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Lockdown 5.0/Unlock 1 Guidelines : नए लॉकडाउन में जानिए क्या खुलेगा और कब से, पढ़िए गृह मंत्रालय की पूरी गाइडलाइंस

Author : Rajneesh Anand Published by : Prabhat Khabar Updated At : 31 May 2020 12:01 AM

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Lockdown 5.0/Unlock 1 Guidelines : केंद्र सरकार ने लॉकडाउन 5 की घोषणा कर दी है. गृह मंत्रालय द्वारा जारी गाइडलाइंस के मुताबिक लॉकडाउन 5 को 1 जून से लेकर 30 जून तक रखा जाएगा. इस दौरान कंटेनमेंट जोन के बाहर रह चीज सरकार चरणबद्ध तरीके से खोलना शुरू कर देगी. इसके अलावा राज्य सरकारों को भी पूरी छूट दी गई है कि वो अपने अनुसार फैसले लें ताकि अर्थव्यवस्था को भी पटरी पर लाया जा सके. सरकार ने लॉकडाउन 5 में रहते हुए कंटेनमेंट जोन से बाहर सभी चीजें खोलने के लिए तीन चरण का जिक्र किया है. पहले चरण में पूजा स्थल, मॉल्स और रेस्टोरेंट को खोला जाएगा.

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बुजुर्ग, बच्चों और गर्भवती महिलाएं घर पर ही रहें

65 साल से ज्यादा और 10 साल से कम उम्र का कोई भी व्यक्ति, गर्भवती महिलाएं अभी भी पूरी एहतियात के साथ घर पर ही रहें. खैर जरूरी स्वास्थ्य चेकअप और सेवाओं के लिए उन्हें घर से निकलने की इजाजत होगी लेकिन पूरी सावधानियों के साथ.

ट्रेन और फ्लाइट्स के लिए पुराना नियम ही चलेगा

यात्री ट्रेन, श्रमिक स्पेशल ट्रेन, घरेलु उड़ान, इंटरनेशनल फ्लाइट्स, यात्रियों को देश विदेश लाने ले जाने के लिए सभी विशेष इंतजाम के लिए केंद्र सरकार द्वारा जारी पूर्व के नियम का ही पालन होगा.

कहीं जाने के लिए अब कोई E-Pass की जरूरत नहीं

गृह मंत्रालय के नए दिशानिर्देश के मुताबिक, अब एक से दूसरे राज्य में जाने के लिए कोई पाबंदी नहीं होगी. न ही किसी तरह के ई पास की जरूरत होगी. हालांकि सोशल डिस्टेंसिंग और कंटेनमेंट जोन वाली पा​बंदी का ख्याल रखा जाएगा.

कंटेनमेंट जोन पर सिर्फ जरूरी सेवाएं ही खोलने की इजाजत

लॉकडाउन 5 में भी लॉकडाउन 4 की ही तरह कंटेनमेंट जोन को किसी भी तरह की छूट नहीं रहेगी. यानी सिर्फ जरूरी सेवाओं के लिए ही दुकानें या आवागमन की छूट रहेगी. इसमें नियम कायदे लॉकडाउन 4 वाले ही चलेंगे.

तीसरे फेज में क्या क्या खोलने पर फैसला लेगी सरकार

नई गाइडलाइंस के मुताबिक, कोरोना संकट की देश में स्थिति का अध्ययन करने के बाद ही इंटरनेशनल फ्लाइट्स, मेट्रो रेल, सिनेमा हॉल, जिम, स्वीमिंग पूल आदि खोलने पर फैसला लेगी. तीसरे चरण में ही ये भी फैसला होगा कि पब्लिक गैदरिंग वाले फंक्शन यानी पार्टी, रैली, खेल आदि को खोला जाए या नहीं.

दूसरे चरण में स्कूल-कॉलेजों को खोलने पर होगा फैसला

लॉकडाउन 5 के रहते हुए केंद्र सरकार सभी राज्यों से स्कूल कॉलेज और संस्थान खोलने को लेकर विचार विमर्श करेगी. इसके बाद ही जुलाई से खोलने पर अंतिम फैसला लिया जाएगा. इस बीच स्वास्थ्य मंत्रालय इन्हें खोलने के लिए एक एसओपी तैयार करेगा जिसका पालन करना सभी के लिए अनिवार्य होगा.

आठ जून से क्या क्या खुल जाएंगे

>> मॉल, होटल और रेस्टॉरेंट्स को भी खोलने का फैसला किया गया है, इसके लिए सरकार चरणबद्ध तरीके से योजना बनाएगी. ये सभी आठ जून तक खुल जाएंगे.

>> सभी धार्मिक स्थल मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारे आदि भी 8 जून तक खुल जाएंगे.

>> सभी शॉपिंग मॉल्स को भी 8 जून तक खोलने का फैसला सरकार ने लिया है.

हालांकि इन सभी को खोलने के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से गाइडलाइंस जारी किया जाएगा. इन्हें पालन करना अनिवार्य होगा. इसमें सोशल डिस्टेंसिंग सहित सभी अन्य सावधानियों के बारे में बताया जाएगा.

स्कूल खोलें या न खोलें, राज्य सरकारों को लेना होगा फैसला

अब ये राज्य सरकारों को फैसला लेना है कि वे स्कूल-कॉलेज और शैक्षणिक संस्थान खोलना चाहते हैं या नहीं. लॉकडाउन 5 में मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा, चर्च आदि धार्मिक स्थल खोल दिए जाएंगे.

नाइट कर्फ्यू रहेगा लेकिन वक्त बदला गया

लॉकडाउन 5 के नए दिशानिर्देश में रात के कर्फ्यू को जारी रखा गया है. सिर्फ जरूरी चीजों की बिक्री ही रात 9 बजे के बाद हो सकेगा. उन पर कर्फ्यू का कोई नियम नहीं लगेगा. हालांकि नाइट कर्फ्यू का वक्त अब शाम 7 बजे की बजाए रात 9 बजे से सुबह 5 बजे तक रहेगा. लॉकडाउन 4 में ये शाम 7 से सुबह 7 बजे तक था.

लॉकडाउन 5.0 तो होगा लेकिन बहुत मामूली प्रतिबंध के साथ

लॉकडाउन 4.0 खत्म होने में बस आज और कल का दिन शेष है. इस बीच हर तरफ यही चर्चा है कि क्या लॉकडाउन 5.0 भी होगा? कितनी छूट मिलेगी? क्या खुलेगा क्या पाबंदी होगी? इन्हीं सवालों के इर्दगिर्द अटकलें भी चल रही हैं. वहीं केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने एक टीवी को दिए इंटरव्यू में ये इशारा कर दिया कि लॉकडाउन 5.0 तो होगा लेकिन बहुत ही मामूली प्रतिबंध के साथ. हालांकि हर कोई इसकी जानकारी विस्तार से जानना चाह रहा है. कयास लगाए जा रहे हैं कि पीएम मोदी की कल होने वाली मन की बात के बाद ही सरकार की ओर से नई गाइडलाइंस जारी किए जाएंगे…

सौ प्रतिशत कर्मचारियों के साथ काम करेंगे जूट मिल

पश्चिम बंगाल सरकार ने जूट मिलों को एक जून से 100 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ काम शुरू करने की अनुमति देने का फैसला, प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से आये एक पत्र के मद्देनजर लिया है. अधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस फैसले की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सलाहकार भास्कर खुलबे द्वारा राज्य के मुख्य सचिव राजीव सिन्हा को लिखे पत्र के बाद की. देश और दुनिया से जुड़ी हर Breaking News in Hindi से अपडेट के लिए बने रहें हमारे साथ.

खुल सकते हैं धार्मिक स्थान

ऐसी संभावना है कि अगर लॉकडाउन 5 लगा भी तो मंदिर, मस्जिद और गिरजाघर को खोल दिया जायेगा. बंगाल में तो एक जून से सभी धार्मिक स्थलों को खोला जा रहा है, लेकिन एक बार में दस से अधिक लोगों का प्रवेश वर्जित रहेगा.

खुल सकते हैं मॉल और होटल

ऐसी संभावना है कि अगर देश में लॉकडाउन 5 आता भी है तो उसमें मॉल और होटल को छूट दी जायेगी. राज्यों ने केंद्र को यह सुझाव दिया है कि वे मॉल और होटल को लॉकडाउन से छूट दे. साथ ही सिनेमा घरों को भी खोलने की योजना बनायी जा रही है, जिसके लिए गाइडलाइन तैयार हो रहे हैं.

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दिये संकेत

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कल कहा था कि अगर जरूरत हुई तो लॉकडाउन को बढ़ाया जा सकता है. उन्होंने कहा था कि जनता की सुरक्षा सर्वोपरि है.

Posted By : Rajneesh Anand

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लेखक के बारे में

By Rajneesh Anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है.पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखती हैं. झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रजनीश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2000-01 में पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने पहली नौकरी झारखंड जागरण दैनिक अखबार में की. उसके बाद इन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस तथा दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य संस्करणों में काम करने के बाद वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रजनीश आनंद की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, गहन शोध और विश्लेषणात्मक लेखन के लिए है. उनकी रुचि राजनीति, सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों में रही है। उन्होंने हमेशा उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है जो समाज के हाशिये पर खड़े लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में अपेक्षाकृत कम स्थान पाते हैं. वे कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर कार्य किया. इसके अतिरिक्त सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की. आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है. हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं. उनका मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तभी सफल होगी जब उसमें प्रभावित समुदायों की भागीदारी और हितों को केंद्र में रखा जाए.पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है. जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पड़ताल और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर लिखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है. इसके अतिरिक्त रजनीश आनंद कहानियां और कविताएं लिखने का शौक भी रखती है.

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