचेयर वितरण और 300 लोगों के लिए समावेशन व गरिमा विषय पर कार्यशालाओं का आयोजन शामिल है. संस्थापक अविनाश चौहान का मानना है कि “जब समाज के सभी वर्ग मिलकर सहयोग करते हैं, तभी व्यापक और स्थायी परिवर्तन संभव होता है.” माज़ी सहेली की यह यात्रा इस बात का प्रमाण है कि दृढ़ संकल्प और साझा प्रयासों से अंधकार को प्रकाश में बदला जा सकता है.

कौन हैं अविनाश?

अविनाश का जन्म 23 जुलाई 1992 को भायंदर, मुंबई में हुआ. एक साधारण मध्यम वर्गीय परिवार में पले-बढ़े अविनाश ने ब्लॉसम हाई स्कूल से शिक्षा प्राप्त की और मुंबई विश्वविद्यालय से बीएससी-आईटी की डिग्री पूरी की. अपने समाज की कमियों को नजदीक से देखने के बाद, उन्होंने ठान लिया कि वे एक ऐसा मंच तैयार करेंगे जो समाज के सबसे कमजोर तबकों की जरूरतों को पूरा करेगा. इसी उद्देश्य से उन्होंने माज़ी सहेली की शुरुआत की, जिसका मूल उद्देश्य है- शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और महिला स्वरोजगार.

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By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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