पर्सनल च्वाइज क्राइम नही, लव मैरिज को लेकर जारी फरमान पर बोले लोग

रतलाम जिले के पंचेवा गांव में सुनाया गया फरमान (Photo: AI)
Love Marriage Boycott : मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के एक गांव में कुछ लोगों ने लव मैरिज करने वाले जोड़ों के खिलाफ सामाजिक बहिष्कार का ऐलान किया. प्रशासन ने मामले में दखल दिया है. जानें क्या है पूरा मामला.
Love Marriage Boycott : परिवार की मर्जी के बिना लव मैरिज करने वाले युवक-युवतियों और उनके परिवारों का सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा. यह फरमान मध्यप्रदेश के रतलाम जिले के पंचेवा गांव में सुनाया गया है. यह गांव जिला मुख्यालय से करीब 50 किलोमीटर दूर है. इस फरमान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसके बाद प्रशासन ने मामले का संज्ञान लिया. इसे जारी करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के आदेश दिए गये हैं.
वीडियो में एक शख्स ग्रामीणों की भीड़ के सामने घोषणा करता नजर आ रहा है. वह कह रहा है कि परिवार की मर्जी के बिना प्रेम विवाह करने वाले युवक-युवतियों और उनके परिवारों का सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा. ऐसे लोगों किसी भी सामाजिक कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किया जाएगा. ऐसे लोगों का साथ देने वाले ग्रामीणों पर भी सामाजिक प्रतिबंध लगाया जाएगा. इस संबंध में न्यूज एजेंसी पीटीआई ने एक्स पर जानकारी दी. इस पोस्ट पर एक यूजर ने लिखा–पर्सनल च्वाइज क्राइम नही है. शादी के नाम पर सामाजिक बहिष्कार करना गलत है और यह हदें पार करता है. ऐसी स्थितियों में लोगों की आजादी और अधिकारों की रक्षा के लिए राज्य का हस्तक्षेप जरूरी है.
Personal choice isn’t a crime.
— YK Rajesh (@Y_K_Rajesh) January 27, 2026
social boycotts over marriage cross the line, and state intervention is necessary to protect individual freedom.
पंचेवा गांव में किसी भी तरह का रोजगार नहीं देने का फरमान
वीडियो में परिवार की मर्जी के बिना प्रेम विवाह करने वाले युवक-युवतियों और उनके परिवारों को पंचेवा गांव में किसी भी तरह का रोजगार नहीं देने, साथ ही उन्हें दूध व रोजमर्रा के इस्तेमाल की अन्य चीजों की आपूर्ति नहीं किए जाने समेत कई सामाजिक प्रतिबंधों की भी घोषणा की गई है. ग्रामीणों का दावा है कि पंचेवा में पिछले छह महीनों में कुल आठ युवक-युवतियों द्वारा परिवार की मर्जी के बिना प्रेम विवाह करने के बाद 23 जनवरी को सर्वसम्मति से यह फैसला किया गया.
जिलाधिकारी मिशा सिंह ने मामले पर क्या कहा
अधिकारियों के मुताबिक संबंधित वीडियो के वायरल होने के बाद प्रशासन के एक आला अफसर को गांव में भेजकर लोगों को समझाया गया कि वे कोई भी गैरकानूनी कदम न उठाएं. जिलाधिकारी मिशा सिंह ने बताया कि वीडियो का संज्ञान लेकर इसमें नजर आ रहे लोगों की पहचान कर ली गई है. जांच में सामने आया है कि प्रेम विवाह के खिलाफ फैसले ग्राम सभा ने नहीं, बल्कि ग्रामीणों ने अपने स्तर पर लिए हैं. उन्होंने बताया कि पुलिस को संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया गया है.
प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी
लेखक के बारे में
By Amitabh Kumar
डिजिटल जर्नलिज्म में 14 वर्षों से अधिक का अनुभव है. करियर की शुरुआत Prabhatkhabar.com से की. राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर अच्छी पकड़ है. राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर गहन लेखन का अनुभव रहा है. तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विश्लेषणात्मक लेखन में विशेष रुचि है. ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग खबरों पर लगातार फोकस रहता है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




