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सैटेलाइट से बॉर्डर पर होगी रियल टाइम निगरानी, चीन-पाकिस्तान की हरकतों पर भारत की रहेगी पैनी नजर

Updated at : 07 Mar 2021 7:54 PM (IST)
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सैटेलाइट से बॉर्डर पर होगी रियल टाइम निगरानी, चीन-पाकिस्तान की हरकतों पर भारत की रहेगी पैनी नजर

Satellite Launch Latest News Updates भारत की 28 मार्च को एक पृथ्वी अवलोकन उपग्रह का प्रक्षेपण करने की योजना है, जो उसे अपनी सीमाओं की रियल टाइम तस्वीरों को उपलब्ध करायेगा और इससे प्राकृतिक आपदाओं की त्वरित निगरानी भी की जा सकेगी. जीसैट-1 आंध्र प्रदेश के नेल्लोर जिले में श्रीहरिकोटा अंतरिक्ष केन्द्र से जीएसएलवी-एफ 10 के जरिये प्रक्षेपित किया जायेगा.

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Satellite Launch Latest News Updates भारत की 28 मार्च को एक पृथ्वी अवलोकन उपग्रह का प्रक्षेपण करने की योजना है, जो उसे अपनी सीमाओं की रियल टाइम तस्वीरों को उपलब्ध करायेगा और इससे प्राकृतिक आपदाओं की त्वरित निगरानी भी की जा सकेगी. जीसैट-1 आंध्र प्रदेश के नेल्लोर जिले में श्रीहरिकोटा अंतरिक्ष केन्द्र से जीएसएलवी-एफ 10 के जरिये प्रक्षेपित किया जायेगा.

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के एक अधिकारी ने रविवार को समाचार एजेंसी पीटीआई भाषा को बताया कि हम 28 मार्च को इस जियो इमेजिंग उपग्रह को प्रक्षेपित करना चाहते हैं. हालांकि, यह मौसम की स्थितियों पर निर्भर करेगा. यह उपग्रह 36 हजार किलोमीटर की ऊंचाई वाली कक्षा में स्थापित किया जाएगा. जीएसएलवी-एफ 10 के जरिये जीसैट-1 का प्रक्षेपण तकनीकी कारणों के चलते स्थगित कर दिया गया है. इसका प्रक्षेपण पिछले साल 5 मार्च को होने वाला था.

अंतरिक्ष विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि यह भारत के लिए कुछ मायने में महत्वपूर्ण साबित होने जा रहा है. उन्होंने कहा कि उच्च स्तर के कैमरों के साथ इस उपग्रह से भारतीय जमीन और महासागरों, विशेष रूप से इसकी सीमाओं की निरंतर निगरानी की जा सकेगी. यह प्राकृतिक आपदाओं और किसी भी अल्पकालिक घटनाओं की त्वरित निगरानी में मदद करेगा.

इसरो ने कहा कि जीसैट-1 का वजन 2268 किलोग्राम है और यह एक अत्याधुनिक पर्यवेक्षण उपग्रह है. इसरो ने 28 फरवरी को अपनी वाणिज्यिक इकाई न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड (एनसिल) के प्रथम समर्पित मिशन के तहत रविवार को ब्राजील के अमेजोनिया-1 और 18 अन्य उपग्रहों का पीएसएलवी (ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान) सी-51 के जरिए यहां श्रीहरिकोटा अंतरिक्ष केंद्र से सफल प्रक्षेपण किया था. इन 18 उपग्रहों में से पांच उपग्रह छात्रों द्वारा निर्मित हैं.

अंतरिक्ष विभाग में सचिव और इसरो के अध्यक्ष के सिवन ने पिछले सप्ताह पीटीआई भाषा से कहा था कि जिन तकनीकी मुद्दों के कारण जीसैट-1 मिशन को स्थगित कर दिया था, उसका समाधान हो गया है. कोरोना महामारी के मद्देनजर लगाए लॉकडाउन की वजह से सामान्य कामकाज प्रभावित होने से इसके प्रक्षेपण में और विलंब हुआ.

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